एक्सप्लोरर

Explained: क्या पिता आयतुल्लाह खामेनेई के जनाजे में शामिल होंगे मुज्तबा खामेनेई? 4 महीने से कहां 'गायब', किसके हाथों में ईरान?

Mojtaba Khamenei Missing: अगर मुज्तबा जनाजे में आते हैं, तो साबित होगा कि वे स्वस्थ हैं. अगर वे नहीं आते तो माना जाएगा कि वे या तो बीमार हैं या सिर्फ नाम के नेता हैं और असली सत्ता IRGC के हाथ में है.

28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के हमले में उनके पिता अली खामेनेई मारे गए थे. इसी हमले में मुज्तबा भी बुरी तरह घायल हो गए थे. 8 मार्च को उन्हें ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुना गया, लेकिन उसके बाद से वे कभी नहीं दिखे. अब पूरे आयोजन पर एक बड़ा सवाल मंडरा रहा है- क्या उनके बेटे और नए सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई इस अंतिम संस्कार में आएंगे या नहीं?

28 फरवरी का हमला क्या था और उसमें क्या हुआ?  

अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ 'ऑपरेशन फ्यूरी' चलाया था. इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता के ऑफिस और घर को निशाना बनाया गया, जो तेहरान शहर के बीचों-बीच स्थित है. इस हमले में अयातुल्लाह अली खामेनेई समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए.

मुज्तबा खामेनेई भी इसी हमले में बुरी तरह घायल हो गए. ईरान की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह हमले के वक्त बागीचे में टहलने के लिए बाहर निकले थे और कुछ ही सेकंड के अंतर से बच गए, लेकिन उन्हें कई गंभीर चोटें आईं. इस हमले में मुज्तबा की पत्नी, उनके बहनोई और साली भी मारी गईं. यानी यह हमला उनके लिए बेहद दर्दनाक था.

मुज्तबा की सेहत कैसी है और क्या वह ठीक हैं?

यहीं से शुरू होती है असली पहेली. मुज्तबा की चोटों को लेकर ईरानी सरकार और पश्चिमी मीडिया के बयानों में जमीन-आसमान का फर्क है.

ईरानी सरकार ने बार-बार कहा है कि उन्हें सिर्फ मामूली चोटें आई थीं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने मई 2026 में कहा कि 'एक-दो टांके लगे और बस.' वहीं एक अधिकारी ने कहा कि 'घुटने और पीठ में हल्की चोट थी, अब वे पूरी तरह स्वस्थ हैं.' मुज्तबा के कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जून में यहां तक कह दिया कि वे 'पूरी तरह स्वास्थ्य' हैं.

पश्चिमी मीडिया और अमेरिकी अधिकारियों ने इससे बिल्कुल अलग तस्वीर पेश की. न्यूयॉर्क टाइम्स ने मार्च 2026 में रिपोर्ट किया कि मुज्तबा 'बुरी तरह घायल' हैं. उनके चेहरे पर गंभीर जलन थी, उनके हाथ की सर्जरी हुई और उनका एक पैर खराब हो गया है.

न्यूयॉर्क टाइम्स ने अप्रैल में और खुलासा किया कि मुज्तबा के होंठ और चेहरा बुरी तरह झुलस गए थे, उन्हें बोलने में मुश्किल हो रही थी और उनकी प्लास्टिक सर्जरी करनी पड़ी. अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने 13 मार्च को कहा कि मुज्तबा 'घायल' हैं.

सबसे बड़ा खुलासा 7 जून 2026 को हुआ, जब ईरान की एक्सपर्ट्स काउंसिल के सदस्य सैय्यद अहमद खातमी ने कहा कि मुज्तबा के पैर की चोट इतनी गंभीर थी कि डॉक्टरों को उस पैर को काटना पड़ सकता है. हालांकि बाद में डॉक्टरों की मेहनत से वह पैर बच गया, लेकिन यह बात साफ कर देती है कि चोटें किसी 'मामूली' से बहुत दूर थीं.

