एक्सप्लोरर

नेपाल के साथ कितना बॉर्डर शेयर करता है भारत, इसमें कहां-कहां है विवाद?

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के सीमा अतिक्रमण वाले बयान ने नेपाल में भारी राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है. आइए जानते हैं कि दोनों देश कितना बॉर्डर शेयर करते हैं और कहां-कहां पर इनके बीच विवाद है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • नेपाल पीएम के बयान से भारत-नेपाल सीमा विवाद गरमाया.
  • 2020 में भारत के नए नक्शे से नेपाल ने जताया था ऐतराज.
  • नेपाल ने बदला संविधान, कालापानी, लिपुलेख को बताया अपना.
  • महाकाली नदी और सुगौली संधि सीमा विवाद का आधार.

भारत और नेपाल के संबंध हमेशा से रोटी-बेटी के माने जाते रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ सालों में दोनों देशों के बीच सीमा को लेकर खींचतान काफी बढ़ गई है. हाल ही में नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के एक चौंकाने वाले बयान ने इस ठंडे पड़े विवाद की आग को फिर से हवा दे दी है. प्रधानमंत्री ने दावा कर दिया कि सिर्फ भारत ने ही नहीं, बल्कि नेपाल ने भी भारतीय जमीन पर कब्जा किया है. इस एक बयान ने पूरे नेपाल की राजनीति में भूचाल ला दिया है, क्योंकि वहां के जानकार मान रहे हैं कि इससे कालापानी और लिपुलेख पर नेपाल का दावा कमजोर हो गया है. आइए समझते हैं कि दोनों देशों के बीच सीमा का पूरा गणित और इनके बीच विवाद आखिर क्या है.

बालेन शाह के बयान से मचा हड़कंप

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के इस ताजा और अजीबोगरीब बयान ने उनके ही देश में उनके लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है. नेपाल के भीतर सभी राजनीतिक दल और आम सोशल मीडिया यूजर्स प्रधानमंत्री की जमकर आलोचना कर रहे हैं. मामला इतना ज्यादा बढ़ गया कि नेपाल के विदेश मंत्रालय को खुद आगे आकर इस बयान पर आधिकारिक सफाई तक देनी पड़ गई है. नेपाल के सीनियर राजनयिकों का साफ कहना है कि पीएम के इस गैर-जिम्मेदाराना बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कालापानी, लिम्पियाधुरा और सुस्ता जैसे महत्वपूर्ण विवादित क्षेत्रों पर नेपाल के सालों पुराने मजबूत दावे को बेहद कमजोर कर दिया है. 

भारत-नेपाल सीमा कितनी बड़ी और किन राज्यों से जुड़ती है?

अगर भौगोलिक नजरिए से देखें तो भारत और नेपाल एक बहुत लंबी और ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय सीमा को आपस में साझा करते हैं. दोनों देशों के बीच की यह सीमा करीब 1,751 किलोमीटर लंबी है और यह पूरी तरह से एक खुली अंतरराष्ट्रीय सीमा है, जहां लोगों को आने-जाने के लिए किसी वीजा की जरूरत नहीं पड़ती है. भारत के कुल 5 महत्वपूर्ण राज्य नेपाल के साथ अपनी सरहदें मिलाते हैं. इन राज्यों में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम शामिल हैं. आपको बता दें कि इन सभी राज्यों में से बिहार राज्य की सीमा नेपाल के साथ सबसे लंबी दूरी तक सटी हुई है.

यह भी पढ़ें: कितनी पुरानी है हमारी धरती, वैज्ञानिक किस तकनीक से खोलते हैं पृथ्वी की उम्र के गहरे राज?

साल 2020 का वो भारत-नेपाल नक्शा विवाद

भारत और नेपाल के बीच सीमा का पुराना विवाद तब पूरी तरह से भड़क उठा जब साल 2020 में भारत सरकार ने देश का एक नया राजनीतिक नक्शा आधिकारिक तौर पर जारी किया था. भारत की तरफ से जारी किए गए इस नए नक्शे में लिम्पियाधुरा, कालापानी और लिपुलेख को पूरी तरह से भारतीय सीमा का हिस्सा दिखाया गया था. भारत का हमेशा से यह साफ दावा रहा है कि ये रणनीतिक इलाके पूरी तरह से उसके हैं. लेकिन नेपाल सरकार ने भारत के इस नक्शे पर बहुत तीखी आपत्ति जताई थी और भारत से अपना राजनीतिक नक्शा तुरंत बदलने की मांग कर डाली थी.

