एक्सप्लोरर

Kapal Kriya: कपाल क्रिया क्या होती है, ये कब की जाती है?

Kapal Kriya: हिंदू धर्म में मृत्यु के बाद विधिपूर्वक अंतिम संस्कार होता है, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण और अनिवार्य रस्म कपाल क्रिया मानी जाती है, जो आत्मा की मुक्ति के लिए की जाती है.

Kapal Kriya: हिंदू धर्म में मृत्यु के बाद विधिपूर्वक अंतिम संस्कार होता है, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण और अनिवार्य रस्म कपाल क्रिया मानी जाती है, जो आत्मा की मुक्ति के लिए की जाती है.

Kapal Kriya

1/6
गरुड़ पुराण में कपाल क्रिया को मृत्यु के बाद की सबसे महत्वपूर्ण और अनिवार्य प्रक्रिया माना गया है. हिंदू धर्म में जब किसी व्यक्ति का दाह संस्कार किया जाता है, तो केवल शरीर का जलना पर्याप्त नहीं होता. आत्मा की पूरी मुक्ति के लिए विशेष विधियां अपनाई जाती हैं, जिनमें कपाल क्रिया प्रमुख है. यह आत्मा को शारीरिक बंधन से मुक्त करने का मार्ग बताती है.
गरुड़ पुराण में कपाल क्रिया को मृत्यु के बाद की सबसे महत्वपूर्ण और अनिवार्य प्रक्रिया माना गया है. हिंदू धर्म में जब किसी व्यक्ति का दाह संस्कार किया जाता है, तो केवल शरीर का जलना पर्याप्त नहीं होता. आत्मा की पूरी मुक्ति के लिए विशेष विधियां अपनाई जाती हैं, जिनमें कपाल क्रिया प्रमुख है. यह आत्मा को शारीरिक बंधन से मुक्त करने का मार्ग बताती है.
2/6
कपाल क्रिया का अर्थ है मृतक की खोपड़ी को तोड़ना. जब चिता पर शव जल रहा होता है और मुखाग्नि दी जा चुकी होती है, तब लकड़ी के डंडे से सिर पर तीन बार प्रहार किया जाता है. ऐसा करने का उद्देश्य यह है कि सिर के ऊपरी भाग में स्थित ब्रह्मरंध्र खुल सके. यह ब्रह्मरंध्र जीवन और मोक्ष का द्वार माना जाता है, जिससे आत्मा निकलती है.
कपाल क्रिया का अर्थ है मृतक की खोपड़ी को तोड़ना. जब चिता पर शव जल रहा होता है और मुखाग्नि दी जा चुकी होती है, तब लकड़ी के डंडे से सिर पर तीन बार प्रहार किया जाता है. ऐसा करने का उद्देश्य यह है कि सिर के ऊपरी भाग में स्थित ब्रह्मरंध्र खुल सके. यह ब्रह्मरंध्र जीवन और मोक्ष का द्वार माना जाता है, जिससे आत्मा निकलती है.
3/6
गरुड़ पुराण में वर्णित है कि मृत्यु के बाद आत्मा 13 दिनों तक प्रेत योनि में रहती है. इस समय किए गए संस्कार, विशेष रूप से कपाल क्रिया, आत्मा को गति प्रदान करते हैं. यदि यह प्रक्रिया नहीं की जाए, तो आत्मा अधर में अटक सकती है और उसे शांति नहीं मिलती. इसलिए इसे केवल रस्म नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक आवश्यकता माना जाता है.
गरुड़ पुराण में वर्णित है कि मृत्यु के बाद आत्मा 13 दिनों तक प्रेत योनि में रहती है. इस समय किए गए संस्कार, विशेष रूप से कपाल क्रिया, आत्मा को गति प्रदान करते हैं. यदि यह प्रक्रिया नहीं की जाए, तो आत्मा अधर में अटक सकती है और उसे शांति नहीं मिलती. इसलिए इसे केवल रस्म नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक आवश्यकता माना जाता है.
4/6
कपाल क्रिया धार्मिक मान्यता के अनुसार आत्मा की यात्रा को आसान बनाती है. माना जाता है कि अगर ब्रह्मरंध्र नहीं खुला, तो आत्मा का बंधन छूटता नहीं और वह बार-बार जन्म-मरण के चक्र में फंसी रहती है. इस प्रक्रिया के जरिए आत्मा को पंचतत्वों में विलीन किया जाता है, जिससे वह मोक्ष की दिशा में अग्रसर हो पाती है.
कपाल क्रिया धार्मिक मान्यता के अनुसार आत्मा की यात्रा को आसान बनाती है. माना जाता है कि अगर ब्रह्मरंध्र नहीं खुला, तो आत्मा का बंधन छूटता नहीं और वह बार-बार जन्म-मरण के चक्र में फंसी रहती है. इस प्रक्रिया के जरिए आत्मा को पंचतत्वों में विलीन किया जाता है, जिससे वह मोक्ष की दिशा में अग्रसर हो पाती है.
5/6
वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो मानव खोपड़ी बहुत मजबूत होती है और सामान्य चिता की आग में आसानी से नहीं जलती. अगर खोपड़ी अधजली रह जाए, तो धार्मिक मान्यता के अनुसार आत्मा की मुक्ति में बाधा आ सकती है. कपाल क्रिया इस अधूरी जलन को समाप्त करती है, जिससे यह सुनिश्चित हो कि शरीर पूरी तरह पंचतत्वों में मिल जाए.
वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो मानव खोपड़ी बहुत मजबूत होती है और सामान्य चिता की आग में आसानी से नहीं जलती. अगर खोपड़ी अधजली रह जाए, तो धार्मिक मान्यता के अनुसार आत्मा की मुक्ति में बाधा आ सकती है. कपाल क्रिया इस अधूरी जलन को समाप्त करती है, जिससे यह सुनिश्चित हो कि शरीर पूरी तरह पंचतत्वों में मिल जाए.
6/6
आजकल शहरों में आधुनिक इलेक्ट्रिक या गैस श्मशान में दाह संस्कार होते हैं, जहां तापमान अधिक होता है और खोपड़ी पूरी तरह जल जाती है, इसलिए वहां कपाल क्रिया की जरूरत नहीं पड़ती. फिर भी, परंपरागत चिता संस्कार में यह आज भी अनिवार्य मानी जाती है. गरुड़ पुराण के अनुसार, यह अनादि परंपरा धर्म, श्रद्धा और आत्मिक मुक्ति का प्रतीक है, जिसे निभाना पवित्र कर्तव्य माना जाता है.
आजकल शहरों में आधुनिक इलेक्ट्रिक या गैस श्मशान में दाह संस्कार होते हैं, जहां तापमान अधिक होता है और खोपड़ी पूरी तरह जल जाती है, इसलिए वहां कपाल क्रिया की जरूरत नहीं पड़ती. फिर भी, परंपरागत चिता संस्कार में यह आज भी अनिवार्य मानी जाती है. गरुड़ पुराण के अनुसार, यह अनादि परंपरा धर्म, श्रद्धा और आत्मिक मुक्ति का प्रतीक है, जिसे निभाना पवित्र कर्तव्य माना जाता है.

