'Peddi' की एक्ट्रेस का ये रूप देख हैरान रह गए लोग, तिरुपति की सीढ़ियों पर थककर चूर हुईं जाह्नवी की तस्वीरें वायरल!
Tirupati Balaji Mandir: आंध्र प्रदेश स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर विश्व प्रसिद्ध है. अभिनेत्री जाह्नवी कपूर ने अपनी फिल्म ‘पेद्दी’ की सफलता के बाद 3550 सीढ़ियां चढकर भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन किए.

Tirupati Balaji Mandir: आंध्र प्रदेश के तिरुमला की पहाड़ियों पर स्थित तिरुपति बालाजी (भगवान वेंकटेश्वर) का मंदिर हिंदू धर्म में सबसे पवित्र और पूजनीय स्थल है. यहां विष्णु जी के अवतार में भगवान वेंकटेश्वर की पूजा होती है, इन्हें 'कलयुग का प्रत्यक्ष देवता' माना जाता है. मान्यता है कि, लोगों को कलयुग के पापों और कष्टों से बचाने के लिए भगवान वेंकटेंश्वर अवरित हुए थे.
तिरुपति बालाजी मंदिर दुनिया के सबसे धनी और सबसे अधिक श्रद्धालुओं द्वारा देखे जाने वाले मंदिरों में से एक है. यहां हर दिन लाखों की संख्या में भक्त आते हैं और भगवान वेंकटेंश्वर से अपनी अर्जी लगाते हैं. इसलिए यह मंदिर भक्तों की आस्था का अटूट केंद्र माना जाता है.
नंगे पैर तिरुपति पहुंची जाह्नवी कपूर
फिल्म अभिनेत्री जाह्नवी कपूर भी तिरुपति मंदिर पहुंची. लेकिन खास बात यह रही कि, एस्ट्रेस ने वीआईपी (VIP) दर्शन करने के बजाय नंगे पैर पैदल चलकर अलिपिरी की 3550 सीढ़ियां चढ़कर मंदिर पहुंचीं. उनकी इस यात्रा की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनकी लोग खूब सराहना कर रहे हैं.
#Janhvikapoor - TAKE THE BLESSINGS OF LORD BALAJI TODAY AT TIRUMALA - and her Film Film With RamCharan #Peddi Gets a UNANIMOUS BLOCKBUSTER Response Now. pic.twitter.com/ui9477T0AY
— GetsCinema (@GetsCinema) June 4, 2026
बता दें कि, जाह्नवी कपूर की फिल्म ‘पेद्दी’ (Peddi) सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. फिल्म की सफलता के लिए जाह्नवी कपूर तिरुपति बालाजी के दर्शन करने पहुंची हैं. जाह्नवी ने पहले भी मंदिर के दर्शन किए हैं. साथ ही उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान भी कहा था कि, तिरुपति मंदिर में भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन कर उन्हें आध्यात्मिक सुकून मिलता है.
3550 सीढ़ियों वाला तिरुमला पदयात्रा मार्ग
तिरुपति बालाजी मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं के पास सड़क मार्ग के अलावा पैदल यात्रा का भी विकल्प होता है. सबसे लोकप्रिय मार्ग अलिपिरी पदयात्रा मार्ग है, जिसमें लगभग 3550 सीढ़ियां हैं. यह यात्रा करीब 9 से 11 किलोमीटर लंबी मानी जाती है. धार्मिक मान्यता है कि इन सीढ़ियों को श्रद्धापूर्वक चढ़ते हुए भगवान वेंकटेश्वर का स्मरण करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है. लाखों श्रद्धालु हर वर्ष इस मार्ग से पैदल यात्रा कर मंदिर पहुंचते हैं.
तिरुपति बालाजी मंदिर का महत्व
आंध्र प्रदेश के तिरुमला पर्वत पर स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर भारत के सबसे प्रसिद्ध और समृद्ध मंदिरों में एक है. यह मंदिर भगवान विष्णु के अवतार श्री वेंकटेश्वर स्वामी को समर्पित है. तिरुमला क्षेत्र सात पहाड़ियों पर बसा है, जिसे भगवान शेषनाग के 7 फनों का प्रतीक माना जाता है. इन्हीं सात पहाड़ियों में से एक पर भगवान वेंकटेश्वर का भव्य मंदिर है. मंदिर में मुख्य रूप से बाल दान (मुंडन) की परंपरा और लड्डू प्रसादम प्रसिद्ध है.
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