एक्सप्लोरर

देवबंद और तालिबान की जड़ें एक! अफगान विदेश मंत्री मुतक्की क्यों पहुंचे दारुल उलूम? जानें पूरा कनेक्शन

अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुतक्की ने शनिवार को इस्लामिल मदरसा दारूल उलूम देवबंद को दौरा किया. बता दें कि देवबंद के दारुल उलूम संस्थान की स्थापना गुलाम हिंदुस्तान में साल 1866 में हुई थी.

अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुतक्की ने शनिवार (11 अक्टूबर, 2025) को दारूल उलूम देवबंद का दौरा किया. देवबंद के दारुल उलूम संस्थान की स्थापना गुलाम हिंदुस्तान में साल 1866 में हुई थी और इसकी स्थापना का इतिहास ही आजादी की लड़ाई से जुड़ा हुआ है. इस संस्थान की स्थापना ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ हिंदुस्तान के पहले स्वाधीनता संग्राम 1857 की लड़ाई से जुड़ा है.

देवबंदी शब्द दरअसल इस्लाम धर्म के एक स्कूल ऑफ थॉट से निकला है और इसका सबसे बड़ा और पुराना संस्थान सहारनपुर के एक छोटे से कस्बे में है, जिसका नाम दारुल उलूम देवबंद है. 1857 की लड़ाई के बाद अंग्रेजो ने कई मुस्लिम संस्थाओं पर जबरन ताला लगा दिया था और सैकड़ों इस्लाम के विद्वानों को या तो मौत की सजा दे दी थी या जेलों में बंद कर दिया था. इसके बाद जिंदा बचे इस्लाम के विद्वानों ने मिलकर इस मदरसे की स्थापना साल 1866 में की थी. 

तालिबानियों के लिए क्यों अहम है देवबंद?

कुछ सालों में दारुल उलूम इस्लाम के सुन्नी विचारों का गढ़ बन गया और सुन्नी इस्लाम के हनफी विचार या स्कूल ऑफ थॉट के मानने वाले लोग सालों से हिंदुस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश में बड़ी तादाद में मौजूद हैं, जिन्हें 'देओबंदी' कहा जाता है.

ये तो हो दारुल उलूम देवबंद और देओबंदी आंदोलन का इतिहास है, अब आपको बताते हैं कि ये संस्थान तालिबान के नेता और उनके मानने वाले लोगों के लिए क्यों अहम है? दरअसल हिंदुस्तान के बंटवारे के बाद देवबंदी आंदोलन के मानने वाले लोग अलग-अलग वजहों से पूरे साउथ एशिया में फैले और कई जगहों पर इसी स्कूल ऑफ थॉट की तर्ज पर मदरसे और शैक्षणिक संस्थान कायम किए. 

दारूल उलूम हक्कानिया की स्थापना

इन्हीं में से एक नाम है दारूल उलूम हक्कानिया का, जो पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा के खैबर पख्तूनवा प्रांत में है. हक्कानिया की स्थापना देवबंद के इसी दारुल उलूम की बुनियाद पर ही हुई. इसकी स्थापना साल 1947 में मौलाना शेख अब्दुल हक ने की थी, जिन्होंने इसी देवबंद में मौजूद दारुल उलूम मदरसे से इस्लामिक शिक्षा की पढ़ाई की थी. 

मौलाना शेख अब्दुल हक की मृत्यु के बाद उनके बेटे मौलाना समी उल हक, साल 1988 में मदरसे के प्रमुख बने और इसी दौरान सोवियत संघ ने अफगानिस्तान पर कब्जा करने की कोशिश की, जिसके बाद अमेरिका ने तमाम लॉजिस्टिकल सपोर्ट तालिबान को दिए, लेकिन सोवियत संघ के अफगानिस्तान से जाने के बाद भी इस मदरसे ने तालिबानी नेताओं के साथ अपने रिश्ते कायम रखे.

तालिबान के संस्थापक ने यहां ली शिक्षा

साल 2001 में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए आतंकवादी हमले के बाद जब अमेरिका ने तालिबान सरकार को हटाने में मदद की तो इस मदरसे से कई विद्रोही पैदा हुए, जिन्होंने अमेरिकी फौजों और उनकी समर्थित अफगान सरकार के खिलाफ एक लंबी लड़ाई भी लड़ी. 

इसी संस्थान से मुल्ला उमर पढ़े थे, जो तालिबान के संस्थापक भी थे. साथ ही मुल्ला उमर और उनके कई सीनियर कमांडर भी इसी संस्थान से इस्लामिक शिक्षा प्राप्त की थी. यही वजह है कि दारुल उलूम हक्कानिया को तालिबान की पाठशाला भी कहा जाता है और मौलाना समी उल हक को तालिबान का जनक या तालिबान का पिता भी कहा जाता है, जिनकी जड़ें देवबंद स्थित दारूल उलूम से मिलती हैं. 

