एक्सप्लोरर

Baby Discipline Tips: बच्चा मारने या काटने लगे तो क्या करें? जानें 1 साल के बच्चों को अनुशासन सिखाने का सही तरीका

How To Discipline A 1 Year Old: बच्चा जब बड़ा होने लगता है, तो वह धीरे-धीरे हरकते करना शुरू कर देता है. ऐसे में मां बाप के लिए जरूरी होता है कि उसको कैसे हैंडल करना है. चलिए कुछ टिप्स बताते हैं.

Child Discipline Without Punishment: अगर आपका बच्चा या टॉडलर आपको मारने या काटने लगे, तो आप क्या करेंगे? नौ महीने की उम्र से ही बच्चों में डिसिप्लिन सिखाने का मतलब सज़ा देना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित और साफ़ सीमाएं  समझाना होता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे समय में शांत रहकर बात करना, गलत व्यवहार से ध्यान हटाना और सही व्यवहार के लिए तारीफ करना सबसे बेहतर तरीका है. एक साल के बच्चे के लिए टाइम-आउट को सही नहीं माना जाता, क्योंकि इस उम्र में समझ विकसित होने में समय लगता है और सब कुछ धैर्य और दोहराव से सिखाया जाता है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

अक्सर नए माता-पिता इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि क्या एक साल के बच्चे को डिसिप्लिन सिखाया जा सकता है या नहीं. इस पर बोर्ड-सर्टिफाइड पीडियाट्रिशियन और दो बच्चों की मां Dr. Mona ने सोशल मीडिया पर अपने एक पोस्ट में बताया कि हां, डिसिप्लिन इस उम्र में भी ज़रूरी है. हालांकि, ज्यादातर लोग डिसिप्लिन को सजा से जोड़कर देखते हैं, जबकि असल में ऐसा नहीं है. डिसिप्लिन का मतलब होता है बच्चे को यह समझाना कि क्या सही है और क्या नहीं.

डॉ. मोना बताती हैं कि डिसिप्लिन की शुरुआत नौ महीने की उम्र से हो सकती है. जैसे जब बच्चा 9 से 10 महीने में खाना नीचे फेंकने लगे या खेल-खेल में हाथ मारने की कोशिश करे. भले ही यह सब मजाक में हो, लेकिन यही वो समय है जब माता-पिता को प्यार से अपनी सीमा तय करनी चाहिए और बच्चे को बताना चाहिए कि यह व्यवहार ठीक नहीं है. उनका कहना है कि डिसिप्लिन का मतलब सज़ा देना बिल्कुल नहीं है. यह बच्चों के लिए सुरक्षित और लगातार अपनाई जाने वाली सीमाएं तय करने का तरीका है, जिससे उन्हें यह समझ आए कि कौन-सा व्यवहार पसंद किया जाता है. बच्चों को सज़ा देने के बजाय उन्हें सही रास्ता दिखाना ज्यादा फायदेमंद होता है.

टॉडलर्स के मामले में वह सलाह देती हैं कि जिन हरकतों को आप रोकना चाहते हैं, उन पर बहुत ज्यादा रिएक्शन न दें. शांति से लेकिन साफ शब्दों में सीमा बताएं और उनका ध्यान उस काम की तरफ मोड़ें जो वे कर सकते हैं. जैसे कहना, “हम खाना फेंकते नहीं हैं, हम खाना खाते हैं” और खुद भी खाने का तरीका दिखाएं.  या फिर “हम मारते नहीं हैं, हल्के से छूते हैं” और बच्चे को प्यार से छूकर दिखाएं.

 
 
 
 
 
View this post on Instagram
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

A post shared by Dr. Mona | Pediatrician | Child Development✨Health✨Parenting (@pedsdoctalk)

बच्चे की तारीफ जरूर करें

जब बच्चा सही व्यवहार करे, तो उसकी तारीफ जरूर करें, क्योंकि बच्चे वही दोहराते हैं, जिस पर उन्हें ध्यान और सराहना मिलती है. एक साल के बच्चे के लिए टाइम-आउट ज्यादा असरदार नहीं होता, क्योंकि वह यह नहीं समझ पाते कि उन्हें कोने में क्यों खड़ा किया गया है. टाइम-आउट बड़े बच्चों में, यानी दो साल से ऊपर की उम्र में, तब इस्तेमाल किया जा सकता है जब बाकी तरीके काम न करें. अगर आपका बच्चा एक साल के आसपास है, तो डॉ. मोना कुछ आसान सुझाव देती हैं कि गलत व्यवहार पर बहुत ज़्यादा प्रतिक्रिया न दें, बच्चे को सही व्यवहार दिखाएं और जब वह सही करे तो उसकी सराहना करें. अगर वह फिर भी गलत व्यवहार दोहराए, तो शांति से सीमा बताएं और उस पर अमल करें। जैसे, “अगर तुम खाना फेंकोगे, तो मैं उसे हटा लूंगी.”

