एक्सप्लोरर

Lok Sabha Elections 2024: नरेंद्र मोदी के लिए सबसे आरामदायक है इस बार का लोकसभा चुनाव? कंफर्ट जोन पर PM ने कह दी बड़ी बात

Narendra Modi on Comfort Zone: लोकसभा चुनाव 2024 में असल टक्कर बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए और विपक्षी गठबंधन इंडिया के बीच मानी जा रही है. एनडीए की ओर से नरेंद्र मोदी पीएम चेहरा हैं.

Narendra Modi on Comfort Zone: लोकसभा चुनाव 2024 में असल टक्कर बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए और विपक्षी गठबंधन इंडिया के बीच मानी जा रही है. एनडीए की ओर से नरेंद्र मोदी पीएम चेहरा हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस साल सितंबर में 74 साल के हो जाएंगे. इतनी उम्र होने के बाद वह बेहद एक्टिव रहते हैं. चुनाव हों या नहीं, फिर भी उनकी सक्रियता देखते बनती है. यही वजह है कि उनकी जिंदगी की डिक्शनरी में शायद कंफर्ट (आराम) नाम का शब्द नहीं है.

1/7
चुनावी समर के बीच उन्हें ताबड़तोड़ रैलियां, जनसभाएं, रोडशो, बैठकें और कार्यक्रम करते देखा गया. वह भी तब जब ऐसा माना जा रहा है कि इस बार का लोकसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और नरेंद्र मोदी के लिए आसान है.
चुनावी समर के बीच उन्हें ताबड़तोड़ रैलियां, जनसभाएं, रोडशो, बैठकें और कार्यक्रम करते देखा गया. वह भी तब जब ऐसा माना जा रहा है कि इस बार का लोकसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और नरेंद्र मोदी के लिए आसान है.
2/7
उत्तर प्रदेश (यूपी) के वाराणसी से लोकसभा सांसद नरेंद्र मोदी से जब इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने हिंदी समाचार चैनल 'आज तक' को बताया कि उन्हें कंफर्ट जोन (आरामदेह माहौल) वाली दुनिया मंजूर नहीं है.
उत्तर प्रदेश (यूपी) के वाराणसी से लोकसभा सांसद नरेंद्र मोदी से जब इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने हिंदी समाचार चैनल 'आज तक' को बताया कि उन्हें कंफर्ट जोन (आरामदेह माहौल) वाली दुनिया मंजूर नहीं है.
3/7
टीवी पत्रकार ने पीएम से पूछा था कि यह (लोकसभा चुनाव 2024) आपका सबसे आरामदायक चुनाव है? पीएम नरेंद्र मोदी बोले,
टीवी पत्रकार ने पीएम से पूछा था कि यह (लोकसभा चुनाव 2024) आपका सबसे आरामदायक चुनाव है? पीएम नरेंद्र मोदी बोले, "हमें कभी भी कंफर्ट जोन में नहीं जाना चाहिए. अगर यह कंफर्टेबल है तो मैं खुद चुनौती खड़ी करूंगा."
4/7
हाईवे का उदाहरण देते हुए बीजेपी के फायरब्रांड नेता ने आगे समझाया,
हाईवे का उदाहरण देते हुए बीजेपी के फायरब्रांड नेता ने आगे समझाया, "सीधा हाईवे होता है न, वहां पर दुर्घटनाएं अधिक होती हैं. जहां मोड़ आते हैं, वहां पर हादसे कम होते हैं. मैं अपनी टीम को जागरूक रखता चाहता हूं. मैं उन्हें जगाए और दौड़ाए रखना चाहता हूं. ऐसे में कंफर्ट जोन वाली दुनिया मुझे मंजूर नहीं है."
5/7
अत्यधिक मेहनत करने से जुड़े सवाल पर पीएम ने जवाब दिया कि वह इसे अवसर मानते हैं. जनता के दर्शन करना और उनकी भावनाएं समझना ही उनकी प्राणशक्ति और उर्जा है. लोकतंत्र में चुनाव को जीत हार के सीमित अर्थ में नहीं लेना चाहिए. यह एक तरह से ओपन यूनिवर्सिटी होती है. आपके पास विचारों को लोगों के पास ले जाने का मौका होता है. आप जब डायरेक्ट विचार ले जाते हैं तब न डायल्यूजन आता है न डायवर्जन आता है. यानी आप परफेक्ट मैसेजिंग कर सकते हैं.
अत्यधिक मेहनत करने से जुड़े सवाल पर पीएम ने जवाब दिया कि वह इसे अवसर मानते हैं. जनता के दर्शन करना और उनकी भावनाएं समझना ही उनकी प्राणशक्ति और उर्जा है. लोकतंत्र में चुनाव को जीत हार के सीमित अर्थ में नहीं लेना चाहिए. यह एक तरह से ओपन यूनिवर्सिटी होती है. आपके पास विचारों को लोगों के पास ले जाने का मौका होता है. आप जब डायरेक्ट विचार ले जाते हैं तब न डायल्यूजन आता है न डायवर्जन आता है. यानी आप परफेक्ट मैसेजिंग कर सकते हैं.
6/7
इंटरव्यू के दौरान वाराणसी का जिक्र करते हुए नरेंद्र मोदी ने बताया,
इंटरव्यू के दौरान वाराणसी का जिक्र करते हुए नरेंद्र मोदी ने बताया, "काशी को लेकर पहले मेरा मिजाज अलग था. मैं जब कोडरमा (झारखंड में) गया तब वहां जो दृश्य देखा मैंने भाषण का पूरा विषय बदल दिया. पहले मैं दशाश्वमेध घाट जाता था तब कुछ अलग सोचता था. मुझे लगा कि इन लोगों के साथ यह बात करनी है. मैं मानता हूं कि सभी राजनीतिक दलों का कर्तव्य है कि वे विचारधारा, काम और कार्यक्रमों के जरिए मतदाताओं को शिक्षित बनाएं. ये काम सबको करना चाहिए."
7/7
नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (14 मई, 2024) को गंगा सप्तमी के अवसर पर यूपी के काशी से नामांकन (पुष्य नक्षत्र में) दाखिल किया. वह तीसरी बार इस संसदीय सीट से चुनावी मैदान में हैं. राजनीतिक विश्लेषकों और एक्सपर्ट्स की मानें तो इस बार भी वह बनारस से जीत हासिल कर सकते हैं.
नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (14 मई, 2024) को गंगा सप्तमी के अवसर पर यूपी के काशी से नामांकन (पुष्य नक्षत्र में) दाखिल किया. वह तीसरी बार इस संसदीय सीट से चुनावी मैदान में हैं. राजनीतिक विश्लेषकों और एक्सपर्ट्स की मानें तो इस बार भी वह बनारस से जीत हासिल कर सकते हैं.

