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रिटायर होने के बाद भी अमेरिका के राष्ट्रपति नहीं कर सकते ड्राइविंग, जानें क्यों बनाया गया था ये नियम

अमेरिका में राष्ट्रपति पद से हटने के बाद भी पूर्व राष्ट्रपति के लिए कुछ नियम होते हैं जिनका पालन उन्हें करना होता है. चलिए जानते हैं क्या हैं वो नियम और क्यों बनाए गए हैं.

अमेरिका में राष्ट्रपति का पद दुनिया के सबसे शक्तिशाली और जिम्मेदारी भरे पदों में से एक होता है. इस पद की गरिमा और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए कई सख्त नियम और प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं. इनमें से एक नियम है कि राष्ट्रपति अपने कार्यकाल के दौरान और रिटायर होने के बाद भी सार्वजनिक सड़कों पर गाड़ी नहीं चला सकते. तो आखिर ऐसा क्यों है चलिए जानते हैं.

सुरक्षा के लिए सीक्रेट सर्विस होती है जिम्मेदार

अमेरिका राष्ट्रपति का पद कई अहम जिम्मेदारियों से बंधा होता है यही कारण है कि पूर्व राष्ट्रपति को भी कार्यकाल खत्म होने के बाद कुछ नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है. जिसमें कार चलाने से लेकर मोबाइल फोन इस्तेमाल तक करने के नियम होते हैं. इस नियम का मुख्य कारण है सुरक्षा. राष्ट्रपति और पूर्व राष्ट्रपतियों को हमेशा संभावित खतरों से बचाने के लिए यूएस सीक्रेट सर्विस जिम्मेदार होती है. यह एजेंसी यह सुनिश्चित करती है कि राष्ट्रपति या पूर्व राष्ट्रपति कहीं भी जाएं उनकी सुरक्षा में कोई कमी न आए. 

पूर्व राष्ट्रपति भी करते हैं नियम का पालन

राष्ट्रपति के कार्यकाल के दौरान वे विशेष रूप से डिजाइन किए गए बख्तरबंद वाहन जिसे 'द बीस्ट' के नाम से जाना जाता है उसमें यात्रा करते हैं. इस कार को चलाने का जिम्मा प्रशिक्षित सीक्रेट सर्विस एजेंट्स के पास होता है. लेकिन रिटायर होने के बाद भी यह नियम लागू रहता है. इसका कारण है कि पूर्व राष्ट्रपतियों को भी आजीवन सीक्रेट सर्विस की सुरक्षा दी जाती है. ऐसा इसलिए क्योंकि वे अपने कार्यकाल में लिए गए फैसलों या नीतियों के कारण संभावित खतरों का सामना कर सकते हैं. गाड़ी चलाने की अनुमति देने से उनकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है, क्योंकि ड्राइविंग के दौरान उनका ध्यान सड़क पर होगा न कि आसपास के संभावित खतरों पर. अगर गाड़ी चलानी है तो वो अपने आवासीय परिसर या निजी संपत्ति में ही चला सकते हैं. उसे लेकर बाहर नहीं जा सकते.

पूर्व राष्ट्रपतियों के केवल खुद वाहन चलाने पर ही पाबंदी नहीं है बल्कि वो खुद अकेले कहीं नहीं आ जा सकते सीक्रेट सर्विस के एजेंट 24 घंटे उनके इर्द-गिर्द रहते हैं. पूर्व राष्ट्रपति होने के कारण उन्हें कहीं भी जाने के लिए सीक्रेट सर्विस को सुरक्षा तैयारी करनी पड़ती है.

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About the author नेहा सिंह

नेहा सिंह बीते 6 साल से डिजिटल मीडिया की दुनिया से जुड़ी हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद से ताल्लुक रखती हैं. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद हैदराबाद स्थित ईटीवी भारत से साल 2019 में अपने करियर की शुरुआत की. यहां पर दो साल तक बतौर कंटेट एडिटर के पद पर काम किया इस दौरान उन्हें एंकरिंग का भी मौका मिला जिसमें उन्होंने बेहतरीन काम किया.

फिर देश की राजधानी दिल्ली का रुख किया, यहां प्रतिष्ठित चैनलों में काम कर कलम को धार दी. पहले इंडिया अहेड के साथ जुड़ीं और कंटेंट के साथ-साथ वीडियो सेक्शन में काम किया. 

इसके बाद नेहा ने मेनस्ट्रीम चैनल जी न्यूज में मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के पद पर अपनी सेवाएं दीं. जी न्यूज में रहते हुए नेशनल और इंटरनेशनल मुद्दों पर एक्सप्लेनर वीडियो क्रिएट किए.

इसी बीच प्रयागराज महाकुंभ के दौरान कुलवृक्ष संस्थान से जुड़कर महाकुंभ भी कवर किया, साधु-संतों का इंटरव्यू किया. लोगों से बातचीत करके उनके कुंभ के अनुभव और समस्याओं को जाना.

वर्तमान में नेहा एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां पर नॉलेज सेक्शन में ऐसी खबरों को एक्सप्लेन करती हैं, जिनके बारे में आम पाठक को रुचि होती है.

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