किस राज्य के लोग कितने पढ़े-लिखे, यह कौन और कैसे करता है तय?
भारत में साक्षरता दर की गणना 7 वर्ष से अधिक आयु के पढ़े-लिखे लोगों के आधार पर NSO और जनगणना विभाग द्वारा की जाती है, जिसमें मिजोरम सबसे आगे और आंध्र प्रदेश सबसे पीछे है.

Most Educated States: किसी भी देश या राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास को मापने का सबसे मजबूत जरिया वहां की शिक्षा का स्तर होता है. देश में कौन सा राज्य शिक्षा के मामले में कितना आगे है और कहां साक्षरता कम है, इसका सटीक आकलन साक्षरता दर के आधार पर किया जाता है. भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला जनगणना आयुक्त कार्यालय और राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) वैज्ञानिक तरीकों, सर्वेक्षणों और स्थापित फॉर्मूलों का उपयोग करके यह आधिकारिक डेटा तैयार करते हैं, जो नई शिक्षा नीतियों का आधार बनता है.
साक्षरता मापने का आधिकारिक फॉर्मूला
भारत में किसी व्यक्ति को पढ़ा-लिखा या साक्षर मानने के लिए सरकार ने स्पष्ट नियम तय किए हैं. केवल अपना नाम लिख लेना या दस्तखत कर देना साक्षरता की श्रेणी में नहीं आता है. सरकारी मानकों के अनुसार, जो व्यक्ति 7 वर्ष या उससे अधिक आयु का है और वह किसी भी भाषा को समझकर पढ़ तथा लिख सकता है, उसे ही साक्षर माना जाता है. वयस्क साक्षरता का आकलन करते समय 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग पर ध्यान दिया जाता है.
साक्षरता दर की गणना करने के लिए एक विशेष गणितीय फॉर्मूले का उपयोग किया जाता है. इसके तहत राज्य में 7 साल से ऊपर के साक्षर लोगों की कुल संख्या को 7 साल से अधिक आयु की कुल जनसंख्या से भाग दिया जाता है और प्राप्त अंक को 100 से गुणा किया जाता है. इस प्रक्रिया से किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का सटीक प्रतिशत निकलकर सामने आता है.
आंकड़े एकत्र करने वाली प्रमुख एजेंसियां
देश भर में साक्षरता की स्थिति का व्यापक डेटा जुटाने का काम मुख्य रूप से भारत के महारजिस्ट्रार और जनगणना आयुक्त (Registrar General and Census Commissioner of India) द्वारा हर 10 साल में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय जनगणना के दौरान किया जाता है. हालांकि, वर्ष 2011 के बाद से नई राष्ट्रीय जनगणना के अंतिम आंकड़े लंबित हैं, इसलिए बीच के वर्षों में सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के तहत काम करने वाला राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) विशेष नमूना सर्वेक्षण आयोजित करता है. इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (NSS) तथा राज्य स्तर पर विभिन्न निजी व सरकारी एजेंसियां भी समय-समय पर सामाजिक-आर्थिक सर्वे करके शिक्षा के आंकड़ों को अपडेट करने में मदद करती हैं.
देश के सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे राज्य
ताजा सांख्यिकीय रिपोर्टों और NSO के आंकड़ों के अनुसार, भारत में पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों ने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन किया है. देश में सबसे अधिक साक्षरता दर वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का ब्योरा इस प्रकार है-
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मिजोरम: लगभग 98.2 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ यह राज्य देश भर में पहले स्थान पर बना हुआ है.
लक्षद्वीप: लगभग 97.3 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ यह केंद्र शासित प्रदेश दूसरे स्थान पर है.
नागालैंड: लगभग 95.7 प्रतिशत साक्षरता दर दर्ज कर यह राज्य शीर्ष पायदान में शामिल है.
केरल: लगभग 95.3% से 96.2% साक्षरता दर के साथ केरल लंबे समय से देश के प्रमुख साक्षर राज्यों में शामिल है.
गोवा: यहां की साक्षरता दर लगभग 88.7% से 90% के बीच दर्ज की गई है.
त्रिपुरा: पूर्वोत्तर का यह राज्य लगभग 87.2 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ अग्रणी है.
हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी राज्य हिमाचल में साक्षरता दर 86.6 प्रतिशत से अधिक है.
दिल्ली: देश की राजधानी 86.2 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ प्रमुख स्थान रखती है.
महाराष्ट्र: पश्चिम भारत का यह औद्योगिक राज्य 84.8 प्रतिशत साक्षरता दर रखता है.
सिक्किम: पूर्वोत्तर का यह राज्य लगभग 81.4 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ शीर्ष सूची में अपनी जगह बनाए हुए है.
सबसे कम साक्षरता दर वाले राज्य
सर्वेक्षण के आंकड़ों से यह भी स्पष्ट होता है कि देश के कई बड़े राज्यों को साक्षरता के मामले में अभी और सुधार करने की सख्त आवश्यकता है. सबसे कम साक्षरता वाले 10 राज्यों का आंकड़ा इस प्रकार है:
आंध्र प्रदेश: 66.4 प्रतिशत की साक्षरता दर के साथ सूची में सबसे निचले स्थान पर है
राजस्थान: यहां की साक्षरता दर 69.7 प्रतिशत दर्ज की गई है
बिहार: राज्य की कुल साक्षरता दर 70.9 प्रतिशत पाई गई है
तेलंगाना: दक्षिण का यह राज्य 72.8 प्रतिशत साक्षरता दर पर है
उत्तर प्रदेश: देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य 73.0 प्रतिशत साक्षरता दर पर है
मध्य प्रदेश: मध्य भारत के इस राज्य की साक्षरता दर 73.7 प्रतिशत है
झारखंड: राज्य में साक्षरता का स्तर 74.3 प्रतिशत दर्ज किया गया है
कर्नाटक: यहां की कुल साक्षरता दर 77.2 प्रतिशत है
छत्तीसगढ़: राज्य में साक्षरता दर 77.3 प्रतिशत पाई गई है
ओडिशा: छत्तीसगढ़ के समान ही ओडिशा की साक्षरता दर भी 77.3 प्रतिशत दर्ज की गई है

इन आंकड़ों का उपयोग केंद्र और राज्य सरकारें अपनी नई शिक्षा योजनाओं, साक्षरता अभियानों और वित्तीय आवंटन को सही दिशा देने के लिए करती हैं.
भारत में साक्षरता दर की गणना 7 वर्ष से अधिक आयु के पढ़े-लिखे लोगों के आधार पर NSO और जनगणना विभाग द्वारा की जाती है, जिसमें मिजोरम सबसे आगे और आंध्र प्रदेश सबसे पीछे है.
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