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धरती पर कितनी देर में पहुंचती हैं किरणें, कितनी देर बाद सूर्य देखते हैं हम?

सूर्य का प्रकाश हम तक तुरंत नहीं पहुंच पाता है, यह धरती तक पहुंचने में वक्त लगाता है. इसीलिए हम सूर्य के अतीत के रूप को ही देख पाते हैं. चलिए इस बारे में और रोचक तथ्य जानें.

जब हम सुबह-सुबह आसमान में चमकते हुए सूरज को देखते हैं, तो वह असल में वर्तमान का नहीं बल्कि अतीत का नजारा होता है. सूर्य से निकलने वाली रोशनी को पृथ्वी तक पहुंचने में औसतन 8 मिनट और 20 सेकंड का समय लगता है. इसका सीधा मतलब यह है कि हम हर पल सूरज को 8 मिनट 20 सेकंड पुराना ही देख पाते हैं. अंतरिक्ष विज्ञान और भौतिकी के नियमों के आधार पर रोशनी की तेज रफ्तार, पृथ्वी की बदलती दूरी और हमारे वायुमंडल के जादू के कारण ही यह अद्भुत खगोलीय घटना घटित होती है.

प्रकाश की रफ्तार और पृथ्वी से सूर्य की दूरी

ब्रह्मांड में प्रकाश यानी रोशनी की गति सबसे तेज मानी जाती है. वैज्ञानिक आंकड़ों के अनुसार, प्रकाश की गति लगभग 2,99,792 किलोमीटर प्रति सेकंड (या आसान शब्दों में लगभग 3 लाख किलोमीटर प्रति सेकंड) होती है. वहीं, हमारी पृथ्वी और सूर्य के बीच की औसत दूरी करीब 14 करोड़ 96 लाख किलोमीटर (लगभग 15 करोड़ किलोमीटर) है. जब रोशनी इस विशालकाय दूरी को तय करती है, तो उसे पृथ्वी की सतह तक पहुंचने में करीब 500 सेकंड यानी 8 मिनट 20 सेकंड का समय लग जाता है.

सूर्य की किरणें धरती तक पहुंचने में क्यों आता है अंतर?

पृथ्वी सूर्य के चारों ओर पूरी तरह गोल चक्कर नहीं लगाती है, बल्कि इसकी परिक्रमा कक्षा अंडाकार होती है. इस वजह से पूरे साल पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी बदलती रहती है, जिससे किरणों के पहुंचने का समय भी थोड़ा घटता-बढ़ता रहता है:

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धरती पर कितनी देर में पहुंचती हैं किरणें, कितनी देर बाद सूर्य देखते हैं हम?

उपसौर (Perihelion): जब पृथ्वी अपनी कक्षा में चक्कर लगाते हुए सूर्य के सबसे नजदीक होती है, तब किरणों को हम तक पहुंचने में लगभग 8 मिनट 10 सेकंड का ही समय लगता है.

अपसौर (Aphelion): जब पृथ्वी अपनी परिक्रमा के दौरान सूर्य से सबसे अधिक दूरी पर होती है, तब रोशनी को धरती तक पहुंचने में यह समय बढ़कर लगभग 8 मिनट 27 सेकंड हो जाता है.

सूर्योदय और सूर्यास्त का वायुमंडलीय भ्रम

वैज्ञानिक दृष्टि से हम केवल 8 मिनट पुरानी धूप ही नहीं देखते, बल्कि वास्तविक सूर्योदय से पहले ही सूर्य को देख लेते हैं. असल में जब सूर्य क्षितिज (Horizon) के नीचे ही होता है, तब भी वह हमें आसमान में उठा हुआ दिखाई देता है. ऐसा पृथ्वी के वायुमंडल और उसमें होने वाले वायुमंडलीय अपवर्तन के कारण होता है.

जब अंतरिक्ष से आने वाली सूर्य की किरणें पृथ्वी के घने वायुमंडल में प्रवेश करती हैं, तो हवा के अलग-अलग घनत्व के कारण वे मुड़ जाती हैं. इस झुकाव की वजह से वास्तविक सूर्योदय से लगभग 2 मिनट पहले ही सूर्य का प्रतिबिंब हमें दिखने लगता है. ठीक यही प्रक्रिया शाम को भी दोहराई जाती है, जिससे सूर्यास्त होने के 2 मिनट बाद तक हमें सूर्य आसमान में दिखाई देता रहता है.

सूर्य की वर्तमान उम्र और उसका भविष्य

अंतरिक्ष एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, हमारे सूर्य की वर्तमान उम्र लगभग 4.57 अरब साल हो चुकी है. यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ESA) का मानना है कि सूर्य अपनी जिंदगी का आधा सफर पूरा कर चुका है और यह अपने मध्य काल में है.


धरती पर कितनी देर में पहुंचती हैं किरणें, कितनी देर बाद सूर्य देखते हैं हम?

जैसे-जैसे सूर्य की उम्र बढ़ रही है, इसके केंद्र यानी नाभिक से हाइड्रोजन गैस धीरे-धीरे खत्म होने लगेगी. जब हाइड्रोजन पूरी तरह समाप्त हो जाएगा, तो इसके कोर में विखंडन और फैलाव की प्रक्रिया शुरू होगी. सूर्य धीरे-धीरे ठंडा होना शुरू होगा और एक लाल दानव के रूप में बदल जाएगा. हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया और सूर्य को पूरी तरह से नष्ट होने में अभी लगभग 1000 अरब साल का लंबा समय लगेगा.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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