एक्सप्लोरर

भारत में कहां है इंटरनेट का एंट्री पॉइंट, जानें कौन-कौन से केंद्र संभालते हैं सबसे ज्यादा ट्रैफिक?

आपके मोबाइल तक इंटरनेट आसमान से नहीं, बल्कि समंदर की गहराइयों से आता है. आइए जानें कि भारत में इंटरनेट की एंट्री कहां से होती है और कौन-कौन से केंद्र संभालते हैं सबसे ज्यादा ट्रैफिक.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • मुंबई और चेन्नई मुख्य केंद्र हैं जो सबसे ज्यादा इंटरनेट ट्रैफिक संभालते हैं.

आज के समय में सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक हम पूरी तरह से इंटरनेट पर निर्भर हैं. चाहे कोई छोटी सी जानकारी लेनी हो या फिर दोस्तों से बात करनी हो, बिना इंटरनेट के जिंदगी थम सी जाती है, लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि जिस इंटरनेट का आप दिन-रात इस्तेमाल करते हैं, वो आखिर हमारे देश में घुसता कहां से है? यह हवा से नहीं आता, बल्कि इसका एक मजबूत फिजिकल नेटवर्क है. आइए जानते हैं ये पूरा सिस्टम कैसे काम करता है.

1995 में खुला था इंटरनेट का दरवाजा

भारत में इंटरनेट का सफर काफी दिलचस्प रहा है. अगर आधिकारिक शुरुआत की बात करें तो हमारे देश में 15 अगस्त 1995 को पहली बार आम लोगों के लिए इंटरनेट लॉन्च किया गया था. इस बड़ी जिम्मेदारी को सरकारी कंपनी विदेश संचार निगम लिमिटेड ने उठाया था. हालांकि, ऐसा नहीं है कि इससे पहले देश में इंटरनेट बिल्कुल नहीं था. आम जनता के इस्तेमाल से काफी पहले एजुकेशनल रिसर्च नेटवर्क के जरिए सिर्फ पढ़ाई और रिसर्च के कामों के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा था. यह वो दौर था जब इंटरनेट आज की तरह हर जेब में नहीं, बल्कि कुछ खास संस्थानों तक ही सीमित था.

किस रास्ते आता है सारा डेटा?

अक्सर लोगों को लगता है कि इंटरनेट शायद सैटेलाइट या हवा के जरिए हम तक पहुंचता है, लेकिन यह सच नहीं है. असलियत यह है कि भारत समेत पूरी दुनिया में इंटरनेट समंदर के नीचे बिछी हुई हाई कैपेसिटी फाइबर-ऑप्टिक केबलों के जरिए काम करता है. समंदर की गहराइयों में बिछी ये केबल दुनिया भर के कंप्यूटरों और सर्वरों को एक-दूसरे से जोड़ने का काम करती हैं. यह एक ग्लोबल नेटवर्क है. जब भी आप अपने फोन पर कुछ सर्च करते हैं, तो आपका डेटा इन्हीं केबलों के जरिए समंदर पार स्थित सर्वरों तक जाता है और वहां से जानकारी लेकर चंद सेकंड्स में आपकी स्क्रीन पर लौट आता है.

यह भी पढ़ें: US Military Rescue: दुश्मनों के कब्जे से अपने सैनिक कैसे निकालता है अमेरिका, किन तरीकों का होता है इस्तेमाल?

17 केबलों से होती है भारत में एंट्री

अब सवाल यह उठता है कि समंदर में बिछी ये केबल आखिर जमीन पर कहां आती हैं? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमारे देश भारत में इंटरनेट मुख्य रूप से 17 अंतरराष्ट्रीय पनडुब्बी यानी सबमरीन केबलों के जरिए पहुंचता है. ये 17 केबल समंदर से निकलकर भारत के अलग-अलग तटीय इलाकों में उतरती हैं. जिन जगहों पर ये केबल जमीन से जुड़ती हैं, उन्हें केबल लैंडिंग स्टेशन कहा जाता है. भारत में ये अहम स्टेशन देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के अलावा चेन्नई, कोचीन, तूतीकोरिन और त्रिवेंद्रम जैसे शहरों में बनाए गए हैं. इन्हीं स्टेशनों से इंटरनेट पूरे देश के नेटवर्क में बांटा जाता है.

