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Jab khuli Kitaab Review: पंकज कपूर और डिंपल कपाड़ियां की ये फिल्म दिल को छू लेगी, आपको अपने परिवार के करीब लाने वाली फिल्म
Jab khuli Kitaab Review: पंकज कपूर और डिंपल कपाड़ियां की 'जब खुली किताब' काफी इमोशनल कर देने वाली फिल्म है और ये आपके दिल को छू जाएगी. इसका रिव्यू यहां पढ़ सकते हैं.
जब खुली किताब रिव्यू
Source : imdb
Director
सौरभ शुक्ला
Starring
पंकज कपूर, डिंपल कपाड़िया, अपारशक्ति खुराना, मानसी पारेख, समीर सोनी, नौशीद सायरसी
Platform
ओटीटी
आजकल ऐसी कम ही फिल्में बनती हैं जो आप अपनी फैमिली के साथ देख सकते हैं या जो आपको अपनी फैमिली के करीब ला सकती हैं. आपने सोचा है एक दादा दादी के तलाक का मामला कोर्ट पहुंचेगा वो भी तब जब दादीजी कोमा में हैं, चौंक गए ना, ये फिल्म ऐसी है आपको चौंकाती है लेकिन चौंकाने से ज्यादा सिखाती है, समझाती है, महसूस करवाती है, अहसास करवाती है कि परिवार सबसे जरूर है और कुछ छोटी बड़ी वजहों से परिवार को नहीं छोड़ना चाहिए. सौरभ शुक्ला ने इस फिल्म से बताया है कि वो कमाल के एक्टर तो हैं ही, उससे ज्यादा कमाल के राइटर और डायरेक्टर है.
कहानी
ये कहानी है गोपाल और अनुसुया की, जिनके नाती पोते हैं, गोपाल को अचानक कुछ ऐसा पता चलता है कि वो अनुसुया से तलाक लेने कोर्ट पहुंच जाता है, लेकिन अनुसुया तो दो साल से कोमा में थी. अब भी उसकी जिंदगी को भरोसा नहीं लेकिन फिर ये तलाक क्यों? जिंदगी की किताब ने ऐसा कौनसा राज खोला है, ये जानने के लिए आपको जी 5 पर ये फिल्म देखनी होगी.
ये कहानी है गोपाल और अनुसुया की, जिनके नाती पोते हैं, गोपाल को अचानक कुछ ऐसा पता चलता है कि वो अनुसुया से तलाक लेने कोर्ट पहुंच जाता है, लेकिन अनुसुया तो दो साल से कोमा में थी. अब भी उसकी जिंदगी को भरोसा नहीं लेकिन फिर ये तलाक क्यों? जिंदगी की किताब ने ऐसा कौनसा राज खोला है, ये जानने के लिए आपको जी 5 पर ये फिल्म देखनी होगी.
कैसी है फिल्म
ये एक दिल को छू लेने वाली फिल्म है, पकंज कपूर और डिंपल कपाड़ियां को स्क्रीन पर देखना अपने आप में कमाल है. ये फिल्म आपको पूरी फैमिली के साथ देखनी चाहिए. ये फिल्म आपको फैमिली की अहमियत बताती है, रिश्तों की जरूरत समझाती है. हम अक्सर छोटी मोटी बात पर परिवार में झगड़े करते हैं, ये फिल्म बताती है कि परिवार हर झगड़े, हर राज से ऊपर है. ये फिल्म कहीं खिंची हुई नहीं लगती, हर सीन जरूरी लगता है, ये फिल्म आपको एंटरटेन करते हुए आगे बढ़ती है. कोई बड़ा खुलासा नहीं होता लेकिन आप फिल्म से जुड़े रहते हैं क्योंकि इस फिल्म में एक आत्मा है जो कम फिल्मों में होती है. हर किरदार आपको जरूरी लगता है, ये फिल्म अगर आप अपने परिवार के साथ देखेंगे तो परिवार के करीब आएंगे. फिल्म आपको कई जगह इमोशनल करती है, कई जगह हंसाती है, कई जगह सिखाती है, समझाती है, कुछ सवाल अनसुलझे जरूर रह जाते हैं लेकिन इतने नहीं कि आप ये फिल्म ना देखें. फिल्म को applause entertainment ने बनाया है और एक बार फिर उन्होंने साबित किया है कि वो अच्छे कंटेंट पर ही दांव लगाते हैं.
