गौमूत्र और गुड़ से बनाएं फसल का टॉनिक, खेत में लौट आएगी जान
Agriculture News: गौमूत्र और गुड़ से फसल के लिए देसी घोल कैसे बनाएं? जानें इसे बनाने का आसान तरीका, इस्तेमाल करने का सही समय और इससे मिलने वाले फायदे

Agriculture News: आजकल लोग अपनी खेती में ज्यादा खाद और दवा का इस्तेमाल करते हैं, जिससे उनकी फसल अच्छी हो. ऐसे में किसानों का खर्च भी बढ़ जाता है और मिट्टी की सेहत भी खराब होती है. हालांकि, किसान घर की चीजों से तैयार देसी घोल से ही खेत और फसल की सेहत बेहतर रख सकते हैं. आपको बता दें कि गौमूत्र और गुड़ से बना घोल भी ऐसा ही एक आसान तरीका है. इसे बनाने में ज्यादा खर्च नहीं आता और कई किसान इसे फसल के लिए अच्छा मानते हैं. आइये जानते हैं किस प्रकार बनता है यह घोल.
ऐसे बनाएं देसी घोल
सबसे पहले 10 लीटर गौमूत्र लें, इसमें 1 किलो गुड़ डालकर अच्छी तरह मिला दें. अब इस मिश्रण को प्लास्टिक की बाल्टी या ड्रम में भरकर 5 से 7 दिन के लिए ढककर रख दें. ध्यान रहे कि हर दिन एक बार लकड़ी की डंडी से इसे हिलाते रहें.
यह भी पढ़े: बरसात में करें मूली की खेती, घर पर ही तैयार हो जाएगी फसल
खेत में कैसे डालें?
घोल तैयार होने के बाद इसे सीधे खेत में नहीं डालना चाहिए. 1 लीटर घोल में 10 से 15 लीटर पानी मिलाएं. इसके बाद स्प्रे मशीन से फसल पर छिड़काव करें. चाहें तो इसे पानी के साथ भी खेत में डाल सकते हैं. सुबह या शाम के समय इसका इस्तेमाल करना बेहतर रहता है.
इससे क्या फायदा हो सकता है?
कई किसानों का कहना है कि इस घोल से पौधे हरे-भरे रहते हैं. पौधों की बढ़त अच्छी हो सकती है और जड़ें भी मजबूत बनती हैं. इससे मिट्टी भी पहले से बेहतर रहने में मदद मिल सकती है. हालांकि, इसका असर फसल और खेत की हालत पर भी निर्भर करता है. लेकिन फिर भी आप यह घोल बनाकर प्रयास कर सकते हैं.
इन बातों का रखें ध्यान
घोल बनाने के लिए साफ बाल्टी या ड्रम का इस्तेमाल करें. क्योंकि घोल अच्छी तरह बन जाएगा. साथ ही इसका भी ध्यान रखें की धूप में न रखें और हर दिन एक बार जरूर हिलाएं. अगर पहली बार इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, तो पहले खेत के छोटे हिस्से में आजमा लें. अगर कोई परेशानी हो, तो पास के किसानअधिकारी या जानकार किसान से सलाह लें सकते हैं. कम खर्च में बनने वाला यह देसी घोल कई किसानों के बीच पसंद किया जा रहा है. सही तरीके से इस्तेमाल करने पर यह फसल की देखभाल में मदद कर सकता है.
यह भी पढ़े: Dairy Buisness Subsidy: कितनी गाय के साथ कर सकते हैं डेयरी बिजनेस, सरकार से कितनी मदद?






















