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ना गुलाब डलता है ना ही जामुन, फिर कैसे पड़ा गुलाब जामुन का नाम?
गुलााब जामुन भला किसे पसंद नहीं होते, लेकिन कभी आपके मन में इसके नाम को लेकर ये खयाल आया है कि न ही इसमें गुलाब डलता है और न ही इसका कोई संबंध जामुन से है तो फिर इसका नाम गुलाब जामुन कैसे पड़ गया?
भारत में कोई त्योहार हो या फिर शादी-पार्टी, गुलाब जामुन हर जगह की शान होती है. ये एक ऐसी मिठाई है जो लगभग सभी को पसंद आती है, लेकिन इसे लेकर एक सवाल भी है.
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जी हां, सवाल ये है कि इस मिठाई में न ही गुलाब डाला जाता है. न ही इसे बनाते समय जामुन का कोई इस्तेमाल होता है. तो फिर इसका नाम गुलाब जामुन कैसे पड़ गया? चलिए आज इस पहेली की गुत्थी सुलझाते हैं.
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दरअसल इसके पीछे बेहद ही दिलचस्प कहानी है. गुलाब शब्द फारसी भाषा से लिया गया है. जिसमें 'गुल' का अर्थ होता है फूल और 'आब' का अर्थ होता है पानी, यानी गुलाब का मतलब है फूलों का पानी. जब इस मिठाई को बनाया जाता है तो इसे गुलाब जल मिलाई हुई चाशनी में डुबोया जाता है. इसीलिए इसका नाम 'गुलाब' पड़ा.
Published at : 29 Nov 2024 06:48 AM (IST)
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