एक्सप्लोरर

बैलेस्टिक, एंटी-बैलेस्टिक, क्रूज और हाइपरसोनिक... कितने तरीके की होती हैं मिसाइल, जान लीजिए काम

बैलिस्टिक मिसाइल लंबी दूरी तक हमला करने के लिए बनाई जाती है. इन्हें लॉन्च करने के बाद यह पृथ्वी के वायुमंडल से बाहर चली जाती है और फिर गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में लक्ष्य की ओर गिरती है.

बैलिस्टिक मिसाइल लंबी दूरी तक हमला करने के लिए बनाई जाती है. इन्हें लॉन्च करने के बाद यह पृथ्वी के वायुमंडल से बाहर चली जाती है और फिर गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में लक्ष्य की ओर गिरती है.

मिडिल ईस्ट में लगातार तनाव के हालात देखने को मिल रहे हैं. ईरान और इजरायल के बीच चल रही जंग लगातार बढ़ रही है. इसी के साथ इजरायल ने ईरान को लेकर यह भी दावा किया है कि ईरान ने पहली बार बैलिस्टिक मिसाइल के जरिए क्लस्टर बम से हमला किया है. बताया जा रहा है कि इन मिसाइलों से इजरायल के कई इलाकों को निशाना बनाया गया है. वहीं ईरान और इजरायल के बीच जारी जंग के साथ ही मिसाइलों को लेकर चर्चा भी तेज हो गई है. भारत के पास भी आधुनिक युद्ध में मिसाइल तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है. वहीं अलग-अलग तरह की मिसाइल अलग-अलग उद्देश्य के लिए इस्तेमाल की जाती है. आपको बता दें कि मिसाइल केवल हमला करने के लिए नहीं होती है, बल्कि कुछ मिसाइल दुश्मन के हमले से बचने के लिए भी बनाई जाती है. बैलिस्टिक, क्रूज, हाइपरसोनिक और एंटी बैलिस्टिक जैसी मिसाइल आधुनिक सैन्य तकनीक का अहम हिस्सा मानी जाती है. वहीं हर मिसाइल की गति, उड़ान का तरीका और उपयोग अलग होता है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि बैलिस्टिक, एंटी बैलिस्टिक, क्रूज और हाइपरसोनिक मिसाइल कितनी तरह की होती है.

