एक्सप्लोरर

Jet Train: इस देश ने बनाई थी हवाई जहाज के इंजन से चलने वाली ट्रेन, जानें क्यों कामयाब नहीं हुआ यह प्रयोग?

Jet Train: अगर दुनिया की सबसे तेज चलने वाली ट्रेन की बात करें तो एक ट्रेन ऐसी भी थी जो बुलेट ट्रेन से भी तेज चलती थी. आइए जानते हैं क्यों बंद किया गया इस ट्रेन को.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • सोवियत संघ ने जेट इंजन वाली 'जेट ट्रेन' बनाई थी।
  • जेट ट्रेन की अत्यधिक ईंधन खपत और लागत ने इसे महंगा बनाया।
  • जेट इंजन का शोर और हवा का दबाव सुरक्षा चिंताएँ बढ़ाता था।
  • रेल की पटरियाँ तेज गति की ट्रेन के लिए अनुपयुक्त थीं।

Jet Train: दुनिया में एक ऐसी ट्रेन भी बनाई गई थी जो हवाई जहाज के जेट इंजन से चलती थी. शीत युद्ध के दौरान सोवियत संघ ने इसे बनाने की कोशिश की थी. स्पीडी वैगन लैबोरेट्री या जेट ट्रेन के नाम से मशहूर इस ट्रेन का मकसद रेल के रफ्तार की सीमाओं को और आगे बढ़ना था. हालांकि इसने काफी तेज रफ्तार हासिल तो कर ली थी लेकिन फिर भी यह प्रोजेक्ट नाकाम रहा. आइए जानते हैं वजह.

जेट ट्रेन का प्रयोग क्या था? 

1970 के दशक में सोवियत इंजीनियरों ने एक ट्रेन में Yak-40 हवाई जहाज से लिए गए दो जेट इंजन लगाए. इसका आईडिया काफी ज्यादा सीधा था. पारंपरिक पहियों और इंजनों पर निर्भर रहने के बजाय जेट प्रोपल्शन का इस्तेमाल करके रफ्तार को कई गुना बढ़ा देना. इसका नतीजा यह निकला कि एक ऐसी ट्रेन तैयार हो गई जो ढाई सौ किलोमीटर प्रति घंटे से भी ज्यादा रफ्तार से दौड़ सकती थी.

ईंधन की खपत की चुनौती 

जेट ट्रेन के साथ सबसे बड़ी समस्या थी इसकी ईंधन की भारी खपत. जेट इंजन पारंपरिक ट्रेन इंजनों के मुकाबले काफी ज्यादा ईंधन खाते हैं. इससे हर सफर काफी महंगा पड़ जाता था. आम डीजल या फिर इलेक्ट्रिक ट्रेन के मुकाबले इस मशीन को चलाना आर्थिक रूप से बिल्कुल भी फायदेमंद नहीं था. टिकट की कीमतें इतनी ज्यादा हो गई कि उन्हें अफोर्ड करना मुश्किल हो गया. ऑपरेटिंग लागत काफी ज्यादा होने की वजह से टिकट की कीमतें भी काफी ज्यादा हो गई. यह कीमत हवाई जहाज के किराए के बराबर चली गई. ऐसे में यात्री स्वाभाविक रूप से ट्रेन के बजाय हवाई जहाज से सफर करना ही पसंद करते.

शोर और सुरक्षा से जुड़ी चिंता 

जेट इंजन काफी ज्यादा शोर करते हैं और यह ट्रेन भी इससे अलग नहीं थी. शोर का स्तर इतना ज्यादा था कि इस शहरों या आबादी वाले इलाकों के पास चलाना मुमकिन नहीं था. इससे भी ज्यादा चिंता की बात थी जेट से निकलने वाली हवा का जोर. इससे ट्रेन की पटरी और आसपास बनी इमारत को नुकसान पहुंच सकता था. 

रेलवे का बुनियादी ढांचा नहीं था तैयार 

उस समय रेल की पटरियां इतनी तेज रफ्तार वाली ट्रेनों के लिए बनी ही नहीं थीं. पारंपरिक पटरियों पर जेट इंजन वाली ट्रेन चलाने से ट्रेन के डगमगाने और पटरी से उतरने का खतरा बढ़ जाता था. बुनियादी ढांचे में बदलाव किए बिना इस आइडिया को सुरक्षित तरीके से लागू करना मुमकिन ही नहीं था. 

बुलेट ट्रेन एक बेहतर विकल्प 

जिस वक्त सोवियत संघ जेट ट्रेन पर प्रयोग कर रहा था उसी समय जापान जैसे देश इलेक्ट्रिक हाई स्पीड ट्रेन विकसित कर रहे थे. ये ट्रेन काफी ज्यादा कुशल, सुरक्षित और किफायती थी. इसकी वजह से दुनिया भर में हाई स्पीड रेल के लिए इन्हीं को सबसे बेहतर समाधान माना गया.

