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Premanand Maharaj: विद्यार्थी जीवन में ब्रह्मचर्य का पालन नहीं होता क्या करें ? प्रेमानंद महाराज जी ने बताएं कई अचूक उपाय
Celibacy: ब्रह्मचर्य का अर्थ है "ब्रह्म के मार्ग पर चलना. लेकिन विद्यार्थी जीवन में ब्रह्मचर्य का पालन नहीं होता है. तो प्रेमानंद महाराज ने कई उपाय बताएं है. आइए जानें विस्तार से...
विद्यार्थी जीवन में ब्रह्मचर्य का पालन नहीं होता क्या करें?
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ब्रह्मचर्य का अर्थ है "ब्रह्म के मार्ग पर चलना", जिसका पालन करने वाला व्यक्ति आत्म-संयम, अनुशासन और पवित्रता का जीवन जीता है. यह केवल यौन संयम तक सीमित नहीं है, बल्कि मन, वचन, दृष्टि और कर्म के स्तर पर भी इंद्रियों को नियंत्रित करना है ताकि पवित्र ज्ञान और आध्यात्मिक मुक्ति की खोज की जा सके. ब्रह्मचर्य के पालन से असाधारण ज्ञान, एकाग्रता और मानसिक शक्ति प्राप्त होती है.
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ब्रह्मचर्य का अर्थ है ब्रह्म के मार्ग पर चलना. यह सिर्फ यौन संयम तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मन, वचन, दृष्टि और व्यवहार पर नियंत्रण रखना भी शामिल है. ब्रह्मचर्य का पालन करने से शारीरिक और मानसिक ऊर्जा का संरक्षण होता है, जो आत्म-अनुशासन और आध्यात्मिक उन्नति के लिए सहायक होता है. अगर आप विद्यार्थी जीवन में ब्रह्मचर्य का पालन नहीं कर पाते. तो आइए प्रेमानंद महराज से जानें कुछ उपाय जो विद्यार्थी जीवन में ब्रह्मचर्य का पालन करने में मदद कर सकते हैं.
Published at : 13 Oct 2025 05:39 PM (IST)
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