दतिया: नतीजों पर CM मोहन यादव की पहली प्रतिक्रिया, 'BJP के...'
Datia Byelection Result: उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 6,016 मतों से पराजित कर दिया.

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को कहा कि दतिया की जनता ने विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जो फैसला सुनाया है, उसे वह शिरोधार्य करते हैं और जीत भले ही कांग्रेस की हुई है लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस उपचुनाव में बीजेपी को 1,700 मत अधिक मिले हैं.
दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एवं भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 6,016 मतों से पराजित कर दिया.
कांग्रेस के घनश्याम सिंह को मिले 66 हजार से ज्यादा वोट
घनश्याम सिंह को 66,757 मत मिले, जबकि तिवारी को 60,741 मत प्राप्त हुए. आजाद समाज पार्टी के उम्मीदवार दामोदर यादव को 22,527 मत मिले हैं जो तीसरे स्थान पर रहे. विशेषज्ञों में मुताबिक आजाद समाज पार्टी (काशीराम) ने कांग्रेस का काफी नुकसान किया.
बीजेपी की हार के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यहां पत्रकारों से कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में दतिया सीट कांग्रेस ने जीती थी और आज भी यह कांग्रेस के पास ही है. उन्होंने कहा, "यह अलग बात है हमने पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले 1,700 वोट अधिक हासिल किए. विधानसभा चुनाव (2023) के साथ बीजेपी ने राज्य की सभी 29 लोकसभा सीट जीती. आजादी के बाद पहली बार बीजेपी ने यह उपलब्धि हासिल की."
जनता का निर्णय शिरोधार्य- सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुधनी विधानसभा का उपचुनाव बीजेपी जीती और उसके बाद अमरवाड़ा उपचुनाव में पार्टी ने कांग्रेस से सीट छीनी. उन्होंने कहा कि हाल ही में संपन्न राज्यसभा चुनाव में बीजेपी ने तीनों सीट जीतीं. उन्होंने कहा, "लोकतंत्र में चुनाव के दौरान सब अपनी बात रखते हैं. हमने अपनी बात रखी, कांग्रेस ने अपनी बात रखी. जनता ने जो निर्णय किया उसे हम शिरोधार्य करते हैं. उम्मीद करते हैं आगे आने वाले चुनाव में पूरी ताकत से लड़ेंगे."
उधर, बीजेपी को बिहार में अपनी जीती हुई सीट उपचुनाव में गंवानी पड़ी और एमपी में सरकार होने के बावजूद उपचुनाव में मिली हार ने पार्टी की रणनीति पर जरुर सवाल खड़े कर दिए हैं. आगामी विधानसभा में अगर यही प्रदर्शन रहा तो मुश्किल हो सकती है. लेकिन इस जीत ने कांग्रेस में जान फूंकने का काम जरुर किया है.
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