नेपाल ने बदला अपना संविधान

भारत द्वारा नक्शा जारी करने के ठीक पांच महीने बाद, यानी मई 2020 में लिपुलेख क्षेत्र को लेकर दोनों देशों के बीच जमीनी तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया. इसके बाद 18 June 2020 को नेपाल सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने संविधान में बाकायदा संशोधन कर दिया और देश के नए राजनीतिक नक्शे को संसद से पास कर दिया. नेपाल के इस नए सरकारी मानचित्र में रणनीतिक रूप से बेहद अहम तीन बड़े क्षेत्रों- लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा को अपनी सीमा के भीतर दिखाया गया था. भारत ने नेपाल के इस कदम को पूरी तरह एकतरफा और गलत बताया था.

महाकाली नदी और सुगौली की संधि

नेपाल की कैबिनेट ने अपने दावों को मजबूत करने के लिए यह बयान जारी किया था कि महाकाली, जिसे शारदा नदी भी कहते हैं, उसका असली स्रोत वास्तव में लिम्पियाधुरा ही है. यह इलाका फिलहाल भारत के उत्तराखंड राज्य का हिस्सा माना जाता है. नेपाल के सर्वे विभाग के पुराने रिकॉर्ड्स के मुताबिक, साल 1850 और 1856 में दोनों देशों ने मिलकर जो नक्शा बनाया था, उसमें सुगौली की संधि के आधार पर महाकाली नदी को ही दोनों देशों की असली सरहद माना गया था, जिससे कालापानी नेपाल का हिस्सा ठहरता है.

भारत का तर्क और ऐतिहासिक सबूत

भारत सरकार नेपाल के इन पुराने नक्शों को सीमा के पुख्ता सबूत के तौर पर स्वीकार करने से हमेशा साफ इनकार करती आई है. भारतीय पक्ष का आधिकारिक तौर पर कहना है कि 1850 के बजाय साल 1875 में जारी किए गए ऐतिहासिक नक्शे पर विचार किया जाना चाहिए. साल 1875 के उस नक्शे में महाकाली नदी का जो उद्गम स्थल यानी शुरुआत दिखाई गई थी, वह कालापानी क्षेत्र के पूर्व में स्थित थी. इसी मजबूत ऐतिहासिक दस्तावेज के आधार पर भारत हमेशा कहता आया है कि लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा के ये तीनों हिस्से पूरी तरह से भारतीय संप्रभुता के अंतर्गत आते हैं.

लिपुलेख की सड़क पर बढ़ा तनाव

यह पूरा विवाद उस समय और ज्यादा आक्रामक हो गया जब भारत सरकार ने मानसरोवर यात्रा को सुगम बनाने के लिए लिपुलेख इलाके में एक नई बॉर्डर रोड का निर्माण कर उसका उद्घाटन कर दिया. लिपुलेख दर्रे से होकर ही तिब्बत चीन के पवित्र मानसरोवर जाने का सबसे मुख्य रास्ता गुजरता है. इस सड़क के बनते ही नेपाल सरकार ने बेहद कड़े शब्दों में भारत का विरोध किया था. नेपाल का आरोप था कि भारत ने उसके अधिकार क्षेत्र वाले लिपुलेख में करीब 22 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण कर लिया है, जो कि दोनों देशों के आपसी समझौतों के खिलाफ है. 

सुस्ता क्षेत्र का दूसरा बड़ा विवाद

लिपुलेख और कालापानी के अलावा भारत और नेपाल के बीच एक और पुराना सीमा विवाद है, जिसे सुस्ता क्षेत्र का विवाद कहा जाता है. यह इलाका मुख्य रूप से बिहार और नेपाल की सीमा के पास स्थित है. गंडक नदी के लगातार अपना रास्ता बदलने के कारण सुस्ता क्षेत्र की हजारों एकड़ जमीन को लेकर दोनों देशों के किसानों और सरकारों के बीच दशकों से विवाद चल रहा है. दोनों देशों के सर्वे अधिकारी और तकनीकी एक्सपर्ट्स सालों की साझा कोशिशों के बाद भी आज तक कोई ऐसा सर्वसम्मत नक्शा तैयार नहीं कर पाए हैं, जिस पर दोनों देश पूरी तरह राजी हों. 