1/8
बैलिस्टिक मिसाइल लंबी दूरी तक हमला करने के लिए बनाई जाती है. इन्हें लॉन्च करने के बाद यह पृथ्वी के वायुमंडल से बाहर चली जाती है और फिर गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में लक्ष्य की ओर गिरती है. लक्ष्य की ओर बढ़ते समय इनकी गति बहुत तेज हो जाती है और यह ध्वनि की गति से कई गुना ज्यादा रफ्तार हासिल कर सकती है.
बैलिस्टिक मिसाइल लंबी दूरी तक हमला करने के लिए बनाई जाती है. इन्हें लॉन्च करने के बाद यह पृथ्वी के वायुमंडल से बाहर चली जाती है और फिर गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में लक्ष्य की ओर गिरती है. लक्ष्य की ओर बढ़ते समय इनकी गति बहुत तेज हो जाती है और यह ध्वनि की गति से कई गुना ज्यादा रफ्तार हासिल कर सकती है.
2/8
बैलिस्टिक मिसाइल की रेंज आमतौर पर हजारों किलोमीटर तक हो सकती है. बैलिस्टिक मिसाइल पारंपरिक और परमाणु हथियार दोनों ले जाने में सक्षम है. भारत की अग्नि-V, अमेरिका की मिनटमैन-III और रूस की इस्कंदर जैसी मिसाइल इस कैटेगरी में आती है.
बैलिस्टिक मिसाइल की रेंज आमतौर पर हजारों किलोमीटर तक हो सकती है. बैलिस्टिक मिसाइल पारंपरिक और परमाणु हथियार दोनों ले जाने में सक्षम है. भारत की अग्नि-V, अमेरिका की मिनटमैन-III और रूस की इस्कंदर जैसी मिसाइल इस कैटेगरी में आती है.
3/8
वहीं क्रूज मिसाइल जेट इंजन से चलती है और पृथ्वी के वायुमंडल के अंदर कम ऊंचाई पर उड़ती है. यह आमतौर पर जमीन से 50 से 100 मीटर की ऊंचाई पर उड़ान भरती है, जिससे उन्हें रडार पर पकड़ना मुश्किल हो जाता है.
वहीं क्रूज मिसाइल जेट इंजन से चलती है और पृथ्वी के वायुमंडल के अंदर कम ऊंचाई पर उड़ती है. यह आमतौर पर जमीन से 50 से 100 मीटर की ऊंचाई पर उड़ान भरती है, जिससे उन्हें रडार पर पकड़ना मुश्किल हो जाता है.
4/8
क्रूज मिसाइल में जीपीएस और अन्य नेविगेशन सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है. जिसकी मदद से यह बहुत सटीक निशाना साध सकती है. क्रूज मिसाइल आमतौर पर 200 से 1000 किलोमीटर तक के लक्ष्य को निशाना बना सकती है. भारत की ब्रह्मोस अमेरिका की टोमहॉक और रूस की कालीब्र दुनिया की प्रमुख क्रूज मिसाइलों में गिनी जाती है.
क्रूज मिसाइल में जीपीएस और अन्य नेविगेशन सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है. जिसकी मदद से यह बहुत सटीक निशाना साध सकती है. क्रूज मिसाइल आमतौर पर 200 से 1000 किलोमीटर तक के लक्ष्य को निशाना बना सकती है. भारत की ब्रह्मोस अमेरिका की टोमहॉक और रूस की कालीब्र दुनिया की प्रमुख क्रूज मिसाइलों में गिनी जाती है.
5/8
वहीं हाइपरसोनिक मिसाइल ध्वनि की गति से 5 गुना या उससे ज्यादा रफ्तार से उड़ती है. इनकी गति इतनी तेज होती है कि इन्हें रोकना बहुत मुश्किल माना जाता है.
वहीं हाइपरसोनिक मिसाइल ध्वनि की गति से 5 गुना या उससे ज्यादा रफ्तार से उड़ती है. इनकी गति इतनी तेज होती है कि इन्हें रोकना बहुत मुश्किल माना जाता है.
6/8
यह मिसाइल उड़ान के दौरान अपनी दिशा और गति बदल सकती है, जिससे दुश्मन की रक्षा प्रणाली को चकमा देना आसान हो जाता है. हाइपरसोनिक मिसाइल जमीन, समुद्र या लड़ाकू विमान से भी लॉन्च की जा सकती है. तेज गति और नियंत्रण की वजह से इन्हें आधुनिक युद्ध में बहुत खतरनाक हथियार माना जाता है.
यह मिसाइल उड़ान के दौरान अपनी दिशा और गति बदल सकती है, जिससे दुश्मन की रक्षा प्रणाली को चकमा देना आसान हो जाता है. हाइपरसोनिक मिसाइल जमीन, समुद्र या लड़ाकू विमान से भी लॉन्च की जा सकती है. तेज गति और नियंत्रण की वजह से इन्हें आधुनिक युद्ध में बहुत खतरनाक हथियार माना जाता है.
7/8
वहीं एंटी-बैलेस्टिक मिसाइल का काम हमला करना नहीं बल्कि दुश्मन के हमले को रोकना होता है. जब दुश्मन बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करता है तब उसे हवा में ही नष्ट करने के लिए एंटी-बैलेस्टिक मिसाइल लॉन्च की जाती है.
वहीं एंटी-बैलेस्टिक मिसाइल का काम हमला करना नहीं बल्कि दुश्मन के हमले को रोकना होता है. जब दुश्मन बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करता है तब उसे हवा में ही नष्ट करने के लिए एंटी-बैलेस्टिक मिसाइल लॉन्च की जाती है.
8/8
इसके लिए पहले रडार सिस्टम के जरिए दुश्मन की मिसाइल को ट्रैक किया जाता है. फिर इंटरसेप्टर मिसाइल दाग कर उसे हवा में ही मार गिराया जाता है. आयरन डोम अमेरिका का THAAD और भारत के PAD और AAD सिस्टम इस तकनीक पर आधारित है.
इसके लिए पहले रडार सिस्टम के जरिए दुश्मन की मिसाइल को ट्रैक किया जाता है. फिर इंटरसेप्टर मिसाइल दाग कर उसे हवा में ही मार गिराया जाता है. आयरन डोम अमेरिका का THAAD और भारत के PAD और AAD सिस्टम इस तकनीक पर आधारित है.