मिडिल ईस्ट इंस्टीट्यूट के एक्सपर्ट एलेक्स वातांका का कहना है कि चाहे मुज्तबा की चोटें कितनी भी गंभीर हों, वह अपने पिता की तरह सर्वोच्च सत्ता का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. वह सिर्फ एक आवाज होंगे, जरूरी नहीं कि निर्णायक आवाज.

तो क्या मुज्तबा अब तक पूरी तरह ठीक हो पाए हैं?

मुज्तबा ने नेता बनने के बाद से अब तक एक बार भी खुलकर सामने आने का जोखिम नहीं उठाया. उनकी एक भी तस्वीर या वीडियो सामने नहीं आई. उनके नाम से जितने भी बयान आए, वे सब लिखित रूप में आए या किसी और ने पढ़कर सुनाए. चैथम हाउस की सनम वकील कहती हैं कि शायद मुज्तबा औपचारिक रूप से फैसला लेने की कमेटी का हिस्सा हैं और वह साइन ऑफ करते हैं, लेकिन उन्हें पहले से तय फैसले पेश किए जाते हैं.

मार्च में अपने पहले बयान में उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता लेकिन अपने अधिकारों से मुंह नहीं मोड़ेगा और होर्मुज स्ट्रेट को बंद रखने की बात कही.

अप्रैल में उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट के मैनेजमेंट को 'नए फेज' में ले जाने की बात कही और 26 जून को न्यायपालिका सप्ताह के मौके पर कहा कि उनके पिता की हत्या के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी. इसके बावजूद वे खुद कहीं नहीं दिखे.

तो फिर मुज्तबा खामेनेई कहां गायब हैं?

इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के अली वाएज कहते हैं कि मुज्तबा 'सुप्रीम' नहीं हैं. वह नाम के नेता हो सकते हैं, लेकिन वह अपनी स्थिति के लिए रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कर्जदार हैं और उन्हीं के अधीन हैं. इस गायबी के पीछे चार बड़ी वजहें हो सकती हैं:

  • गंभीर चोटें: अगर वे अब भी इलाज ले रहे हैं, चलने-फिरने में असमर्थ हैं या उनके चेहरे पर ऐसा घाव है जिसे छिपाना मुश्किल है, तो वे सार्वजनिक रूप से नहीं आना चाहेंगे.
  • सुरक्षा खतरा: ईरान का सर्वोच्च नेता इजरायल और अमेरिका का सबसे बड़ा निशाना होता है. अगर वे सार्वजनिक रूप से आते हैं, तो उनकी हत्या की एक और कोशिश हो सकती है.
  • सत्ता संभालने की स्थिति में नहीं: कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान की असली सत्ता अब रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के जनरलों के हाथ में है और मुज्तबा सिर्फ नाम के नेता हैं.
  • सोची-समझी चाल: शायद वे जानबूझकर छिप रहे हैं ताकि दुश्मन उनके बारे में कुछ पता न लगा सके, क्योंकि अगर वे सार्वजनिक होते हैं तो उनकी कमजोरियां सामने आ सकती हैं.

अंतिम संस्कार चार महीने बाद क्यों हो रहा है?

आमतौर पर मुस्लिम परंपरा में मृत्यु के 24 घंटों के भीतर दफन कर दिया जाता है, लेकिन यहां अंतिम संस्कार चार महीने बाद हो रहा है. इसकी तीन बड़ी वजहें हैं:

  1. शव बुरी तरह घायल हो गया था. हमले में अली खामेनेई का शव इतना बिखर गया कि उनकी पहचान डीएनए टेस्ट के बाद ही हो पाई.
  2. ईरान उस समय युद्ध की स्थिति में था, इसलिए इतना बड़ा आयोजन करना मुश्किल था.
  3. ईरान इन अंतिम संस्कारों का इस्तेमाल राजनीतिक संदेश देने के लिए करता है.

