जौहर यूनिवर्सिटी केस में आजम खान की मुश्किलें और बढ़ेगी, जल्द चार्जशीट दाखिल करेगी ED
जौहर यूनिवर्सिटी केस में ED आजम खान के खिलाफ जल्द पहली चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है. सरकारी ठेकों में कथित गड़बड़ी और जौहर ट्रस्ट में धन भेजने के आरोपों की जांच जारी है.

पूर्व सांसद आजम खान की गिरफ्तारी के बाद ED ने जांच तेज कर दी है. इस दौरान जांच एजेंसी पहली चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में हैं. जांच एजेंसी ने सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और ठेकेदारों से रकम लेकर जौहर ट्रस्ट में डायवर्ट करने के सबूत मिलने का दावा किया है. ED ने आजम खान के सीए, करीबी ठेकेदारों और ट्रस्ट पदाधिकारियों से पूछताछ की थी, जिसकी मदद से कई अहम सबूतों के बारे में पता लगा है.
आजम खान के जौहर यूनिवर्सिटी केस में कुछ अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी हो सकती है. इससे पहले अगले सप्ताह कई अन्य लोगों को ED पूछताछ के लिए बुलाने वाली है. हालांकि, ED चार्जशीट तैयार करने से पहले पूर्व सांसद आजम खान से दोबारा पूछताछ कर सकती है.
13 नवंबर को अगली पेशी
जौहर यूनिवर्सिटी केस में आजम खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. फिलहाल वे गाजियाबाद जिला जेल में बंद है. 13 नवंबर को अदालत में होगी अगली पेशी भी होने वाली है. ED की जांच के केंद्र में सरकारी ठेकों में कथित गड़बड़ी और जौहर ट्रस्ट में धन के लेन-देन का मामला.
ED ने क्या आरोप लगाए
ED ने उत्तर प्रदेश पुलिस की तरफ से खान और उनके कथित सहयोगियों के खिलाफ दर्ज 58 प्राथमिकी का संज्ञान लेते हुए सपा नेता और अन्य लोगों के खिलाफ धनशोधन का मामला दर्ज किया है. एजेंसी ने 28 अक्टूबर को बताया था कि उसने धनशोधन रोधी कानून के तहत रामपुर स्थित खान की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों को कुर्क कर लिया है. इन संपत्तियों का मौजूदा बाजार मूल्य 1,170 करोड़ रुपये है.
एजेंसी ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक कार्यों के लिए आवंटित सरकारी धन का इस्तेमाल निजी विश्वविद्यालय के निर्माण में किया गया. उसने खान पर आरोप लगाया कि उन्होंने राज्य के शहरी विकास मंत्री के तौर पर और उत्तर प्रदेश जल निगम में अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर कथित अनियमितताओं को अंजाम देने में मदद की.






















