Emergency Alert System: सरकार ने लोगों के मोबाइल पर भेजा मौसम का अलर्ट, जानें दुनिया में किसके पास है सबसे तगड़ा वार्निंग सिस्टम?
Emergency Alert System: भारत में अचानक ही लोगों के फोन में एक इमरजेंसी सायरन बजने लगा. यह इमरजेंसी सायरन मौसम से जुड़ी चेतावनी के लिए था. आइए जानते हैं इस बारे में पूरी जानकारी.

- भारत के कई हिस्सों में अचानक फोन पर बजे इमरजेंसी अलर्ट.
- जापान का J-Alert सिस्टम अपनी गति, ऑटोमेशन के लिए प्रसिद्ध.
- अमेरिका का WEA सिस्टम राष्ट्रपति अलर्ट भी भेज सकता है.
- भारत का SACHET सिस्टम सेल ब्रॉडकास्ट से भेजता अलर्ट.
- इजरायल का सिस्टम हवाई हमलों के लिए सटीक चेतावनी देता है.
Emergency Alert System: भारत के कई हिस्सों में अचानक ही लोगों के फोन में एक इमरजेंसी अलर्ट बज उठा. फोन से अचानक जोरदार सायरन बजने लगा और साथ ही मौसम से जुड़ी आपातकालीन चेतावनी भी आई. चेतावनी में तूफान, बिजली गिरने, भारी बारिश और तेज हवाओं के बारे में आगाह किया गया था. इसी बीच आइए जानते हैं कि दुनिया का सबसे एडवांस्ड वार्निंग सिस्टम किस देश के पास है.
जापान का J-Alert सिस्टम
जापान का चेतावनी तंत्र अपनी रफ्तार, ऑटोमेशन और पूरे देश में एकीकरण की वजह से विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त है. यह सिस्टम सीधे उपग्रहों, भूकंपीय सेंसरों, मौसम रडार और पूरे देश में फैले समुद्री निगरानी तंत्र से जुड़ा होता है. जैसे ही किसी भूकंप या फिर सुनामी का पता चलता है जापान भर में टेलीविजन, रेडियो स्टेशन, मोबाइल फोन, सार्वजनिक लाउडस्पीकर और सरकारी तंत्रों तक तुरंत चेतावनी भेज दी जाती है. जापान के सिस्टम की सबसे खास विशेषता यह है कि यह ऑटोमेशन पर काम करता है. बुलेट ट्रेन तुरंत अपना परिचालन रोक देती हैं, फैक्ट्री की गैस पाइपलाइन अपने आप बंद हो जाती हैं और लिफ्ट सबसे नजदीकी मंजिल पर जाकर रुक जाती है.
अमेरिका का वायरलेस आपातकालीन चेतावनी तंत्र
संयुक्त राज्य अमेरिका भी अपने वायरलेस इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम के जरिए से दुनिया के सबसे मजबूत सार्वजनिक चेतावनी तंत्रों में से एक का संचालन करता है. इस सिस्टम का प्रबंधन FEMA यानी फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी द्वारा किया जाता है. यह सिस्टम तूफान, बाढ़, जंगल की आग, आतंकवादी खतरों या राष्ट्रीय आपात स्थितियों के दौरान सीधे मोबाइल फोन पर आपातकालीन सूचनाएं भेज सकता है.
इसका सबसे शक्तिशाली फीचर प्रेसिडेंशियल अलर्ट तंत्र है. इन अलर्ट्स को यूजर्स ब्लॉक या फिर डिसएबल नहीं कर सकते और इन्हें इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह प्रभावित इलाकों में हर कंपैटिबल मोबाइल फोन तक पहुंच सकें.
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भारत का SACHET अलर्ट सिस्टम
भारत ने बीते कुछ सालों में अपना आपदा चेतावनी इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से अपग्रेड किया है. देश का नया SACHET सिस्टम जिसे सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स ने डेवलप किया है, इमरजेंसी अलर्ट्स को सीधे मोबाइल डिवाइस पर भेजने के लिए सेल ब्रॉडकास्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है. आम मैसेज के उलट सेल ब्रॉडकास्ट टेक्नोलॉजी किसी खास इलाके में लाखों फोन पर एक साथ फ्लैश अलर्ट भेज सकती है. वह भी बिना किसी नेटवर्क जाम या फिर देरी के. भारत का सिस्टम 21 से ज्यादा क्षेत्रीय भाषाओं को सपोर्ट करता है. इसमें हिंदी और अंग्रेजी भी शामिल हैं.
इजरायल का सिस्टम
इजरायल ने हवाई हमलों, रॉकेट और मिसाइल हमले से निपटने के लिए नेशनल इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल सिस्टम को डिजाइन किया है. इनका सिस्टम इतना सटीक है कि यह पूरे देश के बजाय सिर्फ उस खास मोहल्ले या फिर गली के लोगों के फोन पर अलर्ट भेजता है जहां रॉकेट गिरने का खतरा होता है. इस रेड अलर्ट के नाम से भी जाना जाता है.
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