एक्सप्लोरर

1 दिन के लिए बंद हो जाए इंटरनेट तो क्या-क्या थम जाएगा, जानें इस पर कितनी डिपेंड है दुनिया

अगर एक दिन के लिए भी इंटरनेट दुनिया में बंद हुआ, तो दुनिया की रफ्तार 50 साल पीछे चली जाएगी. बैंकिंग, फ्लाइट ऑपरेशन्स, हॉस्पिटल और शेयर बाजार जैसे बड़े स्तंभ पल भर में ढह जाएंगे.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और शोध कार्य बुरी तरह प्रभावित होंगे.

आज के दौर में इंटरनेट सांस लेने जितना जरूरी हो गया है. सुबह के अलार्म से लेकर रात के आखिरी मैसेज तक, हमारी पूरी दुनिया डेटा के तारों और तरंगों से बंधी है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर सिर्फ 24 घंटे के लिए पूरी दुनिया में इंटरनेट का चक्का जाम हो जाए, तो क्या होगा? यह महज एक तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि एक वैश्विक आपदा जैसा होगा जो अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और हमारे निजी जीवन को पूरी तरह से तहस-नहस कर सकता है. 

खामोश हो जाएगा आपसी संवाद

इंटरनेट बंद होते ही सबसे पहला और सीधा प्रहार हमारे कम्युनिकेशन पर होगा. आज हम व्हाट्सएप, टेलीग्राम, मैसेंजर और ईमेल के इतने आदी हो चुके हैं कि इनके बिना बात करना नामुमकिन सा लगता है. एक दिन के लिए इंटरनेट न होने का मतलब है कि दुनिया भर में अरबों संदेशों का रुक जाना. परिवार से लेकर दफ्तर तक, हर जगह सन्नाटा पसर जाएगा. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक और इंस्टाग्राम के बंद होने से न केवल मनोरंजन रुकेगा, बल्कि सूचनाओं का आदान-प्रदान भी पूरी तरह ठप हो जाएगा. कंपनियां अपने कर्मचारियों से संपर्क नहीं कर पाएंगी, जिससे काम करने का पूरा ढांचा एक ही झटके में धराशायी हो जाएगा.

हवाई सफर और सुरक्षा पर संकट

इंटरनेट का असर सिर्फ जमीन तक सीमित नहीं है, बल्कि आसमान की सुरक्षा भी इसी पर टिकी है. एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम पूरी तरह से हाई-स्पीड इंटरनेट और सैटेलाइट डेटा पर निर्भर करता है. अगर इंटरनेट बंद हुआ, तो विमानों की रीयल-टाइम ट्रैकिंग बंद हो जाएगी. पायलटों को रूट और मौसम की जानकारी नहीं मिलेगी, जिससे उड़ान भरने और लैंडिंग करने में भारी जोखिम पैदा हो जाएगा. यात्रियों की सुरक्षा दांव पर लग जाएगी और हजारों विमान जहां के तहां फंसे रह जाएंगे. यह स्थिति किसी बड़े हादसे का सबब भी बन सकती है.

यह भी पढ़ें: Light Pollution: अब क्यों नहीं देखने को मिलती चांदनी रातें, जानें क्यों कम होती जा रही चांद की रोशनी?

टूट जाएगी लॉजिस्टिक्स की कमर

आज हम घर बैठे जो सामान मंगवाते हैं, उसके पीछे एक बहुत बड़ा ट्रैकिंग और सप्लाई चेन सिस्टम काम करता है. शिपिंग और लॉजिस्टिक्स कंपनियां अपने जहाजों, ट्रकों और पार्सल की लोकेशन देखने के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल करती हैं. एक दिन इंटरनेट बंद रहने से पूरी सप्लाई चेन जाम हो जाएगी. गोदामों से सामान नहीं निकलेगा, जरूरी दवाइयों और खाने-पीने की चीजों की डिलीवरी रुक जाएगी. इससे न केवल व्यापारिक नुकसान होगा, बल्कि बाजारों में जरूरी वस्तुओं की भारी किल्लत भी पैदा हो सकती है.

