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40 के बाद हड्डियों की ताकत वापस लाएं! ये काम बनाएगा हड्डियों को लोहे जैसा मजबूत
अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यही कमजोरी आगे चलकर ऑस्टियोपेनिया और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों का रूप ले सकती है, जिसमें हड्डियां अंदर से खोखली और टूटने के कगार पर पहुंच जाती हैं.
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं. 40 की उम्र पार करते ही बहुत से लोगों को जोड़ों में दर्द, जल्दी थकान, कमर दर्द और हड्डियों की कमजोरी महसूस होने लगती है. इसका सबसे बड़ा कारण शरीर में कैल्शियम, विटामिन D और हार्मोनल संतुलन की कमी है. अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यही कमजोरी आगे चलकर ऑस्टियोपेनिया और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों का रूप ले सकती है, जिसमें हड्डियां अंदर से खोखली और टूटने के कगार पर पहुंच जाती हैं. अच्छी बात यह है कि सही खानपान, व्यायाम और लाइफस्टाइल अपनाकर 40 के बाद भी हड्डियों को फिर से मजबूत बनाया जा सकता है.
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40 की उम्र के बाद शरीर नई हड्डियों का निर्माण धीमा कर देता है. इस उम्र में एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन जैसे हार्मोन कम होने लगते हैं, पुरानी हड्डियों की कोशिकाएं ज्यादा टूटती हैं. नई कोशिकाएं उतनी तेजी से नहीं बन पातीं हैं. इसका नतीजा यह होता है कि हड्डियों की डेंसिटी कम होने लगता है और हड्डियां हल्की, कमजोर हो जाती हैं.
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कैल्शियम हड्डियों की मजबूती की नींव है. अगर शरीर में इसकी कमी हो जाए तो हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, दांतों की पकड़ ढीली हो सकती है, जोड़ों में दर्द और अकड़न बढ़ जाती है. 40 के बाद रोजाना कम से कम 1000 mg कैल्शियम और 1000 IU विटामिन D की जरूरत होती है, ताकि शरीर कैल्शियम को सही तरीके अबर्जाब कर सके.
Published at : 02 Jan 2026 11:23 AM (IST)
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