जनरल नॉलेज फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

दिल्ली में क्यों नहीं बन सकती बुर्ज खलीफा जैसी इमारत, क्या हैं दिक्कतें?
दिल्ली में क्यों नहीं बन सकती बुर्ज खलीफा जैसी इमारत, क्या हैं दिक्कतें?
कौन-कौन से बॉलीवुड सितारे चलाते हैं जिम, जानें किसकी फीस सबसे ज्यादा?
कौन-कौन से बॉलीवुड सितारे चलाते हैं जिम, जानें किसकी फीस सबसे ज्यादा?
Sajjan Kumar Death: सज्जन कुमार से पहले कौन-कौन से नेता जेल में गंवा चुके जान? देखें पूरी लिस्ट
सज्जन कुमार से पहले कौन-कौन से नेता जेल में गंवा चुके जान? देखें पूरी लिस्ट
चीनी के प्रोडक्शन में भारत दूसरा, कौन-सा देश पहले नंबर पर?
चीनी के प्रोडक्शन में भारत दूसरा, कौन-सा देश पहले नंबर पर?

वीडियोज

Janhit With Chitra Tripathi: Nripendra Mishra...Champat Rai के टारगेट पर क्यों आए? | Donation Scam
Chirag Paswan Exclusive: CM Samrat को लिखी चिट्ठी का क्या राज? EXCLUSIVE बातचीत में खुला राज!
Sandeep Chadhary: राष्ट्रगीत बहाना...मुस्लिम वोटबैंक पर निशाना? | Vande Mataram Row| BJP | Congress
Sugar Price Hike: चीनी के दाम बढ़े तो सरकार ने कसी लगाम, स्टॉक पर रोक | Breaking | New Price
Chitra Tripathi: 2 छंद Vs 6 छंद, राष्ट्रगीत पर जंग क्योंं? विश्लेषकों का विश्लेषण| Vande Mataram Row

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
कौन हैं साहिल लोचब, जिसे लेकर FIR दर्ज कराने थाना पहुंचे राहुल गांधी
कौन हैं साहिल लोचब, जिसे लेकर FIR दर्ज कराने थाना पहुंचे राहुल गांधी
राहुल गांधी के धरना पर गिरिराज सिंह, 'एक पागल होता है और एक…'
राहुल गांधी के धरना पर गिरिराज सिंह, 'एक पागल होता है और एक…'
निरहुआ का खुला बरसों पुराना राज, पाखी हेगड़े ने कबूली रिलेशनशिप की बात, आम्रपाली शॉक्ड
निरहुआ का खुला बरसों पुराना राज, पाखी हेगड़े ने कबूली रिलेशनशिप की बात, आम्रपाली शॉक्ड
वैभव-ईशान से पाटीदार तक, दिलीप ट्रॉफी में करेंगे धमाल; जानें टूर्नामेंट की सारी डिटेल
वैभव-ईशान से पाटीदार तक, दिलीप ट्रॉफी में करेंगे धमाल; जानें टूर्नामेंट की सारी डिटेल
Rahul Gandhi Dharna Live: सात घंटे संघर्ष के बाद पैलेट गन मामले में FIR, राहुल बोले- न्याय की दिशा में पहला कदम
Live: सात घंटे संघर्ष के बाद पैलेट गन मामले में FIR, राहुल बोले- न्याय की दिशा में पहला कदम
पाक हाई कमीशन के बाहर बुलडोजर एक्शन पर MEA की प्रतिक्रिया, कहा- उचित जवाब..
पाक हाई कमीशन के बाहर बुलडोजर एक्शन पर MEA की प्रतिक्रिया, कहा- उचित जवाब..
तेलंगाना CM को नहीं मिली यूएस दौरे की इजाजत, जानें विदेश मंत्रालय ने क्या कहा
तेलंगाना CM को नहीं मिली यूएस दौरे की इजाजत, जानें विदेश मंत्रालय ने क्या कहा
जलभराव के बीच नालों से निकला घरेलू सामान, प्रयागराज DM ने की अपील
जलभराव के बीच नालों से निकला घरेलू सामान, प्रयागराज DM ने की अपील
Embed widget