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US Weapons: अमेरिका ने ईरान पर अब तक कौन-से बम नहीं चलाए, जानें उसके जखीरे में कितने तीर?

US Weapons: अमेरिका और ईरान का युद्ध अभी भी जारी है. कुछ ऐसे हथियार हैं जिनका इस्तेमाल अमेरिका ने इस युद्ध में अब तक नहीं किया है. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह.

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  • अमेरिका ने ईरान को दी चेतावनी, समय सीमा में विफलता पर मिटा देने की धमकी।
  • अमेरिका के पास हाइपरसोनिक मिसाइल, डार्क ईगल जैसे उन्नत हथियार हैं।
  • रैपिड ड्रैगन सिस्टम मालवाहक विमानों को मिसाइल लॉन्चर में बदल देता है।
  • सीमित संख्या और उच्च लागत के कारण ऐसे हथियार सीमित संघर्षों में प्रयुक्त होते हैं।

US  Weapons: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर ईरान अमेरिका द्वारा तय की गई समय सीमा को पूरा करने में नाकाम रहता है तो उसे एक ही रात में पूरी तरह से मिटाया जा सकता है. इस तनाव के बीच लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि अमेरिका के पास अभी भी ऐसे कौन से ताकतवर हथियार हैं जिनका इस्तेमाल उसने अब तक नहीं किया है. आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब.

हाइपरसोनिक स्पीड वाला हथियार 

सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले हथियारों में से एक है AGM-183 ARRW. यह हाइपरसोनिक मिसाइल काफी ज्यादा तेजी से सफर करती है. इसकी वजह से इसे रोकना लगभग नामुमकिन हो जाता है. हवाई जहाज से लॉन्च किए जाने पर यह एक अनप्रिडिक्टेबल रास्ते पर चलती है. यह दुश्मन के डिफेंस सिस्टम से बचते हुए अपने टारगेट पर एकदम सटीक निशाना लगाती है. 

डार्क ईगल की ताकत 

एक और ताकतवर सिस्टम है डार्क ईगल. इसे लंबी दूरी के हाइपरसोनिक हथियार के तौर पर भी जाना जाता है. हवा से लॉन्च किए जाने वाले सिस्टम के उलट इसे जमीन पर मौजूद मोबाइल प्लेटफॉर्म से दागा जाता है. हाइपरसोनिक स्पीड से हजारों किलोमीटर की दूरी तय करने की इसकी क्षमता और साथ ही इसका अनप्रिडिक्टेबल रास्ता इसे पकड़ना या रोकना काफी मुश्किल बना देता है. इसे अमेरिकी सेना की सबसे अहम रणनीतिक संपत्तियों में से एक माना जाता है.

एक खतरनाक मिसाइल लॉन्चर 

रैपिड ड्रैगन सिस्टम में काफी अलग तरीके से हमला करता है. यह कोई पारंपरिक मिसाइल नहीं है बल्कि एक ऐसा डिप्लॉयमेंट सिस्टम है जो मालवाहक विमानों को मिसाइल ले जाने वाले विमानों में बदल देता है.

हवा में ही गिराए जाने वाले पैकेट वाले सिस्टम का इस्तेमाल करके यह एक साथ दर्जनों मिसाइल दाग सकता है. इससे अमेरिका बिना अपने लड़ाकू विमानों को सीधे खतरे में डाले बड़े पैमाने पर और अचानक हमले कर सकता है. 

क्यों नहीं किया गया इन हथियारों का इस्तेमाल? 

इन आधुनिक सिस्टम को आमतौर पर चल रहे संघर्षों में तैनात नहीं किया जाता. ऐसा इसलिए क्योंकि इनकी संख्या सीमित है और यह काफी ज्यादा महंगे हैं. इनका इस्तेमाल अक्सर बड़े वैश्विक संघर्षों के लिए ही रिजर्व रखा जाता है. 

सबसे आखरी ऑप्शन

हालांकि अमेरिका के पास दुनिया के सबसे ताकतवर परमाणु हथियारों का जखीरा मौजूद है लेकिन इस मौजूदा हालात में इन हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया गया है. परमाणु हथियारों का कोई भी इस्तेमाल स्थिति को एक वैश्विक संकट में बदल देगा.

यह भी पढ़ें: क्या समुद्र में भी होते हैं तेल के कुएं, जानें यहां से कैसे निकाला जाता है तेल

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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