चुनाव 2026 फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

'शर्म बची है तो माफी मांग लें', वंदे मातरम को लेकर अमित शाह का कांग्रेस पर तंज
'शर्म बची है तो माफी मांग लें', वंदे मातरम को लेकर अमित शाह का कांग्रेस पर तंज
2027 से पहले मायावती के सामने ये बड़ी चुनौती! कैसे साधेंगी सोशल इंजीनियरिंग का फॉर्मूला?
2027 से पहले मायावती के सामने ये बड़ी चुनौती! कैसे साधेंगी सोशल इंजीनियरिंग का फॉर्मूला?
1994 से जिस टीम को नहीं हरा पाई भारत, हॉकी वर्ल्ड कप में अगला मैच उसी के साथ
1994 से जिस टीम को नहीं हरा पाई भारत, हॉकी वर्ल्ड कप में अगला मैच उसी के साथ
तारक मेहता फेम एक्ट्रेस बिना मेकअप हुईं स्पॉट, आपको याद है ये सोनू?
तारक मेहता फेम एक्ट्रेस बिना मेकअप हुईं स्पॉट, आपको याद है ये सोनू?

वीडियोज

Amit Shah On Vande Matarm: वंदे मातरम् पर Amit Shah का कांग्रेस पर हमला, कहा - 'जनता से मांगे माफी'
Vande Mataram Controversy: वंदे मातरम् पर कांग्रेस को बीजेपी ने घेरा, कहा- 'संविधान का अपमान किया'
Jharkhand Student Protest Update: छात्रों को नहीं सुन रही हेमंत सरकार! | Hemant Soren | ABP News
Akhil Sachdeva ने खोला राज, Emraan Hashmi ने खुद किया था Call; Awarapan 2 का गाना होगा खास
Awarapan 2 ने Batwara 1947 को पछाड़ा, Sunny Deol की फिल्म पर भारी पड़ी Emraan Hashmi की Movie

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'शर्म बची है तो माफी मांग लें', वंदे मातरम को लेकर अमित शाह का कांग्रेस पर तंज
'शर्म बची है तो माफी मांग लें', वंदे मातरम को लेकर अमित शाह का कांग्रेस पर तंज
2027 से पहले मायावती के सामने ये बड़ी चुनौती! कैसे साधेंगी सोशल इंजीनियरिंग का फॉर्मूला?
2027 से पहले मायावती के सामने ये बड़ी चुनौती! कैसे साधेंगी सोशल इंजीनियरिंग का फॉर्मूला?
1994 से जिस टीम को नहीं हरा पाई भारत, हॉकी वर्ल्ड कप में अगला मैच उसी के साथ
1994 से जिस टीम को नहीं हरा पाई भारत, हॉकी वर्ल्ड कप में अगला मैच उसी के साथ
तारक मेहता फेम एक्ट्रेस बिना मेकअप हुईं स्पॉट, आपको याद है ये सोनू?
तारक मेहता फेम एक्ट्रेस बिना मेकअप हुईं स्पॉट, आपको याद है ये सोनू?
वाराणसी एयरपोर्ट पर कैसे चली गोली? जानें हादसे की पूरी कहानी
वाराणसी एयरपोर्ट पर कैसे चली गोली? जानें हादसे की पूरी कहानी
Smoking Side Effects: क्या पहली ही सिगरेट से खराब होने लगते हैं फेफड़े? जानें सच
क्या पहली ही सिगरेट से खराब होने लगते हैं फेफड़े? जानें सच
'दोस्तों को खिलाना मेरी दिनचर्या', मोर को दाना खिलाते दिखे PM मोदी
'दोस्तों को खिलाना मेरी दिनचर्या', मोर को दाना खिलाते दिखे PM मोदी
मोबाइल की ब्लू लाइट से बचाएगा ये स्क्रीन प्रोटेक्टर? जानें सच्चाई
मोबाइल की ब्लू लाइट से बचाएगा ये स्क्रीन प्रोटेक्टर? जानें सच्चाई
Embed widget