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वास्ते गुना हुइयां से डेलुलु...Gen Z के चैट कोड्स को ऐसे करें डिकोड

Gen Z Slang: Gen Z के चैट करने का तरीका पूरी तरह से बदल चुका है. वे कुछ अलग स्लैंग का इस्तेमाल करते हैं. आइए जानते हैं उनकी इस खास डिक्शनरी के शब्दों के मतलब.

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  • जनरेशन Z अपनी विशिष्ट डिजिटल भाषा में करती है संचार।
  • 'डेलूलू', 'सिनेमा' जैसे कई स्लैंग का बदल गया अर्थ।
  • 'वास्ते गुना हुइयां' वायरल मीम से आया, इमोजी के अर्थ बदले।

Gen Z Slang: अगर आपने हाल ही में इंस्टाग्राम पर स्क्रॉल करने या फिर वायरल मीम्स देखने में कुछ मिनट भी बिताए हैं तो संभावना है कि आपने अपने फीड में "वास्ते गुना हुइयां" वाक्य को गूंजते हुए सुना होगा. इसके साथ ही आपने डेलूलू, स्ले, एब्सलूट सिनेमा और यैपिंग जैसे शब्दों को भी रोजमर्रा की ऑनलाइन बातचीत का हिस्सा बनते हुए देखा होगा. कई लोगों को इस तरह के शब्द काफी अजीब लग सकते हैं लेकिन Gen Z के लिए ये बस संचार करने का एक नया तरीका हैं. उनकी चैट पूरी तरह से नई डिजिटल भाषा बनाने के लिए छोटे शब्द, इंटरनेट स्लैंग, इमोजी और पॉप संस्कृति संदर्भों को जोड़ती है.

 Gen Z की इंटरनेट भाषा 

पारंपरिक हिंदी या फिर अंग्रेजी बातचीत के उलट Gen Z इंस्टाग्राम, टिकटोक और स्नैपचैट जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से काफी ज्यादा प्रभावित है. छोटे वाक्यांश, मीम्स, और वायरल ट्रेंड कुछ ही घंटे में बड़े स्तर पर फैल जाते हैं. इससे युवा नए शब्दों को अपनाने और मौजूदा शब्दों को पूरी तरह से अलग मतलब देने के लिए प्रेरित होते हैं. 


वास्ते गुना हुइयां से डेलुलु...Gen Z के चैट कोड्स को ऐसे करें डिकोड

कुछ मशहूर Gen Z शब्द और उनके मतलब 

आज सबसे आम इंटरनेट शब्दों में से एक है डेलूलू. इसका इस्तेमाल ऐसे व्यक्ति के लिए किया जाता है जो ख्याली पुलाव में विश्वास रखता है या फिर ऐसी चीजों की कल्पना करता है जिनके घटित होने की संभावना ही नहीं है. 

एक ऐसा ही शब्द और है जिसे सिनेमा कहा जाता है. यह शब्द फिल्मों का जिक्र करने के बजाय किसी घटना, तर्क या गपशप के टुकड़े को समझने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. यानी अगर किसी के साथ कोई शानदार या फिर विश्वसनीय घटना घट जाए तो वह उसे सिनेमा कहता है. 

वाइफ गाइ उस व्यक्ति को कहा जाता है जो सोशल मीडिया पर लगातार अपनी पत्नी की प्रशंसा करता है या फिर उसके बारे में बात करता है. इसी के साथ यैपिंग का सीधा सा मतलब है बिना रुके लगातार बात करना. 

ऑनलाइन चैट में "BC"का मतलब कोई गाली नहीं बल्कि "because" होता है. ठीक इसी तरह literally शब्द का मतलब किसी भी बात पर जोर देने के लिए किया जाता है. 

इतना ही नहीं बल्कि तारीफ करने का तरीका भी विकसित हुआ है. किसी को क्वीन कहना किसी लड़की के आत्मविश्वास या फिर व्यक्तित्व की प्रशंसा करने का एक तरीका है. साथ ही किसी को स्लेय्ड कहने का मतलब होता है कि उसने असाधारण रूप से काफी ज्यादा अच्छा प्रदर्शन किया है. वाइब शब्द किसी व्यक्ति, स्थान या फिर स्थिति की मनोदशा, वातावरण या फिर ऊर्जा को बताने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

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वास्ते गुना हुइयां के पीछे की कहानी 

हालांकि काफी लोग यह मानते हैं कि वास्ते गुना हुइयां हिंदी, पंजाबी, या संस्कृत से जुड़ा हुआ है. लेकिन असल में इस वाक्यांश की जड़ किसी भी भारतीय भाषा में नहीं है. दरअसल यह इंटरनेट की मीम से आया है. 2015 में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक छोटा सा वीडियो काफी ज्यादा मशहूर हो गया था. उस वीडियो में एक लड़का बार-बार चिल्ला रहा था "can I get a hoya?" 

यह वाक्यांश अलग-अलग देशों में तेजी से फैल गया. उन देशों की भाषा के अनुरूप इसका उच्चारण भी बदलता गया. समय के साथ भारतीय मीम बनाने वालों तक यह सिर्फ चाचा वास्ते गुना हुइयां के रूप में पहुंचा. बस यहीं से यह वीडियो वायरल हो गया.


वास्ते गुना हुइयां से डेलुलु...Gen Z के चैट कोड्स को ऐसे करें डिकोड

Gen Z ने इमोजी का मतलब बदल दिया 

आधुनिक इंटरनेट बातचीत अब सिर्फ शब्दों से ही नहीं चलती. इमोजी ने युवाओं के बीच बिल्कुल नए मतलब पैदा कर दिए हैं. रोते हुए चेहरे वाले इमोजी का इस्तेमाल उदासी के बजाय बेकाबू हंसी दिखाने के लिए किया जाता है. इसी तरह खोपड़ी का इमोजी अब मौत को नहीं बल्कि इस बात को दर्शाता है कि कोई व्यक्ति इतनी जोर से हंस रहा है कि वह मजाक से बच ही नहीं सकता. 

पिघलता हुआ चेहरा इमोजी काफी ज्यादा शर्मिंदगी या अजीब महसूस करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. नेल पॉलिश का इमोजी आत्मविश्वास या फिर किसी स्थिति को सहजता से संभालने का प्रतीक बन गया है.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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