ऐस्ट्रो फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Tarot Rashifal 18 July 2026: धनु, कुंभ और मिथुन राशि वालों को मिलेगा तगड़ा धन लाभ; कन्या व मीन राशि के जातक बरतें विशेष सावधानी!
टैरो राशिफल 18 जुलाई 2026 धनु, कुंभ और मिथुन राशि वालों को मिलेगा तगड़ा धन लाभ; कन्या व मीन राशि के जातक बरतें विशेष सावधानी!
Weekly Love Horoscope 19-25 July 2026: इस सप्ताह किसे मिलेगा प्यार का साथ और किसे रखनी होगी रिश्तों में सावधानी?
इस सप्ताह किसे मिलेगा प्यार का साथ और किसे रखनी होगी रिश्तों में सावधानी?
Surya Gochar 2026: सूर्य गोचर से बन रहे अशुभ योग, शेयर बाजार और मौसम पर कैसा रहेगा असर?
Surya Gochar 2026: सूर्य गोचर से बन रहे अशुभ योग, शेयर बाजार और मौसम पर कैसा रहेगा असर?
Dashank Yog 2026: 19 जुलाई तक इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, करियर, कारोबार और धन में मिलेंगे जबरदस्त लाभ
Dashank Yog 2026: 19 जुलाई तक इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, करियर, कारोबार और धन में मिलेंगे जबरदस्त लाभ

