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Ninda Ras: शराब से भी अधिक खतरनाक है निंदा रस, नए साल 2025 पर ऐसी बुराईयों से दूर रहने का लें संकल्प

Ninda Ras: साधारण भाषा में जब किसी व्यक्ति या वस्तु की बुराई की जाती है तो उसे हम 'निंदा' करना कहते हैं. लेकिन 'निंदा रस' इससे भी अधिक घातक होता है. आइये जानते हैं क्या है निंदा रस का अर्थ.

Ninda Ras: परिवार या समाज में रहते हुए हमें कई तरह की परिस्थियों का सामना करना पड़ता है, जिसमें एक है ‘निंदा’. बलपूर्वक जब हम किसी का विरोध नहीं कर पाते तो ऐसी स्थिति में कई लोग निंदा का ही सहारा लेते हैं. जीवन में ऐसे लोगों से आपका सामना भी जरूर हुआ होगा.

आमतौर पर जब किसी व्यक्ति के प्रति ईष्या का स्तर बढ़ने लगता है तो वह उसे नीचा दिखाने के लिए उसकी निंदा करना शुरू कर देता है. कई बार लोग खुद की शान बढ़ाने या फिर अपने दोषों को छिपाने के लिए भी निंदा करने का सहारा लेते हैं. लेकिन निंदा और निंदा रस में अंतर होता है. निंदा रस को तो शराब से भी अधिक खतरनाक माना गया है. आइये जानते हैं कैसे?

क्या है निंदा रस (What is Condemnation)

किसी व्यक्ति की निंदा या आलोचना करने के बाद उसका स्वाद लेना ही निंदा रस कहलाता है. निंदा रस का अर्थ है आलोचना स्वाद लेना. निंदा रस अहम की भावना को दर्शाता है. क्योंकि निंदा करने वाले व्यक्ति को लगता है कि वही सर्वश्रेष्ठ है और वह सामने वाले को तुच्छ मानने लगता है. कुछ लोग किसी का उपहास बनाने के लिए निंदा करते हैं, कुछ खुद को बेहतर साबित करने के लिए निंदा करते हैं तो कुछ केवल समय काटने के लिए भी निंदा का सहारा लेते हैं. बाद में इसे आनंद आने लगता है और व्यक्ति निंदा रस में डूब जाता है. उसे दूसरों की बुराई करने की आदत लग जाती है, ऐसे व्यक्ति निगेटिव एनर्जी से भर जाते हैं. जब तक उन्हें इस गलत आदत का पता चलता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है. इसलिए बुराई नहीं देखनी चाहिए, दूसरों की अच्छाई से अच्छी बात ग्रहण करनी चाहिए. साथ ही नए साल पर यह संकल्प (New Year 2025 Resolution) लें आप भी निंदा करने जैसी बुरी आदत से दूर रहेंगे.

निंदा करना पाप के समान

  • ऋग्वेद के अनुसार, जो लोग दूसरों की निंदा करते हैं वह जाने-अनजाने में खुद का ही नुकसान करते हैं.
  • निंदा करने को सबसे बड़ा पापकर्म माना जाता है और इसका बुरा फल जरूर मिलता है.
  • निंदा, उद्गम हीनता और कमज़ोरी को दर्शाता है. निंदा करने वाले को ईश्वर की दरगाह में पापी माना गया है.

शराब से भी खतरनाक है निंदा रस

निंदा रस को शराब या मदिरा रस से भी अधिक खतरनाक माना जाता है. शराब का नशा तो एक दिन के बाद उतर जाता है. लेकिन कठोर, असंवेदनशील या व्यंग तरीके से की गई निंदा अवसाद का भी कारण बन सकती है. इसलिए इसका प्रयोग करना कई बार विनाशकारी भी साबित हो सकता है. निंदा अमूक व्यक्ति के लिए ईष्या या जलन भावना को दर्शाता है. इससे व्यक्ति आत्म सम्मान में कमी का अनुभव करने लगता है और अवसाद भी हो सकता है. इसलिए अपनी आचोचना में रचनात्मक बनें. दूसरों की निंदा करने या नीचा दिखना के लिए इसका प्रयोग नहीं करें.


Ninda Ras: शराब से भी अधिक खतरनाक है निंदा रस, नए साल 2025 पर ऐसी बुराईयों से दूर रहने का लें संकल्प

निंदा हानिकारक लेकिन आवश्यक भी (Ninda Ras by Harishankar Parsai)

हरिशंकर परसाई निंदा रस को लेकर कहते हैं कि निंदा हानिकारक है. खासकर जब कठोर, व्यंग या अनावश्यक तरीके से इसे पेश किया जाता है तो आलोचना को स्वीकार करना मुश्किल हो जाता है. लेकिन कई बार यह आवश्यक भी हो जाता है. क्योंकि आलोचना जीवन का एक हिस्सा है, जिससे आप बच नहीं सकते. भले ही अक्सर इसका प्रयोग विनाशकारी तरीके से किया जाता है. लेकिन आप आचोलनाओं को स्वीकार कर अपनी कमजोरियों को सुधारने के क्षेत्र में इसका प्रयोग कर सकते हैं और बेहतर बन सकते हैं.

ये भी पढ़ें: Happy New Year 2025: नए साल को शुभ बनाने के लिए क्या करें

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

पल्लवी कुमारी (Pallawi Kumari)

धर्म-ज्योतिष विशेषज्ञ | डिजिटल मीडिया पत्रकार | कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट
पल्लवी कुमारी एक कुशल डिजिटल पत्रकार और कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें मीडिया उद्योग में 7 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC, नई दिल्ली) की पूर्व छात्रा पल्लवी, जटिल धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों को शोध-आधारित, सरल और प्रभावी भाषा में प्रस्तुत करने में विशेषज्ञता रखती हैं.

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