भारत में कितने प्रतिशत लोग कुंवारे, किस राज्य में सबसे ज्यादा?
Unmarried Population India: भारत में अविवाहित युवा की संख्या बढ़ती जा रही है. आइए जानते हैं कि किस राज्य में सबसे ज्यादा लोग कुंवारे हैं.

- बाल विवाह में कमी, लिंग असंतुलन भी इस प्रवृत्ति के कारण।
Unmarried Population India: पिछले दशक में भारत में अविवाहित युवाओं की संख्या लगातार बढ़ी है. यह बदलती सामाजिक सोच, उच्च शिक्षा के स्तर और करियर को प्राथमिकता देने जैसे बदलावों को दिखाती है. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की "यूथ इन इंडिया" रिपोर्ट के मुताबिक 15 से 29 साल की उम्र के लगभग 23% भारतीयों ने शादी नहीं की है. रिपोर्ट में राज्यों के बीच भी काफी अंतर देखने को मिला है.
हर चार में से एक भारतीय युवा अविवाहित
एनएसओ की रिपोर्ट से यह पता चलता है कि भारत में 15 से 29 साल की उम्र के लगभग 23% युवा अविवाहित हैं. 2011 में यह आंकड़ा 17.2% का था. यह पिछले दशक में साफ तौर पर बढ़ोतरी को दिखाता है. यह ट्रेंड पुरुषों और महिलाओं दोनों में देखा जा सकता है. अविवाहित पुरुषों का प्रतिशत 2011 में 20.8% से बढ़कर 26.1% हो गया है. जबकि इसी दौरान अविवाहित महिलाओं का अनुपात 13.5% से बढ़कर 19.9% हो गया है.
जम्मू कश्मीर सूची में सबसे ऊपर
सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जम्मू-कश्मीर में अविवाहित युवाओं का अनुपात सबसे ज्यादा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र शासित प्रदेश में 29.1% युवाओं की कभी भी शादी नहीं हुई है. इसमें 30.1% पुरुष और 28.1% महिलाएं शामिल हैं. इससे यह इस मामले में भारत का सबसे ऊपर वाला क्षेत्र बन चुका है.

उत्तर प्रदेश और दिल्ली भी पीछे नहीं
भारत का सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर आता है. यहां 26.7% युवा अविवाहित हैं. उच्च शिक्षा, रोजगार के मौकों और बदलती उम्मीद की वजह से देर से शादी होना इस ट्रेंड की मुख्य वजह बन चुका है.
देश की राजधानी दिल्ली भी 26.5% अविवाहित युवाओं के साथ इसके करीब है. शहरी जीवनशैली, करियर की महत्वाकांक्षाएं और देर से शादी करने के पसंद ने शहर में शादी की औसत उम्र बढ़ाने में योगदान दिया है.
पंजाब में भी यह आंकड़ा काफी ज्यादा है. यहां 25% युवा अविवाहित हैं. विदेश में पलायन और लिंगानुपात में असंतुलन को राज्य में शादी के तौर तरीकों पर असर डालने वाली मुख्य वजह माना जाता है.
केरल में संख्या सबसे कम
दूसरी तरफ भारत में अविवाहित युवाओं का प्रतिशत केरल में सबसे कम है. राज्य में सिर्फ 18.3% युवा ऐसे हैं जिनकी कभी भी शादी नहीं हुई है. इससे पता चलता है कि यहां राष्ट्रीय औसत की तुलना में शादियां आमतौर पर कम उम्र में हो जाती हैं. कम अनुपात वाले दूसरे राज्यों में तमिलनाडु (20.2%), आंध्र प्रदेश (20.7%) और हिमाचल प्रदेश (20.8%) शामिल हैं.
भारतीय युवा शादी क्यों नहीं कर रहा?
रिपोर्ट में इस ट्रेंड के पीछे कई सामाजिक-आर्थिक कारण बताए गए हैं. उच्च शिक्षा ने कई युवाओं को अपनी पढ़ाई पूरी करने और कैरियर बनाने तक शादी टालने के लिए प्रेरित किया है. परिवार शुरू करने से पहले आर्थिक स्थिरता को अधिक जरूरी शर्त के तौर पर देखा जा रहा है.
बाल विवाह में कमी ने भी इसमें एक बड़ी भूमिका निभाई है. रिपोर्ट के मुताबिक 20 साल की उम्र तक शादी करने वाली महिलाओं का अनुपात 2005-06 में 72.4% से घटकर 52.8% हो गया है. इसी के साथ 15 साल से कम उम्र में शादी की दर 11.9% से तेजी से गिरकर सिर्फ 1.7% रह गई है.
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लिंग असंतुलन शादी के तौर तरीकों को प्रभावित कर रहा है
कई राज्यों खासकर हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में लिंगानुपात में असंतुलन की वजह से कई पुरुषों के लिए जीवनसाथी ढूंढना काफी ज्यादा मुश्किल हो गया है. भारत में अभी महिलाओं की तुलना में पुरुषों की संख्या 4.5 करोड़ से ज्यादा है. इससे मैरिज स्क्वीज की स्थिति बन रही है. यानी शादी की उम्र वाली महिलाओं की कमी.

बदलती सामाजिक सोच
रिपोर्ट में बदलते सामाजिक मानदंड खासकर शहरी भारत में, पर भी प्रकाश डाला गया है. अकेले रहने, लिव-इन रिलेशनशिप और सिंगल रहने को अब ज्यादा स्वीकार किया जा रहा है. इसी के साथ शादी को अब एक जरूरी सामाजिक संस्था के बजाय एक व्यक्तिगत पसंद के तौर पर देखा जा रहा है. जैसे-जैसे शिक्षा, रोजगार और जीवन शैली की पसंद बदल रही है विशेषज्ञों का यह मानना है कि आने वाले सालों में भारत में शादी की औसत उम्र और बढ़ सकती है.
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