ये भी पढ़ें: ये हैं दुनिया की सबसे अजीब-ओ-गरीब बीमारियां, इनसे जूझने वालों की हालत सुनकर उड़ जाएंगे होश

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

गुरमीत राम रहीम केस: सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, 'हम जानते हैं कि राज्य सरकार...'
गुरमीत राम रहीम केस: सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, 'हम जानते हैं कि राज्य सरकार...'
'आओ न डरो मत, राहुल गांधी बस थोड़ी सी धुलाई करेंगे', संजय राउत ने PM मोदी पर साधा निशाना
'आओ न डरो मत, राहुल गांधी बस थोड़ी सी धुलाई करेंगे', संजय राउत ने PM मोदी पर साधा निशाना
श्रीलंका में 12 खिलाड़ी करेंगे डेब्यू, ये गजब का फैक्ट आपके होश उड़ा देगा
श्रीलंका में 12 खिलाड़ी करेंगे डेब्यू, ये गजब का फैक्ट आपके होश उड़ा देगा
AR Rahmaan के बेटे ए आर अमीन की गाड़ी का हुआ एक्सीडेंट, बाल-बाल बची जान
ए आर रहमान के बेटे ए आर अमीन की गाड़ी का हुआ एक्सीडेंट, बाल-बाल बची जान

वीडियोज

Assam Flood Crisis: असम में बाढ़ का तांडव, 98 मौतें, समय रैनाने भेजे 10 लाख, अब CM वापस लेंगे FIR?
Sansani: बेवफा बीवी की तेजाबी साजिश
Romana Isar Khan | Janhit: मीटिंग-मीटिंग की 'सेटिंग' से संदेह बढ़ा? | Jharkhand Student Protest
Bareilly Ke Bacchan: 😯Sangam की बल्लेबाज़ी और ससुर की गेंदबाजी, पहली गेंद पर टूटा बैट छूटी हंसी #sbs
Govinda संग Komal Rani Swarnkar हुईं स्पॉट, 4 साल की Dating Rumours फिर चर्चा में

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
गुरमीत राम रहीम केस: सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, 'हम जानते हैं कि राज्य सरकार...'
गुरमीत राम रहीम केस: सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, 'हम जानते हैं कि राज्य सरकार...'
'आओ न डरो मत, राहुल गांधी बस थोड़ी सी धुलाई करेंगे', संजय राउत ने PM मोदी पर साधा निशाना
'आओ न डरो मत, राहुल गांधी बस थोड़ी सी धुलाई करेंगे', संजय राउत ने PM मोदी पर साधा निशाना
श्रीलंका में 12 खिलाड़ी करेंगे डेब्यू, ये गजब का फैक्ट आपके होश उड़ा देगा
श्रीलंका में 12 खिलाड़ी करेंगे डेब्यू, ये गजब का फैक्ट आपके होश उड़ा देगा
AR Rahmaan के बेटे ए आर अमीन की गाड़ी का हुआ एक्सीडेंट, बाल-बाल बची जान
ए आर रहमान के बेटे ए आर अमीन की गाड़ी का हुआ एक्सीडेंट, बाल-बाल बची जान
कर्नाटक कैबिनेट पर बवाल, संकट में डीके शिवकुमार फिर करेंगे फेरबदल?
कर्नाटक कैबिनेट पर बवाल, संकट में डीके शिवकुमार फिर करेंगे फेरबदल?
'पाकिस्तानी ने कहा नरेंद्र नाम से नफरत', बॉक्सर की बात सुन हंस पड़े PM मोदी
'पाकिस्तानी ने कहा नरेंद्र नाम से नफरत', बॉक्सर की बात सुन हंस पड़े PM मोदी
Relationship Possessiveness: रिश्ता होते ही क्यों पजेसिव हो जाती हैं लड़कियां, समझिए इसका साइंस
रिश्ता होते ही क्यों पजेसिव हो जाती हैं लड़कियां, समझिए इसका साइंस
How to Control Brinjal Pests: बैंगन में कीड़े लग रहे हैं? घर पर ही बनाएं इसकी दवा
बैंगन में कीड़े लग रहे हैं? घर पर ही बनाएं इसकी दवा
Embed widget