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India Pralay Missile: चीन और पाकिस्तान बॉर्डर पर तैनात भारत की 'प्रलय' मिसाइल, इससे क्यों खौफ खाते हैं चीन और पाक

India Pralay Missile: भारत ने चीन और पाकिस्तान की सीमा पर प्रलय मिसाइल को तैनात करने को मंजूरी दे दी है. इसी बीच आइए जानते हैं कि यह मिसाइल कितनी खतरनाक है.

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  • भारत ने चीन-पाक सीमा पर प्रलय मिसाइल तैनाती को मंजूरी दी।
  • इसकी क्वाजी-बैलिस्टिक, हाइपरसोनिक गति इसे रोकना मुश्किल बनाती है।
  • मिसाइल मजबूत सैन्य ठिकानों और बंकरों को नष्ट करने में सक्षम है।
  • सॉलिड फ्यूल इसे तुरंत लॉन्च के लिए तैयार रखता है।

India Pralay Missile: भारत ने चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर अपनी स्वदेशी प्रलय मिसाइल को तैनात करने की मंजूरी दे दी है. इस कदम से देश की टैक्टिकल स्ट्राइक क्षमता काफी ज्यादा मजबूत हो चुकी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मिसाइल दोनों पड़ोसी देशों के लिए चिंता का विषय बन गई है. ऐसा इसलिए क्योंकि इस मिसाइल का सटीक निशाना, क्वाजी बैलिस्टिक टेक्नोलॉजी, हाइपरसोनिक स्पीड और मजबूत सैन्य ठिकानों को नष्ट करने की क्षमता काफी मजबूत है. चीन के साथ लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल और पाकिस्तान के साथ लाइन ऑफ कंट्रोल पर इसकी तैनाती से दोनों देशों की रणनीतिक सोच पर असर पड़ने की उम्मीद है.

क्वाजी बैलिस्टिक टेक्नोलॉजी की वजह से इसे रोकना मुश्किल 

प्रलय मिसाइल की सबसे बड़ी खूबियों में से एक इसकी क्वाजी बैलिस्टिक टेक्नोलॉजी है. आमतौर पर एक बैलिस्टिक मिसाइल एक तय रास्ते पर ही चलती है लेकिन प्रलय अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ते हुए अपना रास्ता बदल सकती है. लक्ष्य के करीब पहुंचने पर यह अपनी दिशा बदल सकती है. इस वजह से दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इसकी चाल का अंदाजा लगाना काफी मुश्किल हो जाता है. यही वजह है कि चीन के S-400 नेटवर्क या फिर पाकिस्तान के मिसाइल डिफेंस सिस्टम जैसे एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इस मिसाइल को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले रोकना काफी मुश्किल हो जाता है. 

हाइपरसोनिक स्पीड 

प्रलय मिसाइल लगभग मैक 6 या फिर 7500 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है. इतनी तेज रफ्तार होने की वजह से दुश्मन के रडार सिस्टम को मिसाइल के लक्ष्य तक पहुंचने से पहले उसे पहचानने, ट्रैक करने और उस पर प्रतिक्रिया देने के लिए काफी कम समय मिलता है. सीमा के पास तैनात होने पर यह मिसाइल कुछ ही मिनट के अंदर सैन्य ठिकाने पर हमला कर सकती है. 

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बंकर और सैन्य ठिकानों को नष्ट करने के लिए डिजाइन की गई 

यह मिसाइल 350 किलोग्राम से 1000 किलोग्राम वजन वाले पारंपरिक वॉरहेड ले जाने में सक्षम है. इससे यह मजबूत सैन्य बुनियादी ढांचे को नष्ट कर सकती है. चीन के साथ संघर्ष की स्थिति में प्रलय का हाई एक्सप्लोसिव वॉरहेड तिब्बत और लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल के पास पहाड़ी इलाकों में बने मजबूत बंकर, कमांड सेंटर और हथियारों के डिपो में गहराई तक घुसकर हमला कर सकता है.

सॉलिड फ्यूल से तुरंत लॉन्च

प्रलय मिसाइल की एक और खासियत यह है कि इसमें सॉलिड प्रोपेलेंट का इस्तेमाल किया गया है. लिक्विड फ्यूल वाली मिसाइल के उलट सॉलिड फ्यूल मिसाइल को लंबे समय तक स्टोर करके रखा जा सकता है और यह तुरंत इस्तेमाल के लिए तैयार रहती हैं. इससे भारतीय सशस्त्र बलों को ऑपरेशन के दौरान लंबी तैयारी के बिना मिसाइल को तेजी से लॉन्च करने में मदद मिलेगी.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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