यह भी पढ़ें: Chenab-Beas Link Project: चिनाब और ब्यास नदी को जोड़ने में कितना आएगा खर्च, इससे कितना बढ़ जाएगा भारत का पानी?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

CJP Protest: किस देश में पूरी तरह कामयाब हुआ था Gen-Z का प्रोटेस्ट, जानें कैसे गिरा दी थी सरकार?
किस देश में पूरी तरह कामयाब हुआ था Gen-Z का प्रोटेस्ट, जानें कैसे गिरा दी थी सरकार?
NEET Protest: CJP की छात्रों के खिलाफ केस रद्द करने की मांग, कैसे लेगी सरकार FIR वापस?
CJP की छात्रों के खिलाफ केस रद्द करने की मांग, कैसे लेगी सरकार FIR वापस?
Compensation Rules India: भारत में कैसे तय होता है मुआवजा, सीजेपी की मांग के बीच जान लें नियम?
भारत में कैसे तय होता है मुआवजा, सीजेपी की मांग के बीच जान लें नियम?
Dharmendra Pradhan Resignation: धर्मेंद्र प्रधान की चिट्ठी भर से छूट जाएगा मंत्री पद? जानें क्या होती है इस्तीफे की पूरी प्रक्रिया
धर्मेंद्र प्रधान की चिट्ठी भर से छूट जाएगा मंत्री पद? जानें क्या होती है इस्तीफे की पूरी प्रक्रिया
Advertisement

वीडियोज

Sansani|Strange Marriage Video:एक दूल्हा और 3 सगी बहनें! रील बनाने वाली बहनों ने कैमरामैन से रचाई शादी!
Salman Khan का नया पोस्ट बना चर्चा का विषय,
Saanvie Tallwar ने Karan Kundrra पर लगाया थप्पड़ और बिना सहमति Kiss का आरोप, सालों बाद बड़ा खुलासा
Ishqnama Review: Shehnaaz Gill और Jai Randhhawa की दिल छू लेने वाली लव स्टोरी
The India Story Review: खाने और सेहत पर बड़ा सवाल उठाती Shreyas Talpade की फिल्म
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
तेज प्रताप यादव गिरफ्तार, आधी रात को ले गई पुलिस, इस मामले में हुए अरेस्ट
तेज प्रताप यादव गिरफ्तार, आधी रात को ले गई पुलिस, इस मामले में हुए अरेस्ट
NEET पेपर लीक प्रोटेस्ट से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक..., CJP आंदोलन ने कैसे हिला दी हुकूमत
NEET पेपर लीक प्रोटेस्ट से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक..., CJP आंदोलन ने कैसे हिला दी हुकूमत
'तुरंत गिरफ्तारी हो...', छात्रों से गाली गलौज करते BJP नेता का वीडियो शेयर कर भड़के अखिलेश यादव
'तुरंत गिरफ्तारी हो...', छात्रों से गाली गलौज करते BJP नेता का वीडियो शेयर कर भड़के अखिलेश यादव
Jana Nayagan BO Collection: 'द ओडिसी' और 'धमाल 4' समेत 'जन नायकन' ने सैटरडे को 10 फिल्मों के तोड़े रिकॉर्ड, जानें कलेक्शन
'द ओडिसी' और 'धमाल 4' समेत 'जन नायकन' ने सैटरडे को 10 फिल्मों के तोड़े रिकॉर्ड, जानें कलेक्शन
जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 में जीत के बाद क्या बोले श्रेयस अय्यर? दुनिया हैरान
जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 में जीत के बाद क्या बोले श्रेयस अय्यर? दुनिया हैरान
कौन हैं प्रह्लाद जोशी, जिन्हें धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सौंपी गई शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी?
कौन हैं प्रह्लाद जोशी, जिन्हें धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सौंपी गई शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी?
Gen Z को लेकर इस राज्य के CM का बड़ा ऐलान, चुनाव लड़ने की उम्र घटाने का प्रस्ताव लाएगी सरकार
Gen Z को लेकर इस राज्य के CM का बड़ा ऐलान, चुनाव लड़ने की उम्र घटाने का प्रस्ताव लाएगी सरकार
'आ गया सरकार को हटाने का वक्त', प्रधान के इस्तीफे पर हमलावर राहुल, जानें पहला रिएक्शन
'आ गया सरकार को हटाने का वक्त', प्रधान के इस्तीफे पर हमलावर राहुल, जानें पहला रिएक्शन
Embed widget