Animal Teeth: जानवर ब्रश नहीं करते लेकिन इनके दांत सफेद क्यों रहते हैं? कभी सोचा है
Animal Teeth: जानवर जब ब्रश का इस्तेमाल नहीं करते तब भी उनके दांत इतने सफेद कैसे रहते हैं? आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे का सच.

- जानवरों का प्राकृतिक आहार हानिकारक बैक्टीरिया को पनपने नहीं देता।
- घास-मांस चबाना दांतों को प्राकृतिक रूप से साफ रखता है।
- उनकी लार का उच्च पीएच दांतों को एसिड से बचाता है।
Animal Teeth: ज्यादातर लोगों कैविटी से बचने, दाग हटाने और मुंह की सफाई बनाए रखने के लिए दिन में दो बार ब्रश करते हैं. मगर जंगली जानवर कभी भी टूथब्रश, टूथपेस्ट या फिर माउथवॉश का इस्तेमाल नहीं करते, लेकिन इसके बावजूद भी उनके दांत जिंदगी भर मजबूत और स्वस्थ ही रहते हैं. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह.
प्राकृतिक खान-पान उनके दांतों की सुरक्षा करता है
जानवरों के दांत स्वस्थ रहने की सबसे बड़ी वजह उनका प्राकृतिक खान-पान है. जंगली जानवर रिफाइंड चीनी, चॉकलेट, सॉफ्ट ड्रिंक, कैंडी या फिर प्रोसेस्ड फूड नहीं खाते. ये सभी चीजें इंसानों में दांतों के खराब होने की सबसे बड़ी वजह है. क्योंकि उनके खाने में चीनी लगभग ना के बराबर है इस वजह से चीनी पर पलने वाले और इनेमल को नुकसान पहुंचाने वाले एसिड बनाने वाले हानिकारक बैक्टीरिया उनके मुंह में नहीं पनपते.
एक प्राकृतिक टूथब्रश
जानवर बिना जाने ही रोजाना अपने दांत साफ करते हैं. उनके खाने की आदतें प्राकृतिक रूप से दांतों की सतह से प्लाक और खाने के कणों को हटाने में मदद करती है. गाय, घोड़े और बकरी जैसे शाकाहारी जानवर घंटों तक घास, पत्ती और रेशेदार पौधे चबाते रहते हैं. इससे उनके दांतों पर एक प्राकृतिक स्क्रबर परमानेंट रगड़ता रहता है. शेर, बाघ और तेंदुए जैसे मांसाहारी जानवर कच्चा मांस, खाल और हड्डी चबाते हैं. चबाने की यह प्रक्रिया प्राकृतिक रूप से उनके दांतों पर जमी गंदगी को हटाती है.
लार सुरक्षा देती है
कई जानवरों की लार उनके दांतों की सुरक्षा में बड़ी असरदार होती है. कुत्तों जैसी प्रजातियों में लार का पीएच लेवल काफी ज्यादा होता है. यह मुंह के अंदर एसिड के असर को कम करने में मदद करता है. यह प्राकृतिक सुरक्षा तंत्र दातों के इनेमल यानी दांतों की कठोर बाहरी परत को घिसने और खराब होने से बचाता है.
दांतों पर दाग लगाने वाली चीजें कम होती हैं
इंसान नियमित रूप से चाय, कॉफी, सॉफ्ट ड्रिंक और कृत्रिम रंगों वाले खाने की चीजें लेते हैं. इनसे समय के साथ दांतों पर दाग पड़ सकते हैं. जानवरों को प्रकृति में ऐसी चीज नहीं मिलती. क्योंकि उनके खाने में दाग लगने वाली चीज नहीं होती, इस वजह से उनके दांतों के पीले या फिर भूरे होने की संभावना कम हो जाती है.
इसी के साथ ज्यादातर जंगली जानवर इंसानों के मुकाबले काफी कम समय तक जीते हैं. इस वजह से उनके दांतों को दशकों को तक घिसने, इनेमल के खराब होने या फिर दांतों की पुरानी समस्या का सामना नहीं करना पड़ता.
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