यह भी पढ़ें: क्या पाइपलाइन बिछाकर रूस से क्रूड ऑयल मंगा सकता है भारत, जानें कितना मुश्किल है यह प्लान?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Jet Train: इस देश ने बनाई थी हवाई जहाज के इंजन से चलने वाली ट्रेन, जानें क्यों कामयाब नहीं हुआ यह प्रयोग?
इस देश ने बनाई थी हवाई जहाज के इंजन से चलने वाली ट्रेन, जानें क्यों कामयाब नहीं हुआ यह प्रयोग?
दुनिया में कब और कैसे हुई लोकतंत्र की शुरुआत, उस दौर में कौन लेता था सारे फैसले?
दुनिया में कब और कैसे हुई लोकतंत्र की शुरुआत, उस दौर में कौन लेता था सारे फैसले?
City Heat Effect : आपका शहर क्यों लग रहा है ज्यादा गर्म? जानिए पेड़, कंक्रीट और 10°C तापमान का सच
आपका शहर क्यों लग रहा है ज्यादा गर्म? जानिए पेड़, कंक्रीट और 10°C तापमान का सच
Social Media Income: इंस्टाग्राम पर 500 फॉलोअर वालों के लिए भी खुला है कमाई का रास्ता, यहां जानिए
इंस्टाग्राम पर 500 फॉलोअर वालों के लिए भी खुला है कमाई का रास्ता, यहां जानिए
Advertisement

वीडियोज

Iran US Peace Talk 2.0: 'कोई डेलीगेशन पाक नहीं भेजा' ईरानी मीडिया का बड़ा दावा! | Israel Iran War
Pratima Mishra: डेडलाइन शुरू! क्या रुक जाएगा ईरान-अमेरिका युद्ध? | Bharat Ki Baat | Trump
Sansani: ईरान वॉर के खुफिया चेहरों का खेल | Iran US-Israel Ceasefire | Trump
MP News: BJP विधायक की दबंगई!, पुलिस को दी धमकी ! | Pritam Lodhi BJP MLA Shivpuri | MLA | abp News
Iran US Peace Talk 2.0: 'वार्ता-2' पर मंडराया संकट! ईरान ने नहीं भरी हामी | Breaking News | America
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
US Israel Iran War Live: ट्रंप के सीजफायर के ऐलान के बाद ईरान में निकाली गई बैलिस्टिक मिसाइल के साथ रैली, होर्मुज स्ट्रेट खुलेगा या नहीं?
Live: ट्रंप के सीजफायर के ऐलान के बाद ईरान में निकाली गई बैलिस्टिक मिसाइल के साथ रैली, होर्मुज स्ट्रेट खुलेगा या नहीं?
केदारनाथ मंदिर के खुले कपाट, हर हर महादेव के जयघोष के बीच गूंज उठा धाम, CM धामी भी रहे मौजूद
केदारनाथ मंदिर के खुले कपाट, हर हर महादेव के जयघोष के बीच गूंज उठा धाम, CM धामी भी रहे मौजूद
Pahalgam Attack Anniversary: 'भारत आतंकवाद के आगे कभी नहीं झुकेगा', पहलगाम हमले की बरसी पर PM मोदी ने पाकिस्तान को दिया अल्टीमेटम
'भारत आतंकवाद के आगे कभी नहीं झुकेगा', पहलगाम हमले की बरसी पर PM मोदी ने PAK को दिया अल्टीमेटम
MI vs SRH: 68 गेंद, 10 चौके, 10 छक्के नाबाद 135 रन, दिल्ली कैपिटल्स के गेंदबाजों की जमकर धुलाई करने के बाद अभिषेक शर्मा ने ये क्या कह दिया
MI vs SRH: 68 गेंद, 10 चौके, 10 छक्के नाबाद 135 रन, दिल्ली कैपिटल्स के गेंदबाजों की जमकर धुलाई करने के बाद अभिषेक शर्मा ने ये क्या कह दिया
अजमेर दरगाह में शाहरुख खान को दिया गया धक्का, पुलिस ने किया था लाठीचार्ज, एक्टर का कैसा था रिएक्शन? एक्स बॉडी गार्ड ने किया खुलासा
शाहरुख को अजमेर दरगाह में दिया गया धक्का, पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज, एक्स बॉडी गार्ड का खुलासा
US Iran Ceasefire: शहबाज-मुनीर ने कैसे डोनाल्ड ट्रंप को सीजफायर बढ़ाने के लिए किया मजबूर, न-न करते कैसे बदला उनका मूड? 
शहबाज-मुनीर ने कैसे ट्रंप को सीजफायर बढ़ाने के लिए किया मजबूर, न-न करते कैसे बदला उनका मूड? 
Video:1 करोड़ बर्बाद? नोएडा में फ्लैट खरीदकर पछता रहा ये शख्स, वीडियो शेयर कर बताई कड़वी सच्चाई
1 करोड़ बर्बाद? नोएडा में फ्लैट खरीदकर पछता रहा ये शख्स, वीडियो शेयर कर बताई कड़वी सच्चाई
कीबोर्ड के F और J बटन पर क्यों बने होते हैं छोटे उभार? यह सीक्रेट जानकर चौंक जाएंगे आप
कीबोर्ड के F और J बटन पर क्यों बने होते हैं छोटे उभार? यह सीक्रेट जानकर चौंक जाएंगे आप
Embed widget