वीडियोज

Shehnaaz Gill बोलीं- अभी सक्सेस नहीं मिली, मेरा सपना है लोग टिकट खरीदकर मेरी फिल्में देखने आएं
Bollywood News: '3 Idiots' की कहानी पर आमिर का नया खुलासा, सोनम वांगचुक कनेक्शन पर छिड़ी नई बहस (17-07-2026)
Udne ki Asha: Sailee-Sachin की बदली किस्मत; Ganpatipule में मिला पैसा, पर खो गया सुकून!
Tata Altroz diesel long term review and mileage: E20 ka best solution? #autolive
Ethanol Petrol पर गडकरी का ये Interview Viral है

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
ब्रिटेन के 59वें PM होंगे लेबर पार्टी के एंडी बर्नहैम, ग्रेटर मैनचेस्टर के रह चुके मेयर, किंग चार्ल्स III सौंपेंगे सत्ता
ब्रिटेन के 59वें PM होंगे लेबर पार्टी के एंडी बर्नहैम, ग्रेटर मैनचेस्टर के रह चुके मेयर, किंग चार्ल्स III सौंपेंगे सत्ता
सोनम वांगचुक का नया वीडियो आया सामने- 'मैं 20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा, उसके बाद भूत बनकर...'
सोनम वांगचुक का नया वीडियो आया सामने- 'मैं 20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा, उसके बाद भूत बनकर...'
हार्डकोर हिंदुत्व की पिच पर CM योगी? जिन्ना पर दिया बयान तो भड़क उठे AIMIM और सपा के नेता
हार्डकोर हिंदुत्व की पिच पर CM योगी? जिन्ना पर दिया बयान तो भड़क उठे AIMIM और सपा के नेता
'मैं खेलना छोड़ दूंगा...', संन्यास की अफवाहों के बीच रोहित शर्मा के पुराने बयान ने मचाई सनसनी; जानें रिटायरमेंट पर क्या कहा
'मैं खेलना छोड़ दूंगा', संन्यास की अफवाहों के बीच रोहित शर्मा के पुराने बयान ने मचाई सनसनी
Lenin Box Office Day 7 Worldwide: 'धमाल 4' के आगे 'लेनिन' का भी वर्ल्डवाइड बजा डंका, अखिल अक्किनेनी के करियर का बना इतना बड़ा रिकॉर्ड
'लेनिन' का भी वर्ल्डवाइड बजा डंका, अखिल अक्किनेनी के करियर का बना इतना बड़ा रिकॉर्ड
कुवैत में खारे पानी को मीठा करता है जो फिल्टर प्लांट, उस पर ईरान का हमला, क्यों घबरा उठा रेगिस्तानी देश?
कुवैत में खारे पानी को मीठा करता है जो फिल्टर प्लांट, उस पर ईरान का हमला, क्यों घबरा उठा रेगिस्तानी देश?
Explained: क्या इस बार पास होगा परिसीमन बिल? कैसे बजट सत्र के मुकाबले बदल गई मानसून सत्र की तस्वीर?
क्या इस बार पास होगा परिसीमन बिल? कैसे बजट सत्र के मुकाबले मानसून सत्र की तस्वीर बदल गई?
Climate Change Sleep Loss: सावधान! बढ़ते तापमान ने उड़ाई इंसानों की नींद, साल में 56 घंटे कम सो रहे हैं लोग
सावधान! बढ़ते तापमान ने उड़ाई इंसानों की नींद, साल में 56 घंटे कम सो रहे हैं लोग
Embed widget