एक्सप्लोरर

एक पारसी देश से कैसे मुस्लिम राष्ट्र बना ईरान? जान लीजिए पूरी टाइमलाइन

ईरान और इजरायल के बीच चल रहा संघर्ष इस समय भारत समेत दुनिया के लिए संकट का विषय बना हुआ है, क्योंकि अगर यह आगे बढ़ता है तो कच्चे तेल के दाम आसमान पर पहुंच जाएंगे.

ईरान और इजरायल के बीच चल रहा तनाव पूरी दुनिया के लिए चिंता का कारण बन गया है. इजरायल ने शुक्रवार 13 जून को ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों के साथ- साथ सैन्य ठिकानों को करीब 200 फाइटर जेट के साथ निशाना बनाया. 14 जून को ईरान ने इस हमले का करारा जवाब देते हुए, इजरायल के तेल अबीव और अन्य प्रमुख ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन की बारिश कर दी. इनमें से कुछ मिसाइलें इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देकर अपने टारगेट को हिट कर गईं. 

दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव दुनिया के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है. माना जा रहा है कि अगर तनाव आगे बढ़ता है तो कच्चे तेल का दाम तेजी के साथ ऊपर जाएगा और पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर इसका असर देखने को मिलेगा. इस तनाव से इतर चलिए आपको बताते हैं कि जो ईरान पहले पारसियों का गढ़ हुआ करता था वह इतना कट्टर शिया देश कैसे बन गया. 

कैसे पारसी से बना इस्लामिक राष्ट्र 

ईरान की सीमा समय के साथ घटती और बढ़ती रही है, खासकर अगर आज के ईरान और प्राचीन काल के ईरान की बात करें तो सिकंदर से लेकर तुर्क और अरब देश के आक्रमणकारियों ने इसको अपना निशाना बनाया. बताया जाता है कि 7वीं शताब्दी में अरब के खलीफाओं ने जब अपनी सीमा का विस्तार किया तो उन्होंने ईरान के आसपास के देशों पर अधिकार करने के साथ ईरान को भी अपने नियंत्रण में ले लिया. 8वीं शताब्दी तक पारसी बहुसंख्यक देश ईरान में इस्लामिक कानूनों को कड़ाई से लागू किया जाने लगा, बड़े स्तर पर धर्मान्तरण किया गया और जिन्होंने मना किया उनको सजा दी गई. लाखों पारसी अपनी जान बचाकर पूरब की तरफ पलायन कर गए, उनमें से कुछ भारत आकर बस गए. तुर्क और अरबों के फतह के बाद ईरानियों ने इस्लाम धर्म को अपना लिया और खुद को शिया मुस्लिम बनाकर अपने वजूद को बचाया. 

इस्लामिक क्रांति से है ईरान की कट्टरता का नाता 

ईरान में इस्लाम को लेकर कट्टरता इस्लामिक क्रांति के साथ आई. यहां इस्लामिक क्रांति की शुरुआत 1979 में हुई थी, जिसने ईरान के शासक शाह मोहम्मद रजा पहलवी को सत्ता से बेदखल कर दिया. इस तरह ईरान में अयातुल्लाह रुहोल्लाह खुमैनी के नेतृत्व में एक धार्मिक गणतंत्र की स्थापना हुई. शाह 1941 से सत्ता में थे, लेकिन उनको ईरान में मौजूद धार्मिक नेताओं के विरोध का सामना करना करना पड़ता था. इस विरोध की आवाज को दबाने के लिए शाह ने लगातार ईरान से इस्लाम की भूमिका को कम करने, इस्लाम से पहले ईरानी सभ्यता की उपलब्धियां गिनाने और आधुनिक राष्ट्र बनाने के लिए कई कदम उठाए. हालांकि, शाह का ईरान को आधुनिक राष्ट्र बनाने का विचार ईरानी लोगों की समझ में नहीं आया और इस्लामिक धर्मगुरू उनसे चिढ़कर उनको अमेरिका का पिट्ठू कहने लगे. क्रांति के शुरुआती चरण में शाह ने इसको दबाने की पूरी कोशिश की.

