Rajya Sabha MP Salary: राघव चड्ढा के साथ आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले सांसदों को कितनी मिलती थी सैलरी, जान लीजिए जवाब?
Rajya Sabha MP Salary: राघव चड्ढा समेत 7 राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने से आप को बड़ा झटका लगा है. आइए जानें कि इन सातों सांसदों को आखिर कितनी सैलरी मिलती है.

- मुफ्त यात्रा, आवास, बिजली-पानी व पेंशन की भी सुविधा.
Rajya Sabha MP Salary: राघव चड्ढा के नेतृत्व में पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने के ऐलान ने न केवल केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, बल्कि सत्ता के समीकरणों को भी पूरी तरह उलट दिया है. राजनीतिक उठापटक के इस शोर में, अब चर्चा इस बात की भी तेज हो गई है कि आखिर इन सातों सांसदों को भारी-भरकम सुविधाएं और कितना वेतन मिलता था.
सात दिग्गजों का सियासी पाला बदलना
शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 को आम आदमी पार्टी के लिए एक काला दिन साबित हुआ. पार्टी के प्रमुख चेहरा रहे राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह घोषणा की कि उनके साथ स्वाति मालीवाल, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, विक्रम साहनी, राजिंदर गुप्ता और हरभजन सिंह सहित कुल सात सांसद अब भाजपा का हिस्सा बनने जा रहे हैं. आप के पास राज्यसभा में कुल 10 सदस्य थे, यानी अब दो-तिहाई से ज्यादा सांसदों का एक साथ पार्टी छोड़ने से 'आप' का संसदीय दल पूरी तरह बिखर गया है. यह बगावत पार्टी के भीतर की गहरी दरारों और वैचारिक मतभेदों को उजागर करती है.
सांसदों का मोटा वेतन और भत्ते
इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बाद अब आम जनता और राजनीतिक जानकारों की नजर उन सुविधाओं पर टिकी है जो इन सांसदों को बतौर राज्यसभा सदस्य मिलती रही हैं. केंद्र सरकार ने मार्च 2025 में एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की थी, जिसके तहत सांसदों के वेतन और भत्तों में भारी बढ़ोतरी की गई. वर्तमान में, एक राज्यसभा सांसद को 1,24,000 रुपये मासिक का बेसिक वेतन मिलता है. यह बढ़ोतरी 'संसद सदस्यों के वेतन, भत्ते और पेंशन (संशोधन) अधिनियम, 2025' के तहत लागू की गई, जिसने 2018 के वेतन ढांचे को पूरी तरह बदल दिया है.
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भत्तों की बौछार
सिर्फ बेसिक सैलरी ही नहीं, बल्कि सांसदों को मिलने वाले भत्तों की फेहरिस्त भी बहुत लंबी है. एक सांसद को संसद सत्र या समिति की बैठक में उपस्थिति दर्ज कराने के लिए 25,000 रुपये का दैनिक भत्ता मिलता है. इसके अलावा, अपने निर्वाचन क्षेत्र के कार्यों के लिए 87,000 रुपये मासिक का विशेष भत्ता मिलता है. ऑफिस मैनेजमेंट के लिए अलग से 70,000 रुपये और रोजमर्रा के प्रशासनिक खर्चों के लिए 60,000 रुपये का अलाउंस भी हर महीने सांसद के खाते में जाता है, जिससे वे अपने जिलों में मतदाताओं के साथ बेहतर जुड़ाव रख सकें.
पेंशन और रिटायरमेंट की सुरक्षा
सांसदों के लिए पेंशन का प्रावधान भी बेहद शानदार है. पूर्व सांसदों को मिलने वाली मासिक पेंशन 31,000 रुपये है. इतना ही नहीं, यदि किसी सांसद ने पांच साल से अधिक समय तक सेवा की है, तो प्रत्येक अतिरिक्त वर्ष के लिए पेंशन में 2,500 रुपये प्रति माह की वृद्धि की जाती है. यह सुनिश्चित करता है कि उनका भविष्य पूरी तरह से सुरक्षित रहे, भले ही उनका कार्यकाल समाप्त हो जाए या वे पार्टी बदल लें.
यात्रा की सुविधा
सांसदों के यात्रा भत्ते भी किसी लक्जरी सुविधा से कम नहीं हैं. वे और उनके परिवार के सदस्य हर साल 34 मुफ्त घरेलू फ्लाइट्स का आनंद ले सकते हैं. इसके अलावा, चाहे व्यावसायिक यात्रा हो या निजी, वे देश भर में फर्स्ट-क्लास ट्रेन यात्रा के लिए हमेशा स्वतंत्र होते हैं. यदि वे सड़क मार्ग से यात्रा करते हैं, तो उन्हें माइलेज अलाउंस का लाभ भी मिलता है, जो उनके आने-जाने के खर्च को पूरी तरह से सरकारी खजाने पर डाल देता है.
आवास और बिजली-पानी की शाही व्यवस्था
दिल्ली जैसे महंगे शहर में रहने के लिए सरकार सांसदों को बिना किराए के बंगले, अपार्टमेंट या हॉस्टल रूम मुहैया कराती है. यदि कोई सांसद सरकारी आवास नहीं लेना चाहता, तो उसे मासिक हाउसिंग अलाउंस का विकल्प भी मिलता है. उनकी सुख-सुविधाओं का ख्याल यहीं खत्म नहीं होता, उन्हें हर साल 50,000 यूनिट मुफ्त बिजली और 4,000 किलोलीटर पानी भी दिया जाता है. साथ ही, केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) के तहत उन्हें क्लास-1 अधिकारियों के बराबर मेडिकल सुविधाएं मिलती हैं, जो उनके और उनके परिवार के इलाज का पूरा खर्च उठाती हैं.
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