2020 में कासिम सुलेमानी के अंतिम संस्कार में करोड़ों लोग उमड़े थे और ईरान चाहता था कि इस बार भी ऐसा ही आयोजन हो, जिसमें पूरी दुनिया को ईरान की ताकत दिखे. इसलिए उन्होंने योजना बनाकर यह तारीख चुनी.

4 और 5 जुलाई को तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसल्ला में शव को आखिरी बार दिखाने के लिए रखा जाएगा. 6 जुलाई को तेहरान में राजकीय अंतिम संस्कार जुलूस निकलेगा और उस दिन छुट्टी का ऐलान किया गया है. 7 जुलाई को कोम शहर में अंतिम संस्कार जुलूस होगा.

8 जुलाई को इराक के पवित्र शहरों करबला और नजफ में जुलूस निकलेगा, क्योंकि इराकी धार्मिक नेताओं ने इसकी मांग की है. आखिर में 9 जुलाई को मशहद शहर में इमाम रजा की मजार पर उन्हें दफनाया जाएगा. यह छह दिन का सफर पूरे ईरान और उसके बाहर तक फैला है. इस दौरान पूरी दुनिया की निगाहें मुज्तबा पर होंगी.

क्या मुज्तबा इस अंतिम संस्कार में आएंगे?

एक अमेरिकी खुफिया स्रोत का मानना है कि मुज्तबा ने एक पैर गंवा दिया है, जबकि ईरानी अधिकारी मुजाहिर हुसैनी कहते हैं कि दुश्मन अफवाहें फैला रहे हैं और लोगों को सब्र रखना चाहिए- 'वह तुमसे बात करेंगे जब सही वक्त आएगा.' मुज्तबा की शिरकत के दो सिनेरियो बनते हैं:

1. अगर मुज्तबा आते हैं:

  • यह ईरान के लिए बहुत बड़ा संदेश होगा. उनकी मौजूदगी साबित करेगी कि वे पूरी तरह स्वस्थ हैं, सत्ता संभालने की स्थिति में हैं और ईरान की मजबूत लीडरशिप है.
  • यह उन सभी अफवाहों को खत्म कर देगा जो उनकी मौत या गंभीर रूप से विकलांग होने की बात कर रही थीं.
  • ईरान की सत्ता में शांति का मैसेज जाएगा और अमेरिका-ईरान सीजफायर में ईरान की बार्गेनिंग पावर भी बढ़ेगी.

2. अगर मुज्तबा नहीं आते:

  • यह साबित करेगा कि वे या तो इतने बुरी तरह घायल हैं कि चल-फिर नहीं सकते, या फिर वे सत्ता में ही नहीं हैं.
  • ईरान की राजनीति में यह एक बड़ा संकट पैदा करेगा- 'ईरान चला कौन रहा है?' यह सवाल और गहरा हो जाएगा.
  • रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के शासक होने की अटकलें तेज हो जाएंगी और ईरान की सत्ता में उठक-पटक बढ़ जाएगी.

ज़ाहिद अहमद इस वक्त ABP न्यूज़ में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. टेलीविजन और डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में उन्हें करीब 9 साल का तजुर्बा है. इससे पहले वे 3 बड़े मीडिया संस्थानों में भी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. वे ओरिजिनल सेक्शन की एक्सप्लेनर टीम में सीनियर सब एडिटर रहे. ज़ाहिद आउटपुट डेस्क, बुलेटिन प्रोड्यूसिंग और बॉलीवुड सेक्शन को बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर लीड भी कर चुके हैं. देश-विदेश, सियासत, कारोबार, एजुकेशन, एंटरटेनमेंट, चुनाव और समाजी मुद्दों पर उनकी गहरी पकड़ है. आसान लहजे में असरदार और भरोसेमंद एक्सप्लेनर पेश करना उनकी पहचान है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

