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ज्यादा से ज्यादा किताबें पढ़िए और कम हो जाएगी सजा, जानें किस देश की जेलों में मिलता है यह अनोखा ऑफर

दुनिया की जेलों में कैदियों को सुधारने के लिए कई नियम बनाए जाते हैं. वहीं दुनिया की एक जेल ऐसी है जहां एक बेहद अनोखा कानून लागू है, जिसके तहत जेल में बंद अपराधी किताबें पढ़कर अपनी सजा कम करा सकते हैं.

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  • यह अनोखी पहल अपराधियों की नकारात्मक सोच बदलने पर केंद्रित है.

अपराध की दुनिया से निकलकर जब कोई इंसान जेल की सलाखों के पीछे पहुंचता है, तो अमूमन वहां का माहौल सजा और अकेलेपन से भरा होता है. मगर दुनिया में एक देश ऐसा भी है जिसने कैदियों को सुधारने और समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए एक बेहद अनोखा और हैरान कर देने वाला रास्ता चुना है. इस देश की जेलों में बंद कैदियों को कोई सख्त शारीरिक सजा काटने के बजाय किताबें पढ़ने का एक बेहतरीन मौका दिया जाता है. यहां कैदी जितनी रुचि से किताबें पढ़ते हैं, उनकी जेल की सजा उतनी ही तेजी से घटती चली जाती है.

किस देश का यह अनोखा कानून?

सजा कम करने का यह बेहद दिलचस्प और अनोखा नियम दक्षिण अमेरिका के बड़े देश ब्राजील ने अपनी जेलों में पूरी तरह लागू किया है. ब्राजील सरकार के इस खास कानून के अनुसार, जेल में बंद कोई भी कैदी अगर लाइब्रेरी से कोई किताब लेकर पढ़ता है और उसके बाद उस किताब का एक लिखित रिव्यू यानी समीक्षा जेल प्रशासन को सौंपता है, तो उसके आधार पर उसकी कानूनी सजा के दिनों को कम कर दिया जाता है. पहली बार सुनने में यह नियम भले ही थोड़ा अजीब लगे, लेकिन वहां की जेलों में यह हकीकत है.

सोच बदलने की अनोखी कोशिश

इस अनूठी पहल के जरिए ब्राजील की जेलों में बंद अपराधियों को ज्यादा से ज्यादा किताबें पढ़ने और उन पर अपनी राय लिखने के लिए लगातार मोटिवेट किया जाता है. अगर कोई कैदी तय किए गए कड़े नियमों के अनुसार किसी किताब को पूरी गहराई से पढ़ता है और उसका एक सटीक रिव्यू लिखकर जमा करता है, तो जेल प्रशासन उसकी सजा की अवधि को घटा देता है. इस पूरे अभियान का असली मकसद कैदियों के भीतर की नकारात्मक सोच को खत्म करना और अपराधियों की मानसिकता में बड़ा सकारात्मक बदलाव लाना है.

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व्यवहार पर किताबों का असर

विशेषज्ञों और मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि अच्छी किताबें इंसान की सोच, समझ और उसके सामाजिक व्यवहार पर बहुत गहरा और सकारात्मक असर डालती हैं. अपराधी को केवल सजा देने से उसकी सोच को नहीं बदला जा सकता, बल्कि पढ़ाई और ज्ञान के जरिए ही उसके भीतर सुधार की गुंजाइश पैदा की जा सकती है. यही वजह है कि ब्राजील की इस अनोखी और ज्ञानवर्धक पहल को आज पूरी दुनिया में सुधारात्मक न्याय (Reformative Justice) का एक सबसे बेहतरीन और नायाब उदाहरण माना जा रहा है.

भारतीय जेलों के मूल अधिकार

ब्राजील के इस अनोखे कानून के इतर अगर हम भारत की बात करें, तो भारतीय जेलों में भी कैदियों की सुरक्षा और मानवीय गरिमा को बनाए रखने के लिए कई बेहद जरूरी मूल अधिकार दिए गए हैं. भारत में जेल के भीतर बंद हर कैदी को समय पर साफ भोजन और उचित पोषण की पूरी सुविधा दी जाती है. इसके साथ ही जेल में बंद बीमार कैदियों, गर्भवती महिलाओं और उनके साथ रहने वाले छोटे बच्चों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखते हुए उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में पौष्टिक खाना दिया जाता है.

मुफ्त कानूनी मदद का प्रावधान

भारतीय संविधान में कैदियों के अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं. संविधान के अनुच्छेद 39A के तहत देश की जेलों में बंद सभी कैदियों के लिए मुफ्त वकील और कानूनी सलाह की सुविधा का साफ तौर पर उल्लेख किया गया है. यदि कोई गरीब कैदी आर्थिक तंगी के कारण कोर्ट में अपना निजी वकील रखने में पूरी तरह असमर्थ होता है, तो ऐसे मामलों में सरकार की तरफ से उसे अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए मुफ्त कानूनी मदद मुहैया कराई जाती है.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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