UKSSSC पेपर लीक केस, ED का बड़ा एक्शन, हाकम सिंह की 63 लाख की संपत्ति अटैच
उत्तराखंड के बहुचर्चित UKSSSC भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में ED ने बड़ी कार्रवाई की है. हाकम सिंह रावत की करीब 63 लाख रुपये की संपत्तियां अटैच की हैं.

उत्तराखंड के बहुचर्चित UKSSSC भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी हाकम सिंह रावत की करीब 63 लाख रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है. ईडी का दावा है कि भर्ती घोटाले से अर्जित अवैध धन का इस्तेमाल संपत्तियां खरीदने और उसे वैध दिखाने के लिए किया गया. एजेंसी की जांच अभी जारी है और मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है.
ईडी के अनुसार, यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है. जांच में सामने आया कि हाकम सिंह रावत और उसके सहयोगियों ने कथित तौर पर भर्ती परीक्षाओं में धांधली कर अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूली. इसी अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई करीब 63 लाख रुपये की संपत्तियों को एजेंसी ने अस्थायी रूप से अटैच किया है.
वित्तीय जांच के दौरान ईडी को हाकम सिंह रावत की आय और बैंक खातों से जुड़े कई अहम सुराग मिले. एजेंसी का दावा है कि उसे भर्ती घोटाले से करीब 95 लाख रुपये की अवैध कमाई हुई. बैंक खातों में बड़ी मात्रा में नकदी जमा होने के साक्ष्य भी जांच में सामने आए. ईडी के मुताबिक, इस धन को वैध दिखाने के लिए आयकर रिटर्न में कृषि आय दर्शाई गई, लेकिन जांच के दौरान कृषि गतिविधियों से जुड़े दावे प्रमाणित नहीं हो सके. एजेंसी का आरोप है कि अपराध से अर्जित धन को वित्तीय प्रणाली के जरिए वैध बनाकर संपत्तियां खरीदी गईं.
मनी ट्रेल की जांच के दौरान ईडी ने 14 अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया. कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी ने डिजिटल उपकरण, बैंक रिकॉर्ड, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड कब्जे में लिए. अधिकारियों का कहना है कि बरामद दस्तावेजों के आधार पर मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
2016 और 2021 की भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा है मामला
ईडी के मुताबिक, जांच का दायरा 2016 और 2021 में आयोजित UKSSSC भर्ती परीक्षाओं तक फैला हुआ है. जांच में प्रश्नपत्र लीक करने, ओएमआर शीट में कथित छेड़छाड़ करने और अभ्यर्थियों को अवैध लाभ पहुंचाने के लिए संगठित नेटवर्क के काम करने के संकेत मिले हैं. एजेंसी इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है.
करोड़ों रुपये लेकर चलाया सिंडिकेट
जांच एजेंसी का दावा है कि हाकम सिंह रावत ने RMS Techno Solutions Pvt. Ltd. के कुछ कर्मचारियों, परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कुछ लोगों और कथित बिचौलियों के साथ मिलकर पेपर लीक का संगठित नेटवर्क तैयार किया. आरोप है कि अभ्यर्थियों से भारी रकम लेकर उन्हें गोपनीय प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए गए और इसी अवैध कमाई का इस्तेमाल चल-अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया.
विशेष अदालत में शिकायत दाखिल
ईडी ने बताया कि मामले में विशेष पीएमएलए अदालत, देहरादून में पहले ही अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) दाखिल की जा चुकी है. इसमें RMS Techno Solutions Pvt. Ltd. के कुछ कर्मचारियों, सरकारी कर्मियों, बिचौलियों और अन्य आरोपियों को भी नामजद किया गया है. एजेंसी का कहना है कि जांच आगे भी जारी रहेगी और नए साक्ष्य मिलने पर अतिरिक्त कार्रवाई की जाएगी.
भर्ती घोटाले पर सरकार का सख्त रुख
उत्तराखंड में पेपर लीक मामलों के सामने आने के बाद सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कई सख्त कदम उठाए हैं. नकल विरोधी कानून को और मजबूत किया गया है, जबकि एसटीएफ, विजिलेंस और ईडी जैसी एजेंसियां आर्थिक अपराधों की भी समानांतर जांच कर रही है. सरकार का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता से समझौता करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी.
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