ये एक दिल को छू लेने वाली फिल्म है, पकंज कपूर और डिंपल कपाड़ियां को स्क्रीन पर देखना अपने आप में कमाल है. ये फिल्म आपको पूरी फैमिली के साथ देखनी चाहिए. ये फिल्म आपको फैमिली की अहमियत बताती है, रिश्तों की जरूरत समझाती है. हम अक्सर छोटी मोटी बात पर परिवार में झगड़े करते हैं, ये फिल्म बताती है कि परिवार हर झगड़े, हर राज से ऊपर है. ये फिल्म कहीं खिंची हुई नहीं लगती, हर सीन जरूरी लगता है, ये फिल्म आपको एंटरटेन करते हुए आगे बढ़ती है. कोई बड़ा खुलासा नहीं होता लेकिन आप फिल्म से जुड़े रहते हैं क्योंकि इस फिल्म में एक आत्मा है जो कम फिल्मों में होती है. हर किरदार आपको जरूरी लगता है, ये फिल्म अगर आप अपने परिवार के साथ देखेंगे तो परिवार के करीब आएंगे. फिल्म आपको कई जगह इमोशनल करती है, कई जगह हंसाती है, कई जगह सिखाती है, समझाती है, कुछ सवाल अनसुलझे जरूर रह जाते हैं लेकिन इतने नहीं कि आप ये फिल्म ना देखें. फिल्म को applause entertainment ने बनाया है और एक बार फिर उन्होंने साबित किया है कि वो अच्छे कंटेंट पर ही दांव लगाते हैं.
एक्टिंग
पंकज कपूर कमाल के एक्टर हैं और यहां भी वो कमाल ही कर गए हैं, अपनी पत्नी का एक राज खुलने पर उनके बॉडी लैंग्वेज जिस तरह से बदलती है, उनके हाव भाव जो कहते हैं, वो कमाल है. डिंपल कपाड़ियां को देखकर लगता है कि ये कमाल की एक्ट्रेस और फिल्मों में बड़े रोल्स में दिखनी चाहिए. डिंपल कपाड़ियां का काम लाजवाब है, पंकज कपूर और डिंपल कपाड़ियां को साथ में देखना एक कमाल का एक्सपीरियंस है. इन दोनों की केमिस्ट्री परफेक्ट लगती है, अपारशक्ति खुराना वकील के किरदार में जमे हैं, इसके अलावा मानसी पारेख, समीर सोनी, नौशीद सायरसी सबने कमाल का काम किया है.
पंकज कपूर कमाल के एक्टर हैं और यहां भी वो कमाल ही कर गए हैं, अपनी पत्नी का एक राज खुलने पर उनके बॉडी लैंग्वेज जिस तरह से बदलती है, उनके हाव भाव जो कहते हैं, वो कमाल है. डिंपल कपाड़ियां को देखकर लगता है कि ये कमाल की एक्ट्रेस और फिल्मों में बड़े रोल्स में दिखनी चाहिए. डिंपल कपाड़ियां का काम लाजवाब है, पंकज कपूर और डिंपल कपाड़ियां को साथ में देखना एक कमाल का एक्सपीरियंस है. इन दोनों की केमिस्ट्री परफेक्ट लगती है, अपारशक्ति खुराना वकील के किरदार में जमे हैं, इसके अलावा मानसी पारेख, समीर सोनी, नौशीद सायरसी सबने कमाल का काम किया है.
राइटिंग और डायरेक्शन
सौरभ शुक्ला ने फिल्म लिखी और डायरेक्ट की है , राइटिंग कमाल है. फिल्म जो कहना चाहती है कि वो आपको महसूस करवाती है, डायरेक्शन अच्छा है, लोकेशन कमाल है और हर किरदार का बखूबी इस्तेमाल किया गया है.
सौरभ शुक्ला ने फिल्म लिखी और डायरेक्ट की है , राइटिंग कमाल है. फिल्म जो कहना चाहती है कि वो आपको महसूस करवाती है, डायरेक्शन अच्छा है, लोकेशन कमाल है और हर किरदार का बखूबी इस्तेमाल किया गया है.
कुल मिलाकर एक अच्छी फील गुड फिल्म देखना चाहते हैं तो जरूर देखिए.
रेटिंग- 3 स्टार्स
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