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e-SIM Benefits: सिम कार्ड पोर्ट हटाने से कितना हल्का हो जाता है स्मार्टफोन? iPhone ने किया है यह प्रयोग

e-SIM Benefits: स्मार्टफोंस की टेक्नोलॉजी समय के साथ और भी बेहतर होती जा रही है. आज हम जानेंगे कि क्या फोन में से सिम कार्ड ट्रे हटा देने से क्या स्मार्टफोन हल्का हो जाता है. आइए जानते हैं.

e-SIM Benefits: स्मार्टफोन डिजाइन की टेक्नोलॉजी में लगातार विकास हो रहा है. निर्माता वक्त के साथ-साथ गैजेट्स की तकनीक में बदलाव कर रहे हैं. फिर चाहे वह बदलाव स्लीक डिजाइन के जरिए हो या फिर बेहतर प्रदर्शन के माध्यम से. एक ऐसा ही बदलाव एप्पल ने कई सालों पहले किया था. वह बदलाव था पारंपरिक सिम कार्ड पोर्ट को हटाकर ई-सिम का इस्तेमाल करना. लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या इस बदलाव के बाद फोन के वजन में कोई खास अंतर आया या फिर नहीं. आइए जानते हैं.

क्या होता है सिम कार्ड पोर्ट हटाने से 

सिम कार्ड ट्रे हटाने से स्मार्टफोन के कुल वजन में कोई खास कमी नहीं आती. दरअसल वजन का अंतर इतना कम होता है कि यूजर को इसका पता तक नहीं चलता. सिम कार्ड ट्रे और सिम कार्ड का वजन मिलाकर सिर्फ कुछ ग्राम होता है. लेकिन डिवाइस के डिजाइन और कार्य क्षमता पर इसका काफी बड़ा प्रभाव पड़ता है. दरअसल ई सिम की मदद से उपयोगकर्ता अपने सेल्यूलर डाटा प्रोफाइल को डिजिटल रूप से स्टोर कर सकते हैं. इससे काफी ज्यादा फायदे होते हैं. 

ई सिम के फायदे

सबसे पहले तो सिम ट्रे को हटाकर स्मार्टफोन निर्माता खाली जगह का इस्तेमाल आंतरिक व्यवस्था को और भी बेहतर बनाने के लिए कर सकते हैं. खाली जगह का सही इस्तेमाल होने पर फोन का डिजाइन पतला, ज्यादा कॉम्पैक्ट और आकर्षक बनाया जा सकता है. इसी के साथ सिम कार्ड ट्रे को हटाकर बेहतर बैटरी, कैमरा या फिर बाकी जरूरी सुविधाओं के लिए ज्यादा जगह मिलती है.

इसके अलावा सिम कार्ड ट्रे को हटाने का एक सबसे बड़ा फायदा यह है कि फोन को वॉटर रेजिस्टेंट करने में मदद मिलती है. यानी की सिम ट्रे एक कमजोर कड़ी होती है जहां से धूल और नमी फोन में जा सकती है. ट्रे के बिना फोन की सीलिंग और ज्यादा सुरक्षित हो जाती है. यह काफी ज्यादा जरूरी है क्योंकि स्मार्टफोन और ज्यादा जलरोधी और मजबूत हो जाते हैं. 

इसका एक और फायदा यह है की एक अतिरिक्त सिम कार्ड स्लॉट की जरूरत के बिना ड्यूल सिम फंक्शनैलिटी मिल जाती है. दरअसल नए स्मार्टफोन कई ई सिम प्रोफाइल स्टोर कर सकते हैं. इसका मतलब है कि उपयोगकर्ता बिना सिम कार्ड को बदले अलग-अलग नंबर और यहां तक की अलग-अलग वाहकों के बीच भी आसानी से स्विच कर सकते हैं. यह उन लोगों के लिए काफी फायदेमंद होता है जिन्हें एक ही डिवाइस पर व्यक्तिगत और व्यावसायिक नंबर अलग-अलग रखने की जरूरत होती है.

इसके अलावा इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि ई सिम को आसानी से हटाया या फिर बदला नहीं जा सकता. इसका मतलब यह है कि चोर के लिए आपके सिम को निकाल कर किसी दूसरे डिवाइस में इस्तेमाल करना असंभव है. 

iPhone के मॉडल में हुआ था बदलाव 

एप्पल ने 2018 में iPhoneXS, iPhone XS Max और iPhone XR मॉडल के साथ ई सिम सपोर्ट देना शुरू किया था. इन मॉडल में पारंपरिक फिजिकल सिम कार्ड ट्रे की भी व्यवस्था थी. इससे ड्यूल सिम सुविधा संभव हुई. बाद के मॉडल में ई सिम सपोर्ट मिलना जारी रहा और कुछ नए मॉडल जैसे कि अमेरिका में iPhone 14 और 15 मैं सिर्फ ई सिम की सुविधा दी जाने लगी. सिम कार्ड ट्रे को हटाने के बाद वजन में कोई खास कमी नहीं आती लेकिन मॉडल के डिजाइन में सुधार हो सकता है.

यह भी पढ़ें: किसने डिजाइन किया था ऑडी का आइकॉनिक साइन, इसके लिए कितना किया था चार्ज 

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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