...तो क्या बरगद चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ेंगे अखिलेश यादव?

नई दिल्लीः एबीपी न्यूज को सूत्रों के हवाले बड़ी खबर मिली है. आज दिन में 11 बजे समाजवादी जनता पार्टी के अध्यक्ष कमल मोरारका ने लखनऊ में अखिलेश यादव से मुलाकात की. इससे पहले उन्होंने दिल्ली में अखिलेश खेमे के रामगोपाल यादव से मुलाकात की थी. सूत्रों के मुताबिक इस मुलाकात का मकसद अखिलेश यादव के लिए नई पार्टी और नया चुनाव चिन्ह मुहैया कराना है. क्या यूपी के चुनाव में अखिलेश यादव लोगों से बरगद चुनाव चिंह्न पर वोट देने की अपील करेंगे ?
अगर वाकई ऐसा हो तो ज्यादा हैरानी नहीं होनी चाहिए. दरअसल बरगद समाजवादी जनता पार्टी का चुनाव चिन्ह है जिसका गठन पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ने किया था. उनके निधन के बाद अब कमल मोरारका इस पार्टी के अध्यक्ष हैं.
सूत्रों के मुताबिक कमल मोरारका ने आज दिन में 11 बजे अखिलेश यादव से मुलाकात की. खबरों के मुताबिक उन्होंने अखिलेश यादव को अपनी पार्टी और चुनाव चिंह्न देने का प्रस्ताव दिया है. अखिलेश यादव से मुलाकात से पहले उन्होंने दिल्ली में रामगोपाल यादव से मुलाकात की थी और वहां से सलाह मशविरा करके वो अखिलेश यादव से मिले थे.
खबर है कि अखिलेश यादव ने कमल मोरारका के इस प्रस्ताव पर अभी कोई फैसला नहीं किया है. दरअसल वो पहले कोशिश करेंगे कि समाजवादी पार्टी का चुनाव चिन्ह साइकिल उनके हिस्से आये.
समाजवादी पार्टी में जिस तरह से सत्ता संघर्ष चल रहा है, उसमें साइकिल चुनाव चिन्ह का मामला चुनाव में जाना करीब करीब तय दिख रहा है. चुनाव आयोग साइकिल चुनाव चिन्ह किस गुट को देगा, ये कहना अभी मुश्किल है. वैसे संभावना इस बात की भी है कि वो साइकिल चुनाव चिन्ह को जब्त कर ले और फिर दोनों गुटों को नये चुनाव चिन्ह पर लड़ने के लिए कहे.
समाजवादी जनता पार्टी का अभी कोई खास वजूद नहीं है लेकिन 90 के दशक में मुलायम सिंह भी इस पार्टी में रह चुके हैं. इसी पार्टी से बाहर आकर उन्होंने समाजवादी पार्टी बनाई थी. पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के निधन के बाद कमल मोरारका किसी तरह से इस पार्टी को चला रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक अब उनकी दिली ख्वाहिश है कि अखिलेश यादव इस पार्टी को संभालकर उसे नई जिंदगी दें.
Source: IOCL























