एक्सप्लोरर

किन-किन देशों को शराब बेचेगा पाकिस्तान, जानें 50 साल बाद क्यों लिया गया यह फैसला?

Pakistan Alcohol Export: पाकिस्तान ने 50 साल बाद शराब निर्यात का दरवाजा खोला है. यह फैसला धार्मिक सोच से ज्यादा आर्थिक मजबूरी की कहानी कहता है. आइए जानें कि पाकिस्तान किन देशों को शराब बेचेगा.

Pakistan Alcohol Export: पाकिस्तान ने 50 साल बाद शराब निर्यात का दरवाजा खोला है. यह फैसला धार्मिक सोच से ज्यादा आर्थिक मजबूरी की कहानी कहता है. आइए जानें कि पाकिस्तान किन देशों को शराब बेचेगा.

जिस देश में शराब पीना और बेचना कानूनन सख्त पाबंदियों में आता हो, वहां अगर सालों के बाद शराब के लिए नियम बदल जाएं और बोतलें विदेश भेजी जाने लगें तो यह खबर चौंकाती जरूर है. पाकिस्तान में कुछ ऐसा ही हुआ है. वहां 50 साल से ज्यादा समय बाद ऐसा फैसला लिया गया है, जिसने न सिर्फ धार्मिक और सामाजिक बहस को हवा दी है, बल्कि आर्थिक मजबूरी की तस्वीर भी साफ कर दी है. सवाल यही है कि पाकिस्तान ने अब यह रास्ता क्यों चुना और शराब किन देशों तक पहुंचेगी?

