बच्चे के नाम पर इस योजना में हर महीने डालें 1000 रुपये, 60 साल बाद मिलेंगे 11.57 करोड़
NPS Vatsalya Yojana: बच्चे के नाम पर हर महीने 1000 रुपये निवेश करने से लाॅन्ग टर्म में 11.57 करोड़ का एक बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है. जो उनके भविष्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगा.

NPS Vatsalya Yojana: अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा बड़े होकर पैसों की चिंता से दूर रहे. तो आज से ही उसकी फाइनेंशियल जर्नी शुरू करना सबसे समझदारी भरा कदम है. सिर्फ 1000 रुपये महीने की छोटी शुरुआत लाॅन्ग टर्म में बड़ा फर्क डाल सकती है. NPS वत्सल्य योजना के जरिए नवजात से लेकर 18 साल तक के बच्चों के नाम पर अकाउंट खोला जा सकता है.
और माता-पिता या कानूनी अभिभावक इसे ऑपरेट कर सकते हैं. इस योजना में किया गया निवेश कंपाउंडिंग की मदद धीरे-धीरे बड़े कॉर्पस में बदल जाता है. इससे बच्चे का भविष्य आर्थिक तौर पर सुरक्षित और मजबूत बनता है आप योजना में 1000 रुपये निवेश करके 11.57 करोड़ इक्ट्ठे कर सकते हैं.
कैसे जमा होंगे 11.57 करोड़?
आप NPS वात्सल्य योजना में हर महीने 1000 रुपये जमा करके निवेश शुरू करते हैं. अगर बच्चे की जन्म के बाद से यह निवेश चालू किया जाए और लगातार 60 साल तक चलता रहे तो कुल जमा राशि केवल 7.20 लाख रुपये होगी. लेकिन कंपाउंडिंग से काफी फायदा होगा.
लंबे समय तक निवेश पर सालाना औसतन 14 प्रतिशत रिटर्न मिलने पर पैसा सिर्फ जमा रकम पर नहीं बल्कि उस पर बने ब्याज पर भी बढ़ता है. शुरुआती सालों में ग्रोथ धीमी लगती है. लेकिन 20–25 साल बाद तेजी पकड़ती है. इसलिए 60 साल बाद कुल फंड लगभग 11.57 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.
कैसे काम करेगी कंपाउंडिंग?
कंपाउंडिंग का मतलब है कि आपके डाले गए पैसे पर मिलने वाला ब्याज भी अगले साल बढ़ने लगता है. जैसे जैसे समय बढ़ता है. ब्याज की मात्रा भी बड़ी होती जाती है. शुरुआती सालों में ग्रोथ धीमी लगती है. लेकिन लाॅन्ग टर्म में यह पैसा तेजी से बढ़ने लगता है.
उदाहरण के लिए कुल जमा 7.20 लाख रुपये सिर्फ आपके योगदान से आए लेकिन समय और रिटर्न की वजह से यह 11.57 करोड़ बन गया. यही वजह है कि बच्चे के जन्म के समय निवेश शुरू करना सबसे सही रणनीति है. क्योंकि जितना ज्यादा टाइम उतनी ज्यादा फाइनेंशियल ग्रोथ में दिखती है.
योजना में मिलती हैं यह सुविधाएं
NPS वात्सल्य योजना में जरूरत पड़ने पर पार्शियस निकासी की सुविधा भी है. खाता खुलने के तीन साल बाद पढ़ाई, मेडिकल या इमरजेंसी के लिए जमा राशि का 25 प्रतिशत तक निकाला जा सकता है. 18 साल से पहले दो बार और 18–21 साल के बीच दो बार यह सुविधा मिलती है.
18 साल के बाद बच्चा खाता खुद चला सकता है या रेगुलर NPS में शिफ्ट कर सकता है. 21 साल पर एक्सिट लेने पर कम से कम 80 प्रतिशत रकम पेंशन में लगानी होती है. बाकी 20 प्रतिशत लंप‑सम मिल सकता है. यह योजना बच्चे के लिए लंबी अवधि का मजबूत फाइनेंशियल फाउंडेशन तैयार करती है और छोटे निवेश से बड़े सपने पूरे करने का रास्ता खोलती है.
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Source: IOCL



