शेयर बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था में कोहराम

आर्थिक मोर्चे पर इंटरनेट का बंद होना किसी जलजले से कम नहीं होगा. दुनिया भर के शेयर बाजार डिजिटल प्लेटफॉर्म पर चलते हैं. अगर ट्रेडिंग सिस्टम को इंटरनेट नहीं मिला, तो करोड़ों-अरबों डॉलर के सौदे बीच में ही रुक जाएंगे. निवेशकों का पैसा अटक जाएगा और बाजार में भारी अनिश्चितता फैल जाएगी. शेयर मार्केट के बंद होने से कंपनियों की वैल्यू गिर सकती है और वैश्विक अर्थव्यवस्था को एक ही दिन में अरबों रुपये का झटका लग सकता है. यह आर्थिक मंदी की शुरुआत जैसा महसूस होगा.

स्वास्थ्य सेवाओं में मचेगी अफरा-तफरी

इंटरनेट सिर्फ चैटिंग के लिए नहीं, बल्कि जान बचाने के लिए भी जरूरी है. आज के समय में टेलीमेडिसिन के जरिए डॉक्टर दूरदराज के मरीजों का इलाज कर रहे हैं. अस्पतालों के पास मरीजों का डिजिटल रिकॉर्ड होता है जो क्लाउड पर स्टोर रहता है. इंटरनेट न होने से डॉक्टर पुरानी फाइलों तक नहीं पहुंच पाएंगे. ऑनलाइन अपॉइंटमेंट सिस्टम फेल हो जाएगा और गंभीर स्थिति में मरीजों को समय पर सही सलाह नहीं मिल पाएगी. लैब रिपोर्ट्स का ऑनलाइन ट्रांसफर रुकने से इलाज की प्रक्रिया बहुत धीमी हो जाएगी, जो जानलेवा साबित हो सकती है.

बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट का अंत

हम अब कैशलेस इकोनॉमी की ओर बढ़ चुके हैं, लेकिन यह पूरी तरह इंटरनेट पर टिकी है. इंटरनेट बंद होते ही एटीएम मशीनें सफेद हाथी बन जाएंगी क्योंकि वे बैंक के सर्वर से कनेक्ट नहीं हो पाएंगी. यूपीआई (UPI), नेट बैंकिंग और क्रेडिट-डेबिट कार्ड से होने वाले भुगतान पूरी तरह फेल हो जाएंगे. लोगों के पास अगर नकद पैसा नहीं हुआ, तो वे अपनी बेसिक जरूरतों का सामान भी नहीं खरीद पाएंगे. बैंकों का आंतरिक कामकाज रुकने से लेनदेन का मिलान नहीं हो पाएगा, जिससे बैंकिंग सेक्टर को भारी घाटा उठाना पड़ेगा.

शिक्षा और रिसर्च पर लगेगा ताला

छात्रों और युवाओं के लिए इंटरनेट बंद होना उनके भविष्य को रोकने जैसा है. वर्तमान में वर्चुअल क्लासेज और ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म शिक्षा का मुख्य जरिया बन चुके हैं. इंटरनेट गायब होते ही ऑनलाइन एग्जाम्स रद्द हो जाएंगे और छात्रों की पढ़ाई का भारी नुकसान होगा. वहीं दूसरी ओर, शोधकर्ता और वैज्ञानिक अपनी रिसर्च के लिए दुनिया भर के डेटाबेस का उपयोग करते हैं. इंटरनेट के अभाव में उनकी वर्षों की मेहनत और महत्वपूर्ण प्रयोग बीच में ही लटक जाएंगे. नई जानकारियों तक पहुंच खत्म होने से इनोवेशन की रफ्तार थम जाएगी.

