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Circadian Rhythm: दिन है या रात...हमारे शरीर को कैसे पता चलता है, क्या बॉडी के अंदर भी होती है कोई घड़ी?
Circadian Rhythm: दिन हो या रात हमारे शरीर को ये बात तुरंत पता चल जाती है. इसके पीछे शरीर में एक बॉडी क्लॉक होती है, जो सब कुछ बैलेंस करने में मदद करती है. वहीं एक हार्मोन का भी असर होता है.
Circadian Rhythm: क्या आपने कभी ये सोचा है कि हमें ये कैसे पता चलता है कि अब दिन हो गया है या फिर रात. इसके लिए भी हमारी बॉडी संकेत देती है और हमें अलर्ट करती है. यही वजह है कि जब काम की डेडलाइन हमें रातभर जगाकर रखती है, तो हमारा स्लीपिंग साइकल और बॉडी क्लॉक बहुत प्रभावित होता है. एक बार बॉडी क्लॉक में हुई गड़बड़ी कब सही होगी ये बता पाना बहुत मुश्किल होता है. हमारा शरीर एक मशीन की तरह काम करता है और इस मशीन में एक घड़ी होती है, जिसके जरिए शरीर को दिन और रात का पता चल जाता है. चलिए जानते हैं कि इस घड़ी को क्या कहते हैं.
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हमारा शरीर पूरा दिन एक मशीन की तरह से काम करता है और एक वक्त पर इसको आराम करने की जरूरत होती है. बिल्कुल उसी तरह से जैसे कोई काम करती है और एक वक्त पर उसको बंद करना पड़ेगा, नहीं तो उसमें गड़बड़ी आ जाएगी.
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ये शरीर भी वैसा ही है. हमारी बॉडी में एक सरकेडियन रिदम नाम से एक प्रक्रिया काम करती है. सरकेडियन एक लैटिन फ्रेड सरका डायम से मिलकर बना है, जिसका मतलब होता है पूरे दिनभर में.
Published at : 11 Mar 2025 07:01 AM (IST)
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