यातुल्लाह रुहोल्लाह खुमैनी को गिरफ्तार करके देश से निकाल दिया गया लेकिन,  सबसे बड़ी घटना तब घटी जब ईरानी सरकारी मीडिया ने खुमैनी के खिलाफ आपत्तिजनक कहानियां छापी. फिर क्या था, ईरान के लोग भड़क उठे और दिसबर 1978 में करीब बीस लाख लोग शाह के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए शाहयाद चौक में इकठ्ठा हुए. सेना ने सरकार के आदेश के बाद भी इस बार लोगों पर कार्रवाई करने से मना कर दिया. प्रधानमंत्री के कहने पर ईरान के शाह और उनके परिवार ने ईरान छोड़ दिया और बाद में सभी बंदियों को रिहा करते हुए खुमैनी को भी ईरान बुला लिया गया. इस तरह खुमैनी की अगुवाई में ईरान में अंतरिम सरकार का गठन हुआ और ईरान के पहले सुप्रीम लीडर रुहोल्लाह खुमैनी बने. 

इसे भी पढ़ें- मौत की घंटी से कम नहीं है रूस का डूम्सडे रेडियो स्टेशन, इसके एक्टिव होने पर मचती है तबाही

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

अदार पूनावाला पारसी तो शहजाद पूनावाला मुसलमान कैसे? दोनों का धर्म अलग क्यों?
अदार पूनावाला पारसी तो शहजाद पूनावाला मुसलमान कैसे? दोनों का धर्म अलग क्यों?
शहजाद पूनावाला की कितनी है नेटवर्थ, कहां-कहां से होती है कमाई?
शहजाद पूनावाला की कितनी है नेटवर्थ, कहां-कहां से होती है कमाई?
Delhi Laxmi Yojana 2026: दिल्ली में लक्ष्मी योजना शुरू, जानें कहां मिलता है सबसे ज्यादा पैसा?
दिल्ली में लक्ष्मी योजना शुरू, जानें कहां मिलता है सबसे ज्यादा पैसा?
मच्छर काटने जितना दर्द, मिलती है सीधे मौत; कितना खतरनाक कॉमन करैत?
मच्छर काटने जितना दर्द, मिलती है सीधे मौत; कितना खतरनाक कॉमन करैत?

वीडियोज

Pakistan में छाया Ramayana Trailer, Ranbir Kapoor, Yash और Sai Pallavi की हो रही तारीफ
Ramayana Trailer के बाद Kangana Ranaut का पुराना Sita लुक चर्चा में, एक पोस्ट से मचा बवाल
Kiara Advani ने Toxic Controversy पर तोड़ी चुप्पी, Yash की फिल्म का किया बचाव
Ramayana Trailer में Lord Vishnu कौन? Ranbir Kapoor, Mahesh Babu या Saurabh Raj Jain
Aaradhya Bachchan को था Ranbir Kapoor पर Crush, Aishwarya Rai ने बताया मजेदार किस्सा

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
CJP प्रदर्शन के दौरान दिल्ली दहलाने की साजिश! जैश आतंकी की गर्लफ्रेंड भी गिरफ्तार
CJP प्रदर्शन के दौरान दिल्ली दहलाने की साजिश! जैश आतंकी की गर्लफ्रेंड भी गिरफ्तार
महाराष्ट्र के कई जिलों में बारिश का अलर्ट, तेज हवाएं चलने की चेतावनी
महाराष्ट्र के कई जिलों में बारिश का अलर्ट, तेज हवाएं चलने की चेतावनी
IPL ट्रेड की खबरों के बीच नए लुक में दिखे हार्दिक पांड्या, GF भी थी साथ
IPL ट्रेड की खबरों के बीच नए लुक में दिखे हार्दिक पांड्या, GF भी थी साथ
विजय वर्मा का कास्टिंग काउच पर खुलासा, बोले- वो मुझे गलत तरीके से छूने लगा था
विजय वर्मा का कास्टिंग काउच पर खुलासा, बोले- वो मुझे गलत तरीके से छूने लगा था
केरल में भारी बारिश और बाढ़ से 6 लोगों की मौत, 6 लापता, CM ने क्या कहा?
केरल में भारी बारिश और बाढ़ से 6 लोगों की मौत, 6 लापता, CM ने क्या कहा?
तेलंगाना में पति ने पत्नी के हाथ-पैर बांधकर की हत्या, पुलिस का बड़ा खुलासा
तेलंगाना में पति ने पत्नी के हाथ-पैर बांधकर की हत्या, पुलिस का बड़ा खुलासा
PMO Eligibility: PMO में नौकरी कैसे मिलती है, यहां कितनी मिलती है सैलरी?
PMO में नौकरी कैसे मिलती है, यहां कितनी मिलती है सैलरी?
Text Neck Syndrome : मोबाइल की लत बना रही है गर्दन को बूढ़ा, जानें कैसे?
मोबाइल की लत बना रही है गर्दन को बूढ़ा, जानें कैसे?
Embed widget