एक्सप्लोरर

क्या सीबीआई भी किसी को हथकड़ी पहना सकती है, जानें कानून?

CBI Handcuffing Rules: अक्सर ही लोगों का मन में यह सवाल उठता है कि क्या पुलिस की तरह सीबीआई अधिकारियों को भी किसी को हथकड़ी लगाने का अधिकार होता है. आइए जानते हैं.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • अधिकारी को हथकड़ी लगाने का कारण दर्ज करना अनिवार्य है।

CBI Handcuffing Rules: सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन भारत की मुख्य जांच एजेंसी है और यह भ्रष्टाचार, गंभीर अपराध, आर्थिक अपराध और उसे सौंपे गए दूसरे मामलों को देखती है. लेकिन जब सीबीआई की टीम किसी आरोपी को गिरफ्तार करती है तो अक्सर ही एक बड़ा सवाल खड़ा होता है. क्या सीबीआई की टीम आरोपी को हथकड़ी लगा सकती है? आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब.

क्या सीबीआई के पास हथकड़ी लगाने का अधिकार है? 

सीबीआई को दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत पुलिस वाली शक्तियां दी गई हैं. इस वजह से जब इसके अधिकारी किसी को गिरफ्तार करते हैं तो उन्हें गिरफ्तारी और हथकड़ी लगाने से जुड़े नियमों का पालन करना पड़ता है. 

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 43 (3)  के तहत कुछ खास हालातों में गिरफ्तारी करते समय या फिर गिरफ्तार व्यक्ति को कोर्ट में पेश करते समय हथकड़ी का इस्तेमाल किया जा सकता है. ये हालात खासकर गंभीर अपराधों और कुछ खास तरह के आरोपियों से जुड़े मामलों में लागू होते हैं.  हालांकि यह नियम जांच एजेंसी को हर उस व्यक्ति को हथकड़ी लगाने की खुली छूट नहीं देता जिसे वे गिरफ्तार कर सकते हैं.


क्या सीबीआई भी किसी को हथकड़ी पहना सकती है, जानें कानून?

हथकड़ी का इस्तेमाल कब किया जा सकता है? 

कानून कुछ खास गंभीर मामलों में इनके इस्तेमाल की इजाजत देता है. इनमें ऐसे मामले शामिल हैं जिनमें आदतन या फिर बार-बार अपराध करने वाले आरोपी हों, वे लोग से पहले हिरासत से भाग चुके हों और साथ ही वे लोग जिन पर काफी गंभीर अपराधों का आरोप हो.

कानून में बताई गई श्रेणियों में आतंकवादी गतिविधि, देश का खिलाफ अपराध, संगठित अपराध, हत्या, रेप, एसिड अटैक, बच्चों के खिलाफ अपराध, मानव तस्करी, ड्रग से जुड़े अपराध, नकली नोट बनाना और हथियारों का गैर कानूनी कब्जा या तस्करी जैसे अपराध शामिल हैं. इस वजह से हथकड़ी लगाना कानूनी रूप से सही है या नहीं यह तय करते समय कथित अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखा जा सकता है.

गंभीर आरोप होने का मतलब यह नहीं की हथकड़ी लगाना सही 

यहां पर एक जरूरी फर्क है. किसी भी व्यक्ति पर गंभीर अपराध का आरोप होने का यह मतलब नहीं होता कि उसे हथकड़ी लगाई ही जानी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 21 के नजरिया से भी हथकड़ी या फिर बेड़ी के इस्तेमाल की समीक्षा की है. यह अनुच्छेद जीवन और व्यक्तिगत आजादी की रक्षा करता है और इसमें सम्मान के साथ जीने का अधिकार भी शामिल है.

प्रेम शंकर शुक्ला बनाम दिल्ली प्रशासन जैसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया था कि बिना सोचे समझे हथकड़ी लगाना सही नहीं है. इसका मुख्य सिद्धांत इस बात को तय करता है कि किसी अपराध के आरोप में गिरफ्तार व्यक्ति सिर्फ इस वजह से अपने सभी संवैधानिक अधिकार को नहीं खो देता. 

भागने या फिर हिंसा के जोखिम का क्या? 

एक जरूरी बात यह है कि क्या ऐसा मानने के पीछे कोई वजह है कि आरोपी भाग सकता है, हिंसक हो सकता है या फिर सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है. इस वजह से जांच करने वालों को हर गिरफ्तारी में हथकड़ी लगाने को एक आम बात नहीं मानना चाहिए. कानून के तहत आने वाली स्थितियों में इनका इस्तेमाल करने का कानूनी रूप से सही आधार होना चाहिए. हथकड़ी लगाने का मकसद मुख्य रूप से बचाव और सुरक्षा से जुड़ा होता है ना कि आरोपी को सबके सामने बेइज्जत करना.


