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बिहार के जिस स्कूल में 10वीं के एग्जाम देंगे वैभव सूर्यवंशी, उसकी सिक्योरिटी का जिम्मा किसके पास?

क्रिकेट के मैदान पर चौके-छक्कों की बारिश करने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की 10वीं की परीक्षा होने वाली है. ऐसे में चर्चा उस स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था की भी हो रही है, जहां वे एग्जाम देने के लिए जाएंगे.

मैदान पर गेंद सीमारेखा के पार पहुंचाना आसान लगता है, लेकिन इस बार असली चुनौती किताबों के बीच है. बिहार के युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी के 10वीं बोर्ड परीक्षा देने की खबर आई तो उनके एग्जाम सेंटर और सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है. सवाल उठ रहा है कि क्या स्कूल में खास इंतजाम होंगे? क्या प्रशासन अलग सुरक्षा देगा? या फिर वह बाकी छात्रों की तरह ही परीक्षा देंगे? आइए जान लेते हैं. 

समस्तीपुर के स्कूल में बना परीक्षा केंद्र

बिहार के समस्तीपुर जिले में स्थित Podar International School Samastipur को वैभव सूर्यवंशी का परीक्षा केंद्र बनाया गया है. इस बात की पुष्टि स्कूल के प्राचार्य नील किशोर ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में की थी. उन्होंने बताया कि स्कूल को आधिकारिक तौर पर परीक्षा केंद्र बनाया गया है और संबंधित दस्तावेज, जिसमें एडमिट कार्ड भी शामिल है, प्राप्त हो चुके हैं.

बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होनी थीं और 10वीं तथा 12वीं दोनों कक्षाओं के लिए यही केंद्र निर्धारित है. स्कूल प्रशासन ने साफ किया था कि सभी छात्रों के लिए एक जैसी व्यवस्था रहेगी.

कौन लेगा उस स्कूल की सुरक्षा का जिम्मा? 

वैभव की लोकप्रियता को देखते हुए सुरक्षा पर सवाल उठना स्वाभाविक है. प्राचार्य नील किशोर का कहना था कि पोदार समूह अपनी अनुशासित व्यवस्था और सुरक्षा के लिए जाना जाता है. उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासन को सूचित कर दिया गया है, ताकि स्कूल परिसर के बाहर की व्यवस्था पर नजर रखी जा सके. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्र के भीतर किसी तरह की विशेष या अलग व्यवस्था नहीं की जाएगी. वैभव को एक सामान्य छात्र की तरह ही परीक्षा देनी होगी. सीटिंग प्लान, एंट्री प्रक्रिया और निगरानी के नियम सभी छात्रों पर समान रूप से लागू होंगे. 

लेकिन क्या वैभव देंगे परीक्षा?

इसी बीच एक और जानकारी सामने आई कि वैभव इस बार 10वीं की परीक्षा में शामिल नहीं होंगे. वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी का कहना है कि बीसीसीआई की व्यस्तताओं के चलते वैभव परीक्षा नहीं दे पाएंगे. इस बयान के बाद साफ हो गया कि भले ही परीक्षा केंद्र और तैयारियों की जानकारी सामने आ चुकी थी, लेकिन अंतिम निर्णय में बदलाव देखने को मिला है. 

पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन

वैभव सूर्यवंशी कम उम्र में ही क्रिकेट मैदान पर अपनी पहचान बना चुके हैं, लेकिन बोर्ड परीक्षा जैसी शैक्षणिक जिम्मेदारियां भी उतनी ही अहम होती हैं. खेल और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाना हर युवा खिलाड़ी के लिए चुनौती भरा होता है. इस मामले में भी यही देखने को मिला कि व्यस्त कार्यक्रम के कारण परीक्षा में शामिल होना संभव नहीं हो पाया. हालांकि, भविष्य में वह परीक्षा देंगे या नहीं, इस पर अंतिम फैसला परिवार और शैक्षणिक संस्थान के बीच होगा.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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