PoJK के मुजफ्फराबाद में चुनाव से पहले बवाल, शहबाज-मुनीर की बढ़ी टेंशन!
PoJK के मुजफ्फराबाद में चुनाव से पहले बवाल, शहबाज-मुनीर की बढ़ी टेंशन!
सऊदी क्राउन प्रिंस ने घुमाया फोन तो बदला ट्रंप का मन! ईरान युद्ध पर यू-टर्न
सऊदी क्राउन प्रिंस ने घुमाया फोन तो बदला ट्रंप का मन! ईरान युद्ध पर यू-टर्न
खत्म हो जाएगा US-ईरान युद्ध? समझौते में हॉर्मुज को लेकर क्या हुआ फैसला
खत्म हो जाएगा US-ईरान युद्ध? समझौते में हॉर्मुज को लेकर क्या हुआ फैसला
'अब अटैक किया तो स्टोन एज में पहुंचा देंगे', ईरान की अमेरिका को धमकी
'अब अटैक किया तो स्टोन एज में पहुंचा देंगे', ईरान की अमेरिका को धमकी
Advertisement

वीडियोज

Kiara Advani ने Toxic Controversy पर तोड़ी चुप्पी, Yash की फिल्म का किया बचाव
Ramayana Trailer में Lord Vishnu कौन? Ranbir Kapoor, Mahesh Babu या Saurabh Raj Jain
Aaradhya Bachchan को था Ranbir Kapoor पर Crush, Aishwarya Rai ने बताया मजेदार किस्सा
Mannat:😱Vikrant की सुरक्षा की बड़ी जंग, अपनों के ही खिलाफ Mannat ने उठाया बड़ा कदम #sbs
Bollywood News: क्या राम गोपाल वर्मा और उर्मिला मातोंडकर ने गुप्त चुप तरीके से कर ली थी शादी? दिग्गज पत्रकार का दावा, चिरंजीवी ने कैसे खोला था राज? (01.08.26)
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'अब अटैक किया तो स्टोन एज में पहुंचा देंगे', ईरान की अमेरिका को धमकी
'अब अटैक किया तो स्टोन एज में पहुंचा देंगे', ईरान की अमेरिका को धमकी
महाराष्ट्र के कई जिलों में बारिश का अलर्ट, तेज हवाएं चलने की चेतावनी
महाराष्ट्र के कई जिलों में बारिश का अलर्ट, तेज हवाएं चलने की चेतावनी
IPL ट्रेड की खबरों के बीच नए लुक में दिखे हार्दिक पांड्या, GF भी थी साथ
IPL ट्रेड की खबरों के बीच नए लुक में दिखे हार्दिक पांड्या, GF भी थी साथ
सलमान खान से रणदीप हुड्डा तक, असम बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए ये सितारे
सलमान खान से रणदीप हुड्डा तक, असम बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए ये सितारे
केरल में भारी बारिश और बाढ़ से 6 लोगों की मौत, 6 लापता, CM ने क्या कहा?
केरल में भारी बारिश और बाढ़ से 6 लोगों की मौत, 6 लापता, CM ने क्या कहा?
UKSSSC पेपर लीक केस, ED का बड़ा एक्शन, हाकम सिंह की 63 लाख की संपत्ति अटैच
UKSSSC पेपर लीक केस, ED का बड़ा एक्शन, हाकम सिंह की 63 लाख की संपत्ति अटैच
Kunal Khemu Kashmir House Tour: कुनाल खेमू के कश्मीर वाले घर का टूर, देखें कैसा है इंटीरियर?
कुनाल खेमू के कश्मीर वाले घर का टूर, देखें कैसा है इंटीरियर?
गौमूत्र और गुड़ से बनाएं फसल का टॉनिक, खेत में लौट आएगी जान
गौमूत्र और गुड़ से बनाएं फसल का टॉनिक, खेत में लौट आएगी जान
Embed widget