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नंदी के कानों में क्यों फुसफुसाते हैं भक्त? जानिए इसके पीछे की मान्यताएं
Tradition of whispering in Nandi: देशभर के अधिकतर शिव मंदिरों में भक्त अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए नंदी के कानों में फुसफुसाते हैं. क्या सच में इसके पीछे कोई धार्मिक मान्यताएं हैं या लोक परंपरा?
नंदी के कान में फुसफुसाने की धार्मिक मान्यता
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हिंदू धर्म में नंदी के कानों में अपनी इच्छा फुसफुसाने की परंपरा काफी पवित्र मानी जाती है. शिवजी के किसी भी मंदिर में भक्त नंदी के कान में धीरे से अपनी इच्छाओं को जाहिर करते हैं. आखिर ऐसा करने के पीछे क्या धार्मिक मान्यताएं हैं? आइए जानते हैं इसके बारे में.
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हिंदू परंपराओं में, नंदी को न केवल भगवान शिव का पवित्र बैल बताया गया है, बल्कि उनका शाश्वत द्वारपाल और संदेशवाहक भी कहा जाता है. भक्त नंदी के कान में फुसफुसाते हैं क्योंकि माना जाता है कि, उनके कान में बोली गई हर बात शिव जी तक पहुंचती हैं.
Published at : 08 Nov 2025 12:35 PM (IST)
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