झांसी जिला अस्पताल में कॉमन है महिला-पुरुष शौचालय, सीएमएस को नहीं है इसकी जानकारी
यहां एक टॉयलेट को दोनों के लिए कॉमन रखा गया है. उसके बाहर नोटिस बोर्ड लगा रखा है जिस पर लिखा है कि महिला शौचालय और पुरुष शौचालय. और तो और शौचालय में दरवाजा भी नहीं है.

झांसी: जिला अस्पताल में अंधेर नगरी चौपट राजा वाला हाल चल रहा है. यहां महिला और पुरुष के लिए एक ही टॉयलेट बनाया गया है. हैरान कर देने वाली बात यह है कि इस बात की जानकारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को नहीं है. साल भर पहले इसी भवन का निरीक्षण सीएम योगी ने किया था.

बीजेपी सरकार ने अपने घोषणा पत्र में महिलाओं के लिए विभिन्न योजनाओं का ऐलान किया था. कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ, उज्जवला योजना, कन्या भ्रूण रोकने के लिए मुखबिर योजना, निराश्रित पेंशन योजना, सामूहिक विवाह योजना, भाग्यलक्ष्मी योजना, विधवा महिलाओं के लिए योजना, महिला शक्ति केंद्र योजना यही नहीं बलात्कार पीड़ित महिलाओं के इलाज और उनकी कॉस्मेटिक सर्जरी का मेडिकल खर्च उठाने के लिए योजना बनाई गई. लेकिन बीजेपी सरकार शहर के जिला चिकित्सालय के क्षेत्रीय निदान केंद्र में महिलाओं के लिए अलग से टॉयलेट नहीं बनवा सकी.
यहां एक टॉयलेट को दोनों के लिए कॉमन रखा गया है. उसके बाहर नोटिस बोर्ड लगा रखा है जिस पर लिखा है कि महिला शौचालय और पुरुष शौचालय. और तो और शौचालय में दरवाजा भी नहीं है. महिलाएं अंदर जाने से पहले भयभीत होकर इंतजार करतीं हैं कि कोई वहां है तो नहीं. हैरान कर देने वाली बात यह है कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ साल 2017 में अपने दौरे के मद्देनजर इसी भवन का निरीक्षण करने आए थे.

अस्पताल आए मरीज और तीमारदारों की राय हल्केराम पटेल ने बताया कि दिक्कत तो है, महिला और पुरुष के लिए दिक्कत है. राजगढ़ निवासी देवीराम प्रजापति ने कहा कि बहुत दिक्कत वाली बात है. महिला और पुरुष का अलग अलग टॉयलेट होना चाहिए. हरकुंवर ने बताया कि एक टॉयलेट होने से बहुत दिक्कत होती है.
सीएमएस को नहीं पता मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर बीके गुप्ता ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी ही नहीं है. ऐसा है तो वह खुद देखने जाएंगे. आकस्मिक विभाग में तैनात डॉक्टर नीरज सिंह ने बताया कि ऐसा नहीं होना चाहिए यह गलत है.
Source: IOCL





