1/7
पाकिस्तान की सबसे पुरानी शराब कंपनी मरी ब्रूअरी को सरकार की ओर से विदेश में शराब निर्यात करने की मंजूरी मिल गई है. करीब पांच दशक बाद लिया गया यह फैसला पाकिस्तान के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है. मंजूरी मिलने के बाद रावलपिंडी में स्थित कंपनी की फैक्ट्री में उत्पादन तेज कर दिया गया है.
पाकिस्तान की सबसे पुरानी शराब कंपनी मरी ब्रूअरी को सरकार की ओर से विदेश में शराब निर्यात करने की मंजूरी मिल गई है. करीब पांच दशक बाद लिया गया यह फैसला पाकिस्तान के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है. मंजूरी मिलने के बाद रावलपिंडी में स्थित कंपनी की फैक्ट्री में उत्पादन तेज कर दिया गया है.
2/7
शराब की बोतलों और कैन से भरा गोदाम मुस्लिम बहुल पाकिस्तान में एक अलग ही तस्वीर पेश करता है, जहां शराब पर सख्त सामाजिक और कानूनी बंदिशें हैं. मरी ब्रूअरी की शुरुआत साल 1860 में ब्रिटिश भारत के दौर में हुई थी. उस समय यह कंपनी ब्रिटिश सैनिकों और औपनिवेशिक समुदाय की जरूरतों के लिए शराब बनाती थी.
शराब की बोतलों और कैन से भरा गोदाम मुस्लिम बहुल पाकिस्तान में एक अलग ही तस्वीर पेश करता है, जहां शराब पर सख्त सामाजिक और कानूनी बंदिशें हैं. मरी ब्रूअरी की शुरुआत साल 1860 में ब्रिटिश भारत के दौर में हुई थी. उस समय यह कंपनी ब्रिटिश सैनिकों और औपनिवेशिक समुदाय की जरूरतों के लिए शराब बनाती थी.
3/7
1947 में पाकिस्तान बनने के बाद हालात बदले और धीरे-धीरे शराब पर नियम सख्त होते चले गए. जुल्फिकार अली भुट्टो के कार्यकाल में शराब पर लगभग पूरी तरह रोक लगा दी गई, लेकिन इसके बावजूद मरी ब्रूअरी सीमित दायरे में काम करती रही.
1947 में पाकिस्तान बनने के बाद हालात बदले और धीरे-धीरे शराब पर नियम सख्त होते चले गए. जुल्फिकार अली भुट्टो के कार्यकाल में शराब पर लगभग पूरी तरह रोक लगा दी गई, लेकिन इसके बावजूद मरी ब्रूअरी सीमित दायरे में काम करती रही.
4/7
इस कंपनी को इस्फान्यार भंडारा चला रहे हैं, जो पारसी समुदाय से आते हैं. वह अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी के कारोबारी हैं. इस्फान्यार भंडारा पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के सदस्य भी रह चुके हैं.
इस कंपनी को इस्फान्यार भंडारा चला रहे हैं, जो पारसी समुदाय से आते हैं. वह अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी के कारोबारी हैं. इस्फान्यार भंडारा पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के सदस्य भी रह चुके हैं.
5/7
फिलहाल मरी ब्रूअरी ने जापान, ब्रिटेन और पुर्तगाल में टेस्ट शिपमेंट भेजनी शुरू कर दी है. कंपनी का कहना है कि अभी उनका मकसद तुरंत मुनाफा कमाना नहीं है, बल्कि यह समझना है कि विदेशी बाजार कैसे काम करता है और वहां ब्रांड को पहचान कैसे मिल सकती है.
फिलहाल मरी ब्रूअरी ने जापान, ब्रिटेन और पुर्तगाल में टेस्ट शिपमेंट भेजनी शुरू कर दी है. कंपनी का कहना है कि अभी उनका मकसद तुरंत मुनाफा कमाना नहीं है, बल्कि यह समझना है कि विदेशी बाजार कैसे काम करता है और वहां ब्रांड को पहचान कैसे मिल सकती है.
6/7
पाकिस्तान में शराब के विज्ञापन पर पूरी तरह रोक है, इसलिए विदेशी बाजार कंपनी के लिए पहचान बनाने का अहम मौका बन सकता है. मरी ब्रूअरी की फैक्ट्री रावलपिंडी में स्थित है और खास बात यह है कि यह पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसीम मुनीर के आधिकारिक आवास के ठीक सामने है.
पाकिस्तान में शराब के विज्ञापन पर पूरी तरह रोक है, इसलिए विदेशी बाजार कंपनी के लिए पहचान बनाने का अहम मौका बन सकता है. मरी ब्रूअरी की फैक्ट्री रावलपिंडी में स्थित है और खास बात यह है कि यह पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसीम मुनीर के आधिकारिक आवास के ठीक सामने है.
7/7
यह इलाका देश के सबसे सुरक्षित क्षेत्रों में गिना जाता है. यानी शराब बनाने वाली यह फैक्ट्री बेहद कड़ी सुरक्षा के बीच काम करती है, जो अपने आप में एक दिलचस्प विरोधाभास है.
यह इलाका देश के सबसे सुरक्षित क्षेत्रों में गिना जाता है. यानी शराब बनाने वाली यह फैक्ट्री बेहद कड़ी सुरक्षा के बीच काम करती है, जो अपने आप में एक दिलचस्प विरोधाभास है.

जनरल नॉलेज फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

पैलेट गन में कितने तरह के कारतूस लग सकते हैं, कौन सा होता है सबसे ज्यादा खतरनाक?
पैलेट गन में कितने तरह के कारतूस लग सकते हैं, कौन सा होता है सबसे ज्यादा खतरनाक?
India Road Accidents: भारत में हर दिन सड़क हादसे में चली जाती है इतने लोगों की जान, आंकड़ा सुनकर नहीं होगा यकीन
भारत में हर दिन सड़क हादसे में चली जाती है इतने लोगों की जान, आंकड़ा सुनकर नहीं होगा यकीन
Monsoon Session 2026: राज्यसभा के एक सेशन में कितने रुपये होते हैं खर्च, जानें कार्यवाही स्थगित होने पर कितना नुकसान?
राज्यसभा के एक सेशन में कितने रुपये होते हैं खर्च, जानें कार्यवाही स्थगित होने पर कितना नुकसान?
National Emergency India: 1975 की तरह देश में इमरजेंसी लगाना अब क्यों है असंभव, जानें सरकार के लिए कितना कठिन होगा यह फैसला?
1975 की तरह देश में इमरजेंसी लगाना अब क्यों है असंभव, जानें सरकार के लिए कितना कठिन होगा यह फैसला?

