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Postpartum Depression: डिलीवरी के बाद हर 8वीं महिला को ये खतरनाक बीमारी, जानें क्या करें, क्या नहीं
पोस्टमार्टम डिप्रेशन एक गंभीर मूड से जुड़ा डिसऑर्डर है, जो डिलीवरी के बाद एक साल के अंदर देखा जाता है. आंकड़ें बताते हैं कि हर 8 में से एक महिला इस समस्या से जूझती है.
पोस्टपर्टम डिप्रेशन प्रेगनेंसी के दौरान या बच्चे के जन्म के एक साल बाद तक शुरू हो सकती है. यह एक मानसिक बीमारी है जो सोचने, महसूस करने या काम करने के तरीके को नकारात्मक तौर से प्रभावित करती है.
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प्रेगनेंसी और डिलीवरी दोनों ही किसी महिला के लिए काफी चुनौतियों भरा होता है. किसी महिला को जितनी समस्याएं प्रेगनेंसी के 9 महीने में होती है,उससे भी ज्यादा बच्चे के जन्म के बाद हो सकती है. इसलिए हेल्थ एक्सपर्ट्स मां को विशेष सावधानी बरतने की सलाह देते हैं. गर्भावस्था के बाद कई महिलाओं को डिप्रेशन की समस्या होती है.
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रिपोर्ट्स के अनुसार, हर 8 में से एक महिला को पोस्टपर्टम डिप्रेशन (Postpartum Depression) की समस्या होती है. इसका खतरा पिछले कुछ सालों में ज्यादा बढा है. ऐसे में आइए जानते हैं इस कंडीशन के बारें में...
Published at : 27 Oct 2024 05:53 PM (IST)
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