EXCLUSIVE: पाकिस्तान से बर्दाश्त नहीं हो रही ये बात, कनाडा से लेकर अमेरिका तक ISI ने बिछाया जाल, पार कर दीं सारी हदें
पश्चिमी देशों में रह रहे पाक सेना के आलोचकों को निशाना बनाने की ISI की साजिश का खुलासा हुआ है. मामले से जुड़े ऑडियो सबूतों में लंदन, कनाडा और US तक हमले व जासूसी की प्लानिंग का दावा किया गया है.

एबीपी न्यूज़ के वर्ल्ड एक्सक्लूसिव खुलासे ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI को वैश्विक जांच के घेरे में ला खड़ा किया है. चैनल के पास मौजूद ऑडियो रिकॉर्डिंग, तस्वीरें और दस्तावेज़ी सबूत यह संकेत देते हैं कि ISI पश्चिमी देशों में रह रहे पाकिस्तानी सेना के आलोचकों को डराने, उन पर हमले करवाने और यहां तक कि हत्या की साजिश रचने में शामिल हो सकती है. यह मामला केवल मीडिया रिपोर्ट तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बन चुका है.
जानकारी के अनुसार इस कथित ऑपरेशन की कमान इस्लामाबाद में बैठे ISI के एक अधिकारी के हाथ में थी, जो खुद को डॉक्टर शरजील बताता है. आरोप है कि वह अमेरिका में रह रहे मेजर (रिटायर्ड) आतिफ इकराम के जरिए पश्चिमी देशों में नेटवर्क संचालित कर रहा था. आतिफ इकराम पाकिस्तानी सेना के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल जावेद नासिर का भतीजा है और वर्तमान में अमेरिका में सामान्य नौकरी कर रहा है.
आलोचकों को बनाया गया निशाना
खुलासे में दावा किया गया है कि लंदन, कनाडा और अमेरिका में रह रहे पाकिस्तानी सेना के आलोचक इस साजिश के मुख्य टारगेट थे. लंदन में रहने वाले मेजर (रिटायर्ड) आदिल राजा, जो लंबे समय से पाक सैन्य नेतृत्व की आलोचना कर रहे हैं. उनके घर पर दिसंबर 2025 में हमला हुआ. इस मामले की जांच ब्रिटेन की काउंटर टेररिज्म यूनिट कर रही है.
इसी तरह कनाडा में रह रहे कैप्टन (रिटायर्ड) हैदर मेहदी को भी डराने और नुकसान पहुंचाने की कथित योजना बनाई गई. अमेरिका में रहने वाले कर्नल (रिटायर्ड) सईद इक़बाल, जिन्होंने ओसामा बिन लादेन से जुड़ी अहम जानकारी अमेरिकी एजेंसियों को दी थी, उनके घर की निगरानी तक किए जाने का आरोप सामने आया है.
ऑडियो रिकॉर्डिंग से गंभीर आरोप
एबीपी न्यूज़ के पास मौजूद ऑडियो रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर यह सुना जा सकता है कि कैसे पश्चिमी देशों में अश्वेत अपराधियों को पैसे देकर डराने या गोली चलवाने की बात की जा रही है. बातचीत में यह भी संकेत मिलता है कि यह सब व्यक्तिगत अपराध नहीं बल्कि सुनियोजित और संगठित नेटवर्क के तहत किया जा रहा था, जिसे राज्य प्रायोजित गतिविधि के तौर पर देखा जा रहा है.
ISI प्रमुख की भूमिका पर सवाल
एक अन्य ऑडियो क्लिप में यह दावा किया गया है कि यह पूरा ऑपरेशन ISI के शीर्ष नेतृत्व की जानकारी में चल रहा था. अगर यह आरोप सही साबित होते हैं तो यह अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा.
लालच और दबाव का खेल
रिपोर्ट के अनुसार, आतिफ इकराम पर पाकिस्तान में भ्रष्टाचार के मामला दर्ज था. उस पर आरोप है कि उसने FIR हटवाने, फंसा हुआ पैसा वापस दिलाने और परिवार के लिए नौकरी का वादा कर उससे यह काम कराया गया. इसी के बदले उसे पश्चिमी देशों में निगरानी और धमकी देने की जिम्मेदारी सौंपी गई.
ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका की प्रतिक्रिया
ब्रिटेन की काउंटर टेररिज्म एजेंसी पहले से इस मामले की जांच कर रही है और उसने विदेशी हस्तक्षेप के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात कही है. कनाडा और अमेरिका के लिए भी यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बनता जा रहा है, क्योंकि आरोप उनकी धरती पर विदेशी खुफिया गतिविधियों की ओर इशारा करते हैं.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता दबाव
इस खुलासे के बाद बड़ा सवाल यही है कि क्या पश्चिमी देश ISI के कथित नेटवर्क के खिलाफ ठोस कार्रवाई करेंगे. यह मामला अब सिर्फ पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों की परीक्षा बन चुका है.
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Source: IOCL

