क्या सीबीआई भी किसी को हथकड़ी पहना सकती है, जानें कानून?

क्या अधिकारी को वजह दर्ज करनी होती है?

हथकड़ी का इस्तेमाल जवाबदेही के दायरे में आता है. जहां भी ऐसी पाबंदी का इस्तेमाल किया जाता है वहां जांच एजेंसी को लागू कानूनी नियम का पालन करना होता है. साथ ही जरूरी रिकॉर्ड व वजह का ब्यौरा भी रखना होता है. 

जब आरोपी को अदालत में पेश किया जाता है तो हथकड़ी लगाने की परिस्थितियों की न्यायिक जांच हो सकती है. जज यह देख सकते हैं कि क्या हथकड़ी लगाना सही था और क्या कानूनी नियमों का पालन किया गया था. अगर अदालत को लगता है कि इसके लिए कोई भी ठोस वजह नहीं थी तो वह उचित कार्रवाई कर सकती है. इसमें हथकड़ी हटाने का आदेश देना भी शामिल है.

यह भी पढ़ेंः जनगणना में गलत जवाब दिया तो क्या होगा, क्या हो सकती है जेल?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

क्या सीबीआई भी किसी को हथकड़ी पहना सकती है, जानें कानून?
क्या सीबीआई भी किसी को हथकड़ी पहना सकती है, जानें कानून?
जनगणना में गलत जवाब दिया तो क्या होगा, क्या हो सकती है जेल?
जनगणना में गलत जवाब दिया तो क्या होगा, क्या हो सकती है जेल?
Tyson Army Dog: आतंकियों से लड़ा आर्मी डॉग टाइसन, 15 अगस्त पर मिला बड़ा सम्मान
आतंकियों से लड़ा आर्मी डॉग टाइसन, 15 अगस्त पर मिला बड़ा सम्मान
ताजमहल पर क्यों नहीं फहरा सकते तिरंगा, क्या है नियम?
ताजमहल पर क्यों नहीं फहरा सकते तिरंगा, क्या है नियम?
Advertisement

वीडियोज

अंधविश्वास से कब मिलेगी आजादी ?
Bollywood News: विजय के Independence Day मंच पर तृषा की मौजूदगी, एक पल ने खींचा ध्यान (15.08.26)
Jagadhatri: 😯Janvi ने Jagadhatri को किया टीम से बाहर, फिर भी कॉलेज पहुंची Jagadhatri #sbs
Independence Day 2026: Rang De Basanti से Border तक, ये Patriotic Films जरूर देखें
Rhea Chakraborty ने Sushant Singh Rajput Case पर कहा, ‘Kaafi Saal Kar Liya Maine’
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
US-ईरान जंग से चीन का फायदा, प्रशांत महासागर में अब ड्रैगन पसारेगा पैर!
US-ईरान जंग से चीन का फायदा, प्रशांत महासागर में अब ड्रैगन पसारेगा पैर!
विभाजन पर अखिलेश यादव के बयान पर केशव मौर्य का पलटवार, बोले- 'गंदी सोच...'
विभाजन पर अखिलेश यादव के बयान पर केशव मौर्य का पलटवार, बोले- 'गंदी सोच...'
निरहुआ ने आम्रपाली दुबे को क्यों कहा 'चुगलीस्टार'? हर 6 महीने में मोबाइल नंबर बदल लेते हैं पवन सिंह
निरहुआ ने आम्रपाली दुबे को क्यों कहा 'चुगलीस्टार'? हर 6 महीने में मोबाइल नंबर बदल लेते हैं पवन सिंह
2027 वनडे वर्ल्ड कप की आई तारीख, महात्मा गांधी से निकला कनेक्शन
2027 वनडे वर्ल्ड कप की आई तारीख, महात्मा गांधी से निकला कनेक्शन
मक्का में बारिश के बाद बढ़ जाते हैं ये कीट, ऐसे करें बचाव
मक्का में बारिश के बाद बढ़ जाते हैं ये कीट, ऐसे करें बचाव
'मां से पूछो ...', BJP प्रदेश अध्यक्ष के CM विजय पर दिए बयान पर विवाद
'मां से पूछो ...', BJP प्रदेश अध्यक्ष के CM विजय पर दिए बयान पर विवाद
'मारी दी गई गोली', पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' वाले बयान पर भड़की CPIM
'मारी दी गई गोली', पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' वाले बयान पर भड़की CPIM
पानी में मगरमच्छ ने पकड़ी मछुआरे की टांग? भयानक वीडियो वायरल
पानी में मगरमच्छ ने पकड़ी मछुआरे की टांग? भयानक वीडियो वायरल
Embed widget