वीडियोज

Ishqnama Review: Shehnaaz Gill और Jai Randhhawa की दिल छू लेने वाली लव स्टोरी
The India Story Review: खाने और सेहत पर बड़ा सवाल उठाती Shreyas Talpade की फिल्म
Bollywood News: युवा सड़कों पर, स्टार्स अपने स्वैग में, ट्रोल्स बोले—
Udne ki Asha: Renuka को चौखट पर देख हक्के-बक्के रहे Sachin-Sailee, बीते दुखों की यादें ताजा
Badshah-Isha Rikhi के Viral Post ने बढ़ाई हलचल, क्या शादी में सब कुछ ठीक नहीं?

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
‘धिक्कार है ऐसे देश पर जिसमें...’, सोनम वांगचुक ने Video जारी कर बताया क्यों तोड़ा 26वें दिन अनशन
‘धिक्कार है ऐसे देश पर जिसमें...’, सोनम वांगचुक ने Video जारी कर बताया क्यों तोड़ा 26वें दिन अनशन
CJP की मांग पर रामदास अठावले का बड़ा बयान, 'धर्मेंद्र प्रधान अगर इस्तीफा भी दे देते हैं तो...'
CJP की मांग पर रामदास अठावले का बड़ा बयान, 'धर्मेंद्र प्रधान अगर इस्तीफा भी दे देते हैं तो...'
सोनम वांगचुक ने अनशन तोड़ा तो हुए ट्रोल, पत्नी गीतांजलि ने गुस्से में कहा-  थोड़ी तो इंसानियत...
सोनम वांगचुक ने अनशन तोड़ा तो हुए ट्रोल, पत्नी गीतांजलि ने गुस्से में कहा- थोड़ी तो इंसानियत...
Friday BO Collection Updates: 50 करोड़ के पार 'जन नायकन', जानें 'द ओडिसी' और 'धमाल 4' समेत सभी फिल्मों का हाल
50 करोड़ के पार 'जन नायकन', जानें 'द ओडिसी' और 'धमाल 4' समेत सभी फिल्मों का हाल
कब तक टीम इंडिया के कोच रहेंगे गौतम गंभीर? BCCI के साथ कॉन्ट्रैक्ट में सिर्फ इतने महीने बाकी
कब तक टीम इंडिया के कोच रहेंगे गौतम गंभीर? BCCI के साथ कॉन्ट्रैक्ट में सिर्फ इतने महीने बाकी
Explained: AAP, कांग्रेस, बीजेपी या कोई और! CJP के राजनीति में आने से किसे सबसे ज्यादा खतरा?
AAP, कांग्रेस, बीजेपी या कोई और! CJP के राजनीति में आने से किसे ज्यादा खतरा?
‘इंस्टाग्राम पर रहें एक्टिव, रील्स बनाकर करें पोस्ट और...’, कैबिनेट बैठक में PM मोदी की मंत्रियों को सलाह
‘इंस्टाग्राम पर रहें एक्टिव, रील्स बनाकर करें पोस्ट और...’, कैबिनेट बैठक में PM मोदी की मंत्रियों को सलाह
पुलिस की बस, अंदर प्रदर्शनकारी और सामने फौलादी हौसलों के साथ खड़ी लड़की…, कौन है चर्चा में आयी ये ग्रे हुडी गर्ल
पुलिस की बस, अंदर प्रदर्शनकारी और सामने फौलादी हौसलों के साथ खड़ी लड़की…, कौन है ये ग्रे हुडी गर्ल
Embed widget