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भगवान का बीमार होना और मौसी के घर जाना, जानें भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा से जुड़ी दिलचस्प बातें
Jagannath Rath Yatra 2025: भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा सिर्फ एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और भक्ति का अद्भुत संगम है. पढ़ें दिलचस्प तथ्य, जो इस यात्रा को और भी खास बनाते हैं.
देश के कई राज्यों में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का शुभारंभ हो गया है. मान्यता है कि इस विशेष अवसर पर भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ नगर भ्रमण पर निकलते हैं.
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ओडिशा के पुरी की यात्रा सबसे बड़ी होती है. ओडिशा के पुरी से शुरू हुई यह जगन्नाथ यात्रा गुंडिचा मंदिर तक जाएगी. यह यात्रा 12 दिनों तक चलेगी. इसका समापन 15 जुलाई को नीलाद्रि विजय के साथ होगा, जब भगवान अपने मूल मंदिर लौटेंगे.
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रथ यात्रा से पहले भगवान जगन्नाथ को 108 कलशों से स्नान कराया जाता है, जिसके बाद उन्हें 'बीमार' मानकर 15 दिन तक विश्राम कराया जाता है. इस दौरान मंदिर में उनकी जगह अलारनाथ जी की पूजा होती है.
Published at : 27 Jun 2025 01:44 PM (IST)
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