यह भी पढ़ें: Mars Colony: कहां तक पहुंचा स्पेस में कॉलोनी बनाने का काम, जानें कब से इंसान होने लगेंगे मंगल पर शिफ्ट?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Sonam Wangchuk Hunger Strike: दुनिया में सबसे पहले किसने की थी भूख हड़ताल? जानिए किसके खिलाफ शुरू हुआ था यह विरोध
दुनिया में सबसे पहले किसने की थी भूख हड़ताल? जानिए किसके खिलाफ शुरू हुआ था यह विरोध
Gender Guidebook: कोर्ट और पुलिस की भाषा बदलेगी, 'चरित्रहीन' जैसे शब्दों पर रोक; जानें जेंडर गाइडबुक में क्या-क्या बदला?
कोर्ट और पुलिस की भाषा बदलेगी, 'चरित्रहीन' जैसे शब्दों पर रोक; जानें जेंडर गाइडबुक में क्या-क्या बदला?
अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की मौत हो जाए तो क्या सरकार के खिलाफ हो सकता है मुकदमा, क्या ऐसा भी है कोई नियम?
अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की मौत हो जाए तो क्या सरकार के खिलाफ हो सकता है मुकदमा, क्या ऐसा भी है कोई नियम?
Bank Licence: क्या आम आदमी भी खोल सकता है अपना बैंक, इसके लिए कितने पैसे की जरूरत?
क्या आम आदमी भी खोल सकता है अपना बैंक, इसके लिए कितने पैसे की जरूरत?

वीडियोज

Kiku Sharda ने खोला Kapil Sharma Show का बड़ा राज
Jennifer Winget की दूसरी शादी की खबरों ने बढ़ाई फैंस की खुशी
अफवाह या सच? Kiara Advani की दूसरी प्रेग्नेंसी की चर्चा तेज
'The Odyssey' Review: Christopher Nolan का विजुअल मास्टरपीस, IMAX में मिलेगा असली रोमांच
Supreme Court ने Samay Raina को लगाई सख्त फटकार, बढ़ीं मुश्किलें

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
दुनिया में चीन का दबदबा, प्रभावशाली नेताओं में जिनपिंग पर बढ़ा भरोसा, आखिर क्यों पिछड़े डोनाल्ड ट्रंप?
दुनिया में चीन का दबदबा, प्रभावशाली नेताओं में जिनपिंग पर बढ़ा भरोसा, आखिर क्यों पिछड़े ट्रंप?
Explained: क्या 7 महीनों में जाएगी बालेन शाह की सत्ता? कैसे नेपाली PM बनाने वाले Gen-Z खिलाफ हुए, जानें पूरा मामला
क्या 7 महीनों में जाएगी बालेन शाह की सत्ता? कैसे नेपाली PM बनाने वाले Gen-Z खिलाफ हुए?
सांसद-विधायकों की फौज संग सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचीं डिंपल यादव, जंतर-मंतर पर लगे ये नारे
सांसद-विधायकों की फौज संग सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचीं डिंपल यादव, जंतर-मंतर पर लगे ये नारे
22 छक्के, 18 चौके, कौन हैं Andries Gous, जिन्होंने 51 गेंद में बनाए 132; 18.4 ओवर में 267 रन चेज
22 छक्के, 18 चौके, कौन हैं Andries Gous, जिन्होंने 51 गेंद में बनाए 132; 18.4 ओवर में 267 रन चेज
OTT Watchlist: 6 महीने में ओटीटी पर सबसे ज्यादा देखे गए ये 6 सीरीज-फिल्में, 'धुरंधर' से आगे निकला ये शो
6 महीने में ओटीटी पर सबसे ज्यादा देखे गए ये 6 सीरीज-फिल्में, 'धुरंधर' से आगे निकला ये शो
मानसून सत्र: ‘फिर वही करने जा रही सरकार’, परिसीमन बिल लाने की खबर से भड़के खरगे, PM मोदी को लेटर
‘फिर वही करने जा रही सरकार’, संसद में परिसीमन बिल लाने की खबर से भड़के खरगे, PM मोदी को लिखा लेटर
'हर जान की कीमत, अगर जरूरत पड़े तो...' सोनम वांगचुक को लेकर याचिका पर हाईकोर्ट का केंद्र सरकार को निर्देश
'हर जान की कीमत, अगर जरूरत पड़े...' सोनम वांगचुक को लेकर याचिका पर हाईकोर्ट का केंद्र को निर्देश
Old SBI Passbook: घरवालों को मिली SBI की 20 साल पुरानी पासबुक मिली, खाते में रकम देखकर चौंक जाएंगे आप
घरवालों को मिली SBI की 20 साल पुरानी पासबुक मिली, खाते में रकम देखकर चौंक जाएंगे आप
Embed widget