कौन संभालता है सबसे ज्यादा ट्रैफिक?

यूं तो भारत के कई तटीय शहरों में केबल लैंडिंग स्टेशन हैं, लेकिन इंटरनेट के भारी-भरकम ट्रैफिक को संभालने में दो शहरों का रोल सबसे बड़ा है. पूरे भारत का सबसे ज्यादा इंटरनेट डेटा दो मुख्य केंद्रों से होकर गुजरता है- इसमें पहला नाम मुंबई का है, जो पश्चिमी तट पर है और दूसरा बड़ा केंद्र दक्षिण भारत का चेन्नई शहर है. देश के करोड़ों लोगों के डेटा की आवाजाही को बिना किसी रुकावट के चलाने का सबसे मुश्किल काम इन्हीं दो शहरों के सिस्टम संभालते हैं.

एशिया और यूरोप से ऐसे जुड़ा है भारत

भारत को दुनिया के बाकी हिस्सों से जोड़ने के लिए समंदर के नीचे कई खास रूट बनाए गए हैं. अगर हम भारत के प्रमुख इंटरनेट केबल मार्गों की बात करें तो इसमें कई बड़े नाम शामिल हैं. इन अंडरवॉटर केबल रास्तों को SEA-ME-WE-4, SEA-ME-WE-5, I-ME-WE और Falcon के नाम से जाना जाता है. ये भारी-भरकम क्षमता वाली लाइनें ही हैं जो भारत को सीधे यूरोप और एशिया के बाकी देशों से कनेक्ट करती हैं. इन्हीं रास्तों की बदौलत हम विदेशी वेबसाइट्स और ऐप्स का इतनी तेजी से इस्तेमाल कर पाते हैं.

कहां हैं सबसे ज्यादा इंटरनेट चलाने वाले लोग?

अगर साल 2025 के ताजा आंकड़ों पर नजर डालें, तो भारत में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की कुल संख्या 950 मिलियन यानी 95 करोड़ के विशाल आंकड़े को छू चुकी है. पूरे देश में सबसे ज्यादा इंटरनेट चलाने वाले लोग उत्तर प्रदेश में रहते हैं. अकेले यूपी राज्य में इंटरनेट यूजर्स की संख्या करीब 13 करोड़ के पार पहुंच गई है. यह आंकड़ा बताता है कि समंदर के रास्ते आने वाला यह इंटरनेट आज देश के कोने-कोने की जरूरत बन गया है.

यह भी पढ़ें: Whiskey War: न गोला न बारूद…व्हिस्की से 38 साल तक दो देशों ने लड़ी दुनिया की सबसे अजीबोगरीब जंग

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

How Matchstick Invented Unexpectedly: एक इंसानी गलती की वजह से हुआ था माचिस का आविष्कार, जान लें इसका पूरा इतिहास
एक इंसानी गलती की वजह से हुआ था माचिस का आविष्कार, जान लें इसका पूरा इतिहास
Emergency Alert System: सरकार ने लोगों के मोबाइल पर भेजा मौसम का अलर्ट, जानें दुनिया में किसके पास है सबसे तगड़ा वार्निंग सिस्टम?
सरकार ने लोगों के मोबाइल पर भेजा मौसम का अलर्ट, जानें दुनिया में किसके पास है सबसे तगड़ा वार्निंग सिस्टम?
Vaibhav Sooryavanshi: वैभव सूर्यवंशी का बल्ला कितने किलो का, जानें सबसे भारी बल्ले से कौन खेलता था?
वैभव सूर्यवंशी का बल्ला कितने किलो का, जानें सबसे भारी बल्ले से कौन खेलता था?
Monsoon Mandir: कानपुर का ये मंदिर करता है मौसम की भविष्यवाणी, जानें कैसे पता चलता है कब आएगा मानसून?
कानपुर का ये मंदिर करता है मौसम की भविष्यवाणी, जानें कैसे पता चलता है कब आएगा मानसून?
Advertisement

