उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ क्यों अलग पार्टी बनाने की पड़ी जरूरत? शिंदे गुट के दीपक केसरकर का बड़ा खुलासा
Maharashtra News: दीपक केसरकर ने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस हमेशा से वीर सावरकर विरोधी रही है. ऐसे में कांग्रेस का समर्थन करने वाली शिवसेना यूबीटी को जनता ने पिछले चुनावों में घर बैठा दिया.

महाराष्ट्र में चुनावी सरगर्मियों के बीच शिवसेना के विधायक और पूर्व मंत्री दीपक केसरकर ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे के विचारों पर चलने वाली शिवसेना कभी भी कांग्रेस के विचारों से सहमत नहीं हो सकती. उन्होंने कहा कि यही कारण है कि कांग्रेस का साथ छोड़कर महायुति की सरकार बनाई गई. बीजेपी और शिवसेना की विचारधारा हिंदुत्व की है और इसी वजह से महायुति मजबूती से कायम है.
'वीर सावरकर विरोधी है कांग्रेस'
शिवसेना नेता दीपक केसरकर ने साफ शब्दों में ये भी कहा कि कांग्रेस हमेशा से वीर सावरकर विरोधी रही है. ऐसे में कांग्रेस का समर्थन करने वाली शिवसेना यूबीटी को जनता ने पिछले चुनावों में घर बैठा दिया. उन्होंने यह भी कहा कि वीर सावरकर का सबसे अधिक अपमान राहुल गांधी ने किया है और उद्धव ठाकरे की पार्टी उसी विचारधारा के साथ खड़ी है.
'बीजेपी अनैतिक युति को नहीं देगी महत्व'
प्रेस के माध्यम से दीपक केसरकर ने उम्मीद जताई कि महायुति गठबंधन की सहयोगी पार्टी बीजेपी अनैतिक युति को कोई महत्व नहीं देगी. वहीं शिवसेना की ओर से अंबरनाथ को लेकर जो प्रस्ताव दिया गया है, उस पर बीजेपी सकारात्मक रूप से विचार करेगी, ऐसा विश्वास उन्होंने व्यक्त किया.
श्रीकांत शिंदे की बीजेपी से कार्रवाई की मांग
वहीं अंबरनाथ में कांग्रेस और अकोट में एमआईएम के साथ बीजेपी के गठबंधन को लेकर पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल पर शिवसेना के सांसद डॉ श्रीकांत शिंदे ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस गठबंधन के बारे में बीजेपी के नेताओं से ही पूछा जाना चाहिए. जिस कांग्रेस के विरोध में बीजेपी और शिवसेना वर्षों से लड़ती रही हैं, उसी कांग्रेस के साथ बीजेपी के स्थानीय नेताओं ने सत्ता के लालच में गठबंधन किया है. यह पूरी तरह गलत है और इस मामले में बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं को कड़ा एक्शन लेना चाहिए.
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