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Shab-E-Barat 2026: शब-ए-बारात पर क्या हर मुसलमान को रोजा रखना चाहिए
Shab-E-Barat 2026: शब-ए-बारात को पाक त्योहार माना गया है, जो शाबान की 14वीं और 15वीं रात को होती है. रातभर जागकर मुसलमान इबादत और तिलावत करते हैं. जानें क्या शब-ए-बारात में रोजा रखा जाता है या नहीं.
शब-ए-बारात 2026
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इस्लामिक कैलेंडर के आठवें महीने शाबान की 14वीं और 15वीं दरमियानी रात में शब-ए-बारात का मुकद्दस त्योहार मनाया जाता है. आज मंगलवार 3 फरवरी 2026 का पूरा दिन बिताकर मुसलमान रात से लेकर 4 फरवरी की सुबह तक शब-ए-बारात मनाएंगे.
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शब-ए-बारात पर मुसलमान पूरी रात जागकर पवित्र कुरान पढ़ते हैं, दुआ करते हैं और अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं. इसलिए भी शब-ए-बारात को मगफिरत की रात कहा जाता है.
Published at : 03 Feb 2026 11:38 AM (IST)
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