वीडियोज

Sansani | Terror Plot Exposed: कराची से रची साजिश और दिल्ली-पंजाब पर हमले का 'ब्लूप्रिंट'!
DR. Aarambhi: Vishwas की नई चाल का मोहरा बना Raj, पर Aarambhi का बदला रूप उड़ाएगा होश!
Bollywood News: माधुरी दीक्षित का AI Deepfake वीडियो वायरल, फर्जी लुक पर मचा बवाल, सोशल मीडिया पर नई बहस (30.05.26)
Karan Johar ने Shah Rukh Khan-Alia Bhatt समेत कई सितारों को किया unfollow, फिर दी सफाई
Weather Update: उत्तर भारत में मौसम का कहर जारी, कई हादसों में मौतें और भारी नुकसान | Breaking News
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
ईरान के साथ समझौते पर बातचीत के बीच डोनाल्ड ट्रंप का हुआ हेल्थ चेकअप, जानें क्या आई रिपोर्ट
ईरान के साथ समझौते पर बातचीत के बीच डोनाल्ड ट्रंप का हुआ हेल्थ चेकअप, जानें क्या आई रिपोर्ट
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर तेजस्वी यादव बोले- 'दुर्भाग्य है कि सत्ता में...'
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर तेजस्वी यादव बोले- 'दुर्भाग्य है कि सत्ता में...'
बारिश के कारण रद्द हुआ IPL 2026 का फाइनल, तो RCB या GT में किसे मिलेगी ट्रॉफी? जानें नियम
बारिश के कारण रद्द हुआ IPL 2026 का फाइनल, तो RCB या GT में किसे मिलेगी ट्रॉफी? जानें नियम
राम चरण ही नहीं, सलमान-शाहरुख खान तक बॉडीगार्ड पर पानी की तरह पैसा बहाते हैं स्टार्स, करोड़ों में है सैलरी
राम चरण ही नहीं, सलमान-शाहरुख खान तक बॉडीगार्ड पर पानी की तरह पैसा बहाते हैं स्टार्स, करोड़ों में है सैलरी
राजस्थान से दिल्ली तक अचानक वाइब्रेट करने लगे मोबाइल, किस लिए आया ये अलर्ट?
राजस्थान से दिल्ली तक अचानक वाइब्रेट करने लगे मोबाइल, किस लिए आया ये अलर्ट?
Karnataka: डीके शिवकुमार चुने गए विधायक दल के नेता, पूर्व CM सिद्धारमैया की आई पहली प्रतिक्रिया, जानें क्या कहा
डीके शिवकुमार चुने गए विधायक दल के नेता, पूर्व CM सिद्धारमैया की आई पहली प्रतिक्रिया, जानें क्या कहा
बेकार पड़ी बंजर जमीन भी बना देगी अमीर, बाजार में 1000 रुपये किलो बिकता है इसका गोंद
बेकार पड़ी बंजर जमीन भी बना देगी अमीर, बाजार में 1000 रुपये किलो बिकता है इसका गोंद
Bikaner: दिन में छाया अंधेरा! बीकानेर में धूल के तूफान की ‘दीवार’ ने मचाई दहशत, वीडियो देख सहमे लोग
दिन में छाया अंधेरा! बीकानेर में धूल के तूफान की ‘दीवार’ ने मचाई दहशत, वीडियो देख सहमे लोग
Embed widget