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इमरजेंसी में ChatGPT कितना सुरक्षित? रिसर्च ने जताई चिंता, जानें AI की सीमाएं
हाल ही में प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल Nature Medicine में प्रकाशित एक अध्ययन ने chatgpt की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं.
आजकल स्वास्थ्य से जुड़े सवालों के लिए लोग तेजी से एआई टूल्स का यूज कर रहे हैं. OpenAI का लॉन्च किया गया ChatGPT Health भी ऐसा ही एक टूल है, जिसे आम लोगों को सामान्य स्वास्थ्य जानकारी देने के लिए बनाया गया है, लेकिन हाल ही में प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल Nature Medicine में प्रकाशित एक अध्ययन ने इसकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. यह रिसर्च Icahn School of Medicine at Mount Sinai के डॉक्टर अश्विन रामास्वामी और उनकी टीम ने की,तो आइए जानते हैं कि इस रिसर्च में क्या सामने आया और AI की सीमाएं क्या हैं.
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शोधकर्ताओं ने डॉक्टरों की मदद से 60 अलग-अलग मेडिकल केस तैयार किए. इनमें दिल की बीमारी, सांस की दिक्कत, मानसिक स्वास्थ्य संकट और मेटाबॉलिक रोग जैसी 21 तरह की बीमारियां शामिल थीं. हर केस को 16 अलग-अलग परिस्थितियों में जांचा गया. कुल मिलाकर AI से 960 जवाब लिए गए. मकसद यह देखना था कि क्या ChatGPT सही तरीके से बता सकता है कि मरीज को तुरंत इमरजेंसी में जाना चाहिए या कुछ समय बाद डॉक्टर को दिखाना ठीक रहेगा.
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रिसर्च में पता चला कि AI ने आधे से ज्यादा गंभीर इमरजेंसी मामलों को कम खतरनाक बताया. करीब 52 प्रतिशत मामलों में जहां तुरंत अस्पताल जाना जरूरी था, वहां AI ने कम जरूरी इलाज की सलाह दी. डायबिटीज की जानलेवा स्थिति (कीटोएसिडोसिस), सांस रुकने का खतरा और अन्य गंभीर आपात स्थितियां. ऐसे मामलों में देरी मरीज के लिए जानलेवा हो सकती है.
Published at : 28 Feb 2026 07:04 AM (IST)
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