बिहार: लॉकडाउन बढ़ाए जाने पर RJD ने कसा पीएम पर तंज तो JDU ने बताई मजदूरों को रोजगार देने की योजना
कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन मई तक लॉकडाउन बढ़ाने का एलान किया है. देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 10,815 हो गई है. इनमें से अब तक 353 लोगों की मौत हुई है और 1190 लोग ठीक हुए हैं.

पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीन मई तक लॉकडाउन बढ़ाए जाने पर लालू यादव की पार्टी आरजेडी ने तंज कसा है. आरजेडी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा कि ये तो उम्मीद थी कि लॉकडाउन बढ़ेगा और कई राज्यों में पहले ही बढ़ा दिया गया था. प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में जिक्र किया कि बीस तारीख तक सख्ती के साथ लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जायेगा.अगर जिन इलाकों में मामला नहीं बढ़ता है तो वहां कुछ रियायत कर कुछ गतिविधियों की शुरुआत की छूट दी जा सकती है. उन्होंने कहा कि इसके अलावा जो दिहाड़ी मजदूर है,जो बड़े पैमाने पर असंगठित रूप से काम कर रहे हैं जिनमें अधिकतर लोंगो का काम छूट गया है. उनका जीवन कैसे चलेगा? इसपर उन्होंने कोई ठोस बातें नहीं कही.
शिवानंद तिवारी ने कहा कि इसमें गरीब लोग हैं जो झुग्गियों में रहते हैं जिनके लिए लॉकडाउन का कोई अर्थ ही नहीं है और यहां बिहार में ऐसे लोगों की एक बड़ी आबादी है जो एक ही कमरे में पांच से सात लोग रहते हैं वहां पर सोशल डिस्टेंसिंग की बात करना, जिनको पीने के लिए पानी तक नहीं मिलता है उनके लिए हाइजीन की बात करना ये सब प्रधानमंत्री की काल्पनिक बातें हैं. प्रधानमंत्री ने भाषण दिया है जो उनसे उम्मीद थी उसपर वो खरे उतरे. हम इस भाषण से बहुत उत्साहित नहीं है.
वहीं बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, " दैनिक मजदूरों को रोजगार देने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा दिशा निर्देश दिया गया है और जो जल जीवन हरियाली योजना है, नल जल योजना है और नली गली योजना है,उसके निर्माण पर उन्होंने छूट दिया है. जल्द ही कार्य प्रारंभ करने को कहा गया है.
बाहर से आए मजदूरों को बिहार में काम मिलेगा
श्रवण कुमार ने कहा कि खासकर जो हमारे मजदूर है उन्हें बड़े पैमाने पर मनरेगा में हम काम देते हैं. इसके अलावा जो मजदूर बाहर से आये हैं, उन्हें भी जॉब कार्ड दिया जाएगा उनको भी काम मिलेगा. जल जीवन हरियाली योजना में बड़े पैमाने पर पौधा लगाने का निर्देश राज्य सरकार ने जारी किया है. उस पौधरोपण में जो मजदूर की आवश्यकता होगी, उसमें लगाए जाएंगे. राज्य में 2019 में 45 लाख 41 हजार पौधे लगाए गए थे जिसकी देख रेख के लिए वन पोषक बहाल किये गए हैं . सबको हम काम दे रहे हैं और वनपोषक को तीन दिन पर 77 रुपये की मजदूरी मिलती थी अब 1 तारीख से उन्हें तीन दिन पर 194 रुपये मिलेंगे.
जॉब कार्ड नहीं देने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी
ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि जॉब कार्ड की कोई समस्या नहीं है, जो जॉब खोजेंगे उन्हें हम जॉब देंगे. उन्होंने कहा कि जो अधिकारी लोग या कोई कर्मचारी अगर जॉब कार्ड जारी नहीं कर रहे हैं तो उनपर भी स ख्त कार्यवाही होगी.जॉब कार्ड का जो प्रक्रिया है उसमे लोगो को पहले अपने पंचायत के मुखिया को आवेदन देना होता है, मुखिया उस आवेदन को पंचायत स्तर पर रोजगार सेवक को देते हैं. इसके अलावा प्रखंड स्तर, बीडीओ और उसके ऊपर डीडीसी और कलक्टर को आवेदन दे सकते हैं. अगर इतना देने पर भी अगर कोई कार्यवाही नहीं होती है तो जो संबंधित पदाधिकारी हैं उनपर कार्यवाही होगी.
बाहर से आए मजदूर को 14 दिन के बाद काम मिलेगा
श्रवण कुमार ने कहा कि आपको मालूम होना चाहिए कि बिहार में जितनी भी मनरेगा की बकाया राशि थी उसका एकमुश्त भुगतान किया गया है. जितना मैटेरियल मद में बकाया था सबको एकमुश्त भुगतान का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि बिहार के बाहर से मजदूर आये हैं उन्हें 14 दिन तक कोरेन्टाइन रखा गया है और 14 दिन बाद जब चिकित्सक उन्हें प्रमाण पत्र देंगे कि ये निरोग है और अगर वो काम खोजते हैं तो हम उन्हें जॉब कार्ड देंगे काम में लगाएंगे. उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी. जब भी वो आवेदन देंगे उन्हें एक सप्ताह के अंदर जॉब कार्ड मुहैया कराया जायेगा.
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