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Wheat Cultivation: गेहूं की अगेती खेती करने पर बंपर पैदावार देती हैं ये किस्में, पंजाब-हरियाणा में खूब होती है बुवाई
Top Wheat Varieties: भारत में गेहूं की खेती के साथ-साथ विदेशों में इसका निर्यात भी किया जाता है. यही कारण है कि इसका उत्पादन बढ़ाने के लिये उन्नत किस्मों से अगेती खेती करने की सलाह दी जाती है.
गेहूं की अगेती बुवाई (फाइल तस्वीर)
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Wheat Cultivation: गेहूं एक ऐसी खाद्यान्न फसल है, जिससे भारत के साथ-साथ दुनियाभर में खाद्य आपूर्ति होती है. भारत को गेहूं का एक बड़ा उत्पादक देश कहा जाता है. यहां गेहूं की खेती के साथ-साथ गेहूं का निर्यात भी किया जाता है. यही कारण है कि इसका उत्पादन बढ़ाने के लिये किसानों को अगेती खेती करने की सलाह दी जाती है. कई रिसर्च में सामने आया है कि जलवायु परिवर्तन के दुषपरिणामों से बचने के लिये गेहूं की खेती एक मददगार विकल्प साबित हो सकता है. कई किसान सिंतबर के अंत तक गेहूं की अगेती खेती के काम शुरू कर ही देते हैं. इस बीच अच्छी गुणवत्ता वाली उन्नत किस्मों का चयन करना चाहिये, जिससे गेहूं की अधिक पैदावार ले सकें.
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तीन चरणों में करें गेहूं की खेती- कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक गेहूं की खेती तीन चरणों में की जाती है, जिसमें अगेती खेती, मध्यम खेती और पछेती खेती शामिल है. गेहूं की खेती का पहला चरण 25 अक्टूबर से 10 नवंबर तक होता है. दूसरी चरण 11 नवंबर से 25 नवंबर तक और तीसरा चरण 26 नवंबर से 25 दिसंबर तक रहता है. किसान चाहें तो सिंतबर के अंत से शुरू करके 25 अक्टूबर तक गेहूं की अगेती किस्मों की बुवाई कर सकते हैं. बाजार से गेहूं के प्रमाणित बीज ही खरीदने चाहिये.
Published at : 24 Sep 2022 02:38 PM (IST)
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