ये भी पढ़ें:- ऑपरेशन गोल्डन स्वीप: DRI ने जब्त किया साढ़े 10 किलो सोना, 13 आरोपी गिरफ्तार

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Raja Singh Statement: ‘वंदे मातरम नहीं गाया तो भगा देंगे...’, राजा सिंह के बयान से मचा सियासी बवाल
‘वंदे मातरम नहीं गाया तो भगा देंगे...’, राजा सिंह के बयान से मचा सियासी बवाल
Noida International Airport Live: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन आज, पीएम मोदी करेंगे शुरुआत, सुरक्षा और ट्रैफिक के खास इंतजाम
LIVE: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन आज, पीएम मोदी करेंगे शुरुआत, सुरक्षा और ट्रैफिक के खास इंतजाम
US Iran War: ईरान युद्ध का असर! छोले भटूरे से लेकर लिट्टी चोखा तक दिल्ली में महंगा हुआ स्ट्रीट फूड
ईरान युद्ध का असर! छोले भटूरे से लेकर लिट्टी चोखा तक दिल्ली में महंगा हुआ स्ट्रीट फूड
Noida International Airport: एयरपोर्ट उद्घाटन का काउंटडाउन, नोएडा बना हाई सिक्योरिटी जोन, जानें रूट प्लान से लेकर पार्किंग तक की पूरी तैयारी
एयरपोर्ट उद्घाटन का काउंटडाउन, नोएडा बना हाई सिक्योरिटी जोन, जानें रूट प्लान से लेकर पार्किंग तक की पूरी तैयारी

वीडियोज

Maharashtra Fire News: पेट्रोल पंप पर बाइक में अचानक लगी आग..मची अफरा तफरी | Breaking
Chitra Tripathi: ईरान के ताबड़तोड़ हमलों के सामने...थक गए Netanyahu? | Iran Israel War | Trump
Bharat Ki Baat: आस्था या चुनावी अखाड़ा? बंगाल में फिर आमने-सामने TMC-BJP! | Bengal Election 2026
Khabar Filmy Hain: एक्टिंग का असली किंग कौन, धुरंधर की दहाड़ के बीच रनवीर कपूर का पलटवार | Bollywood Masala
Saas Bahu Aur Saazish: राघव के लिए रीत बनी वकील, क्या सबूत जुटाने में होगी कामयाब ?

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Israel US Iran War Live: अमेरिका-ईरान जंग में यमन की एंट्री, ट्रंप के खिलाफ खोला मोर्चा, इजरायल पर दागी मिसाइलें
LIVE: अमेरिका-ईरान जंग में यमन की एंट्री, ट्रंप के खिलाफ खोला मोर्चा, इजरायल पर दागी मिसाइलें
देश में शादी से पहले लड़कों का डोप और मेडिकल टेस्ट होगा जरूरी! जानें- क्यों शुरु हुई ये चर्चा?
देश में शादी से पहले लड़कों का डोप और मेडिकल टेस्ट होगा जरूरी! जानें- क्यों शुरु हुई ये चर्चा?
'धुरंधर 2' के फैन हुए Karan Johar, आदित्य धर को बताया बेहतरीन फिल्ममेकर, रणवीर सिंह के लिए लिखा - 'तू क्या है यार? '
'धुरंधर 2' के फैन हुए करण जौहर, आदित्य धर और रणवीर सिंह के लिए लिखी ये बात
IPL 2026 के पहले ही मैच में बड़ा कारनामा कर सकते हैं विराट कोहली, चाहिए सिर्फ 29 रन
IPL 2026 के पहले ही मैच में बड़ा कारनामा कर सकते हैं विराट कोहली, चाहिए सिर्फ 29 रन
सऊदी के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर ईरानी हमले में 10 अमेरिकी सैनिक घायल, G-7 के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद क्या बोले मार्को रुबियो
ईरानी हमले में 10 अमेरिकी सैनिक घायल, G-7 के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद क्या बोले रुबियो?
केरल विधानसभा चुनाव में उतरें एक नाम के कई उम्मीदवार, चुनावी जंग से पहले कन्फ्यूजन ही कन्फ्यूजन
केरल विधानसभा चुनाव में उतरें एक नाम के कई उम्मीदवार, चुनावी जंग से पहले कन्फ्यूजन ही कन्फ्यूजन
Petrol pump viral jugaad: बोतल में नहीं मिल रहा था पेट्रोल तो Passion की टंकी लेकर पहुंच गया युवक, वीडियो देख छूट जाएगी हंसी
बोतल में नहीं मिल रहा था पेट्रोल तो Passion की टंकी लेकर पहुंच गया युवक, वीडियो देख छूट जाएगी हंसी
Dubai Princess Sheikha Mahra: अपनी शर्तों पर जिंदगी जी रही दुबई की यह राजकुमारी, तलाक के बाद ऐसे कायम की मिसाल
अपनी शर्तों पर जिंदगी जी रही दुबई की यह राजकुमारी, तलाक के बाद ऐसे कायम की मिसाल
Embed widget