BJP की नई टीम में छह साल बाद राम माधव की वापसी, क्यों मिला मौका?
भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया है. छह साल बाद राम माधव की बीजेपी संगठन में वापसी हुई है और उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया है. नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के करीब आठ महीने बाद टीम में बदलाव किया गया है. नई टीम में सबसे खास नाम राम माधव का है, जिनकी छह साल बाद बीजेपी के संगठन में वापसी हुई है. उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है.
छह साल बाद बीजेपी में लौटे राम माधव
राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है. यह छह साल बाद बीजेपी के मुख्य संगठन में उनकी वापसी है. उन्होंने राजनीतिक करियर की शुरुआत RSS प्रचारक के तौर पर की थी. बाद में वह संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता और अखिल भारतीय सह-प्रचार प्रमुख भी रहे.
2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद RSS ने उन्हें बीजेपी संगठन में काम करने के लिए भेजा था. इसके बाद उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया था.
पूर्वोत्तर और जम्मू-कश्मीर में निभाई अहम भूमिका
राम माधव ने पूर्वोत्तर और जम्मू-कश्मीर में बीजेपी का संगठन मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. असम, त्रिपुरा और नगालैंड में बीजेपी सरकारों के गठन और संगठन के विस्तार में भी उनका योगदान रहा.
जम्मू-कश्मीर में बीजेपी और पीडीपी के गठबंधन की सरकार बनाने में उन्हें मुख्य रणनीतिकारों में गिना जाता था. बाद में राजनीतिक नुकसान की स्थिति बनने पर बीजेपी ने पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के साथ गठबंधन खत्म कर दिया.
उस समय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भी राम माधव को लेकर विवाद खड़ा करने की कोशिश की थी. इन घटनाओं का उनके राजनीतिक सफर पर असर पड़ा.
2020 में राष्ट्रीय महासचिव पद से हटे थे
सितंबर 2020 में बीजेपी के तत्कालीन अध्यक्ष जेपी नड्डा ने नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी और टीम का ऐलान किया था. उस समय राम माधव को राष्ट्रीय महासचिव के पद से हटा दिया गया था.
इसके बाद उन्होंने RSS के सक्रिय काम में वापसी की और RSS की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल किए गए.
अब बीजेपी में उनकी वापसी संगठन में उनकी दूसरी पारी मानी जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, उनकी नई जिम्मेदारी तय करने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है. 2014 में जब राम माधव को RSS से बीजेपी में भेजा गया था, तब RSS की ओर से कहा गया था कि उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जानी चाहिए. सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने उस समय उन्हें ऐसी जिम्मेदारी देने का भरोसा दिया था.
सिर्फ औपचारिक भूमिका तक सीमित रहने की संभावना कम
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद वरिष्ठ नेताओं को दिया जाता है और इसमें रोजाना के संगठनात्मक काम की जिम्मेदारी हमेशा ज्यादा नहीं होती. हालांकि, राम माधव के केवल औपचारिक भूमिका तक सीमित रहने की संभावना कम मानी जा रही है. आगे नितिन नबीन उन्हें संगठन में कोई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे सकते हैं.
राम माधव अंतरराष्ट्रीय मामलों और कूटनीति से जुड़े मुद्दों पर भी सक्रिय रहे हैं. वह थिंक टैंक इंडिया फाउंडेशन से जुड़े प्रमुख लोगों में शामिल हैं और कूटनीति तथा अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़े सम्मेलनों का आयोजन भी करते रहे हैं.
RSS से जुड़े नेताओं पर बनाए रखा भरोसा
बीजेपी ने RSS प्रचारक सुनील बंसल को राष्ट्रीय महासचिव पद पर बनाए रखा है. इसी तरह बीएल संतोष राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) की जिम्मेदारी संभालते रहेंगे. RSS की ओर से बीजेपी संगठन में भेजे गए संतोष पार्टी के सबसे महत्वपूर्ण संगठनात्मक नेताओं में शामिल हैं.
उनके साथ RSS के दो अन्य प्रचारक शिव प्रकाश और सौदान सिंह भी राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव (संगठन) के तौर पर अपनी जिम्मेदारी जारी रखेंगे.
नई टीम में किन नेताओं को मिली जगह?
बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्षों में उत्तराखंड से तीरथ सिंह रावत, ओडिशा से बैजयंत पांडा, आंध्र प्रदेश से डी. पुरंदेश्वरी, उत्तर प्रदेश से रेखा वर्मा और पंजाब से सरदार मनप्रीत सिंह बादल को शामिल किया गया है.
इसके अलावा गुजरात से वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी, महाराष्ट्र से भारती प्रवीण पवार, मध्य प्रदेश से लाल सिंह आर्य, कर्नाटक से एम. नागराज, उत्तर प्रदेश से तारिक मंसूर और पश्चिम बंगाल से मधुचंदा कर को भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है.
अनिल बलूनी को संचार रणनीति की जिम्मेदारी
अनिल बलूनी को पार्टी की संचार रणनीति के मीडिया समन्वयक की जिम्मेदारी दी है. उनके साथ संयुक्त समन्वयक के तौर पर आशीष उषा अग्रवाल, प्रदीप भंडारी और सिद्धार्थ यादव काम करेंगे. दीपक म्हास्के को बीजेपी का सोशल मीडिया समन्वयक बनाया गया है. उनके साथ संयुक्त समन्वयक के तौर पर प्रीति गांधी, शिवानंद द्विवेदी, आलोक भट्ट और